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डॉक्टरों के लिए दूसरे दिन भी हल्ला बोल
Updated Thu, 21 Dec 2017 10:53 PM IST
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द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों के रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर बीडीसी सदस्य नारायण अधिकारी का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ विकास की बातें करती है, दूसरी तरफ स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हो चुकी हैं। जनप्रतिनिधियों के आग्रह को भी नहीं सुना जा रहा है। डॉक्टरों के अभाव में द्वाराहाट क्षेत्र की जनता परेशान है। दूसरे दिन भी भारी संख्या में लोग धरने को समर्थन देने पहुंचे।
स्वास्थ्य केंद्र परिसर में आयोजित धरने को समर्थन देने के लिए मोहन सिंह रावत, धन सिंह बिष्ट, विजय बजेठा, रघुवीर सिंह अधिकारी, मनोहर नेगी, भुवन सिंह, हेमंत बजेठा, मनोज पांडे, मदन गिरि, महेश राम, केशर सिंह अधिकारी, बालम सिंह, चंदन सिंह, चंदन अधिकारी, देव सिंह रावत, धर्मेंद्र बिष्ट, संतोष कुमार, दिवान गिरि, कुंवर बजेठा, हीरा अधिकारी, हंसी देवी सहित तमाम जनप्रतिनिधि और लोग पहुंचे।
वक्ताओं ने कहा कि पहाड़ की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से बदहाली का दंश झेल रही हैं, लेकिन सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही। भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील द्वाराहाट तहसील के लोगों के स्वास्थ्य का जिम्मा मात्र तीन डॉक्टरों के ऊपर है। जबकि पूर्व में यहां पर्याप्त संख्या में डॉक्टर थे।
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बीडीसी सदस्य नारायण सिंह अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के यहां आगमन पर उन्हें इस समस्या से अवगत कराने के साथ ही ज्ञापन दिया गया था, लेकिन उसका जवाब तक नहीं दिया गया। लोगों को मामूली उपचार के लिए भी अन्यत्र रुख करना पड़ रहा है। शीघ्र सार्थक कार्रवाई नहीं होती तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई।
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स्वास्थ्य केंद्र परिसर में आयोजित धरने को समर्थन देने के लिए मोहन सिंह रावत, धन सिंह बिष्ट, विजय बजेठा, रघुवीर सिंह अधिकारी, मनोहर नेगी, भुवन सिंह, हेमंत बजेठा, मनोज पांडे, मदन गिरि, महेश राम, केशर सिंह अधिकारी, बालम सिंह, चंदन सिंह, चंदन अधिकारी, देव सिंह रावत, धर्मेंद्र बिष्ट, संतोष कुमार, दिवान गिरि, कुंवर बजेठा, हीरा अधिकारी, हंसी देवी सहित तमाम जनप्रतिनिधि और लोग पहुंचे।
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वक्ताओं ने कहा कि पहाड़ की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से बदहाली का दंश झेल रही हैं, लेकिन सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही। भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील द्वाराहाट तहसील के लोगों के स्वास्थ्य का जिम्मा मात्र तीन डॉक्टरों के ऊपर है। जबकि पूर्व में यहां पर्याप्त संख्या में डॉक्टर थे।
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बीडीसी सदस्य नारायण सिंह अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के यहां आगमन पर उन्हें इस समस्या से अवगत कराने के साथ ही ज्ञापन दिया गया था, लेकिन उसका जवाब तक नहीं दिया गया। लोगों को मामूली उपचार के लिए भी अन्यत्र रुख करना पड़ रहा है। शीघ्र सार्थक कार्रवाई नहीं होती तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई।