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आइएसबीटी का काम क्यों रोका, सीएम समेत पांच मंत्रियों के पास नहीं कोई जवाब

Sat, 30 Dec 2017 02:05 AM IST
Updated Sat, 30 Dec 2017 02:05 AM IST
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आइएसबीटी का काम क्यों रोका, सीएम समेत पांच मंत्रियों के पास नहीं कोई जवाब
हल्द्वानी। यहां प्रस्तावित अंतरराज्यीय बस अड्डे का निर्माण रोके जाने के मामले में नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने प्रदेश सरकार को एक माह का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि एक माह में निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ या सरकार ने जगह चिह्नित नहीं की तो वे दस हजार लोगों के साथ भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगी।
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नैनीताल रोड स्थित एक होटल में मीडिया से मुखातिब नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत, परिवहन मंत्री यशपाल आर्य सहित अन्य कई मंत्रियों को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि आइएसबीटी का निर्माण रोकने के मामले में उन्हाेंने परिवहन मंत्री यशपाल आर्य सहित पांच कैबिनेट मंत्रियों से बात की। कोई भी इस सवाल का जवाब नहीं दे पाया कि आखिर निर्माण कार्य क्यों रोका जा रहा है। हारकर उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से बात की। मुख्यमंत्री ने यह तो कहा कि नई जगह खोजी जा रही है लेकिन यह नहीं बता पाए कि आखिरकार निर्माण कार्य क्यों रोका गया। नेता प्रतिपक्ष के मुताबिक भाजपा सरकार को यह बताना चाहिए कि चार मंत्रिमंडल की बैठकों के बाद आखिरकार पांचवीं बैठक में निर्माण कार्य रोकने का प्रस्ताव क्यों लगाया गया। सवाल यह भी है कि बिना नई जगह चिह्नित किए कैसे परियोजना को स्थानांतरित करने का फैसला किया गया।
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ढाई करोड़ खर्च हो गए, 2625 शीशम के पेड़ काट दिए गए
नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा सरकार पर विकास कार्य ठप करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना पूरे कुमाऊं को ध्यान में रखकर बनाई गई थी। नागार्जुन कंपनी जमीन के समतलीकरण पर ढाई करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। वन भूमि का भू उपयोग परिवर्तन और हस्तांतरण किया जा चुका है। इसके बदले में बागेश्वर में जमीन दी जा चुकी है। 11 करोड़ रुपये भी जारी किए गए थे। सरकार को इस सवाल का भी जवाब देना होगा कि अगर आइएसबीटी यहां नहीं बनाना था तो 2625 शीशम के पेड़ किसलिए काटे गए। इंदिरा के मुताबिक वन विभाग वालों से उन्होंने बात की थी। यह साफ हो चुका है कि हल्द्वानी में आइएसबीटी के लिए आवश्यक 80 एकड़ भूमि और कहीं नहीं हैं।
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