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प्राध्यापकों को पहाड़ चढ़ाने की परीक्षा से गुजरेंगे उच्चशिक्षा मंत्री
Updated Sat, 26 May 2018 02:12 AM IST
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हल्द्वानी। राजकीय महाविद्यालयों में लंबे समय से एक स्थान पर जमे प्राध्यापकों और कर्मचारियों के तबादले की तैयारी शुरू कर दी गई है। प्रभावित होने वालों में सबसे अधिक मैदानी कॉलेजों के प्राध्यापक ही हैं। तबादले की इस कवायद में अब उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत की भी परीक्षा होनी है।
प्रदेश में संचालित 100 डिग्री कॉलेजों में 1026 नियमित प्राध्यापक और 904 नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं। स्थानांतरण प्रक्रिया में सबसे अधिक ऐसे प्राध्यापक और कर्मचारी प्रभावित होंगे जिनकी चार वर्ष की सेवा सुगम क्षेत्र के राजकीय महाविद्यालयों में पूरी हो चुकी है। स्थानांतरण की गाज 15 वर्षों से एक ही महाविद्यालय में जमे प्राध्यापकों पर सबसे पहले गिरेगी। तबादले की इस तैयारी को उच्चशिक्षामंत्री डा. धनसिंह रावत की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।
उच्चशिक्षा निदेशालय में गठित स्थानांतरण कमेटी प्राध्यापकों की ओर से दिए गए विकल्प पत्र के आधार पर उनके नाम छांटने में जुटी है। जिन महाविद्यालयों के प्राध्यापकों और कार्मिकों के स्थानांतरण फार्म एवं विकल्प नहीं भेजे गए हैं उन्हें निदेशालय ने कड़ा पत्र भेजा है।
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उच्चशिक्षा निदेशक डा. सविता मोहन ने कहा कि निदेशालय स्तर पर स्थानांतरण समिति प्राचार्य, प्राध्यापक एवं शिक्षणेत्तर कार्मिकों के स्थानांतरण आवेदन पत्रों का परीक्षण कर रही है। लंबे समय से एक ही स्थान पर ठहराव वाले प्राध्यापकों और कार्मिकों का पहले चरण में स्थानांतरण होगा।
तबादले की प्रक्र्रिया जारी, सबसे अधिक मैदानी क्षेत्र के प्राध्यापक प्रभावित
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प्रदेश में संचालित 100 डिग्री कॉलेजों में 1026 नियमित प्राध्यापक और 904 नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं। स्थानांतरण प्रक्रिया में सबसे अधिक ऐसे प्राध्यापक और कर्मचारी प्रभावित होंगे जिनकी चार वर्ष की सेवा सुगम क्षेत्र के राजकीय महाविद्यालयों में पूरी हो चुकी है। स्थानांतरण की गाज 15 वर्षों से एक ही महाविद्यालय में जमे प्राध्यापकों पर सबसे पहले गिरेगी। तबादले की इस तैयारी को उच्चशिक्षामंत्री डा. धनसिंह रावत की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।
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उच्चशिक्षा निदेशालय में गठित स्थानांतरण कमेटी प्राध्यापकों की ओर से दिए गए विकल्प पत्र के आधार पर उनके नाम छांटने में जुटी है। जिन महाविद्यालयों के प्राध्यापकों और कार्मिकों के स्थानांतरण फार्म एवं विकल्प नहीं भेजे गए हैं उन्हें निदेशालय ने कड़ा पत्र भेजा है।
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उच्चशिक्षा निदेशक डा. सविता मोहन ने कहा कि निदेशालय स्तर पर स्थानांतरण समिति प्राचार्य, प्राध्यापक एवं शिक्षणेत्तर कार्मिकों के स्थानांतरण आवेदन पत्रों का परीक्षण कर रही है। लंबे समय से एक ही स्थान पर ठहराव वाले प्राध्यापकों और कार्मिकों का पहले चरण में स्थानांतरण होगा।
तबादले की प्रक्र्रिया जारी, सबसे अधिक मैदानी क्षेत्र के प्राध्यापक प्रभावित