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अब अंडर ग्राउंड केबल फुंकने पर नो टेंशन
Updated Mon, 16 Apr 2018 01:45 AM IST
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जगह-जगह बिखरे पड़े है केबल और जक्शन बाक्स।
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हल्द्वानी। अब भूमिगत केबल फुंकने पर बिजली आपूर्ति का टेंशन नहीं होगा। 220 केवी कमलुवागांजा से 33केवी की नई (ओवरहेड) लाइन कठघरिया उपकेंद्र के लिए तैयार हो गई है। लाइन के इस माह के अंत तक या मई पहले सप्ताह में शुरू होने की संभावना है।
कठघरिया उपकेंद्र को 33 केवी की अंडरग्राउंड लाइन आती है। पिछले साल भूमिगत केबल फुंकने के कारण कठघरिया उपकेंद्र से निकलने वाले सभी फीडर ठप हो गए थे। काफी मशक्कत के बाद भी आपूर्ति सुचारू न होने पर 33केवी कमलुवागांजा से लाइन को जोड़कर आपूर्ति सुचारु की गई थी। भूमिगत केबल ठीक होने में लगभग एक माह का समय लग गया था। अब 220 केवी कमलुवागांजा से कठघरिया के लिए 33 केवी की एक अलग ओवरहेड लाइन बनाई गई है। वैकल्पिक लाइन बनने के कारण अगर भूमिगत केबल में किसी तरह के दिक्कत आई तो बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होगी। अधिशासी अभियंता ग्रामीण अमित आनंद ने बताया कि लाइन के निर्माण में लगभग 40 लाख रुपये खर्च हुए हैं सौ मीटर की सिर्फ एक केबल डालने का काम शेष रह गया है। इस माह के अंत तक या मई प्रथम सप्ताह तक काम पूरा हो जाएगा।
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कठघरिया उपकेंद्र को 33 केवी की अंडरग्राउंड लाइन आती है। पिछले साल भूमिगत केबल फुंकने के कारण कठघरिया उपकेंद्र से निकलने वाले सभी फीडर ठप हो गए थे। काफी मशक्कत के बाद भी आपूर्ति सुचारू न होने पर 33केवी कमलुवागांजा से लाइन को जोड़कर आपूर्ति सुचारु की गई थी। भूमिगत केबल ठीक होने में लगभग एक माह का समय लग गया था। अब 220 केवी कमलुवागांजा से कठघरिया के लिए 33 केवी की एक अलग ओवरहेड लाइन बनाई गई है। वैकल्पिक लाइन बनने के कारण अगर भूमिगत केबल में किसी तरह के दिक्कत आई तो बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होगी। अधिशासी अभियंता ग्रामीण अमित आनंद ने बताया कि लाइन के निर्माण में लगभग 40 लाख रुपये खर्च हुए हैं सौ मीटर की सिर्फ एक केबल डालने का काम शेष रह गया है। इस माह के अंत तक या मई प्रथम सप्ताह तक काम पूरा हो जाएगा।
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