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डाना काना सजी गै बसंती नारंगी
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हल्द्वानी। हिमालय संगीत शोध समिति की ओर से कथाकार, पत्रकार स्व. आनंद बल्लभ उप्रेती की छठी पुण्यतिथि पर आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी का होली गायन के साथ समापन हो गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कुमाऊं विश्वविद्यालय वाणिज्य संकायाध्यक्ष डॉ. अतुल जोशी, डॉ. सुरेश डालाकोटी ने किया।
समारोह में बाल कलाकारों रश्मि पडियार, सौम्या तिवारी ने ‘सिद्धि को दाता, विघ्न विनाशक’, मनुश्री तिवारी, आराध्य तिवारी ने ‘बुरूंशी फूल कुमकुम मारो, डाना काना सजी गै बसंती नारंगी’, कनिका, ललिता, मोनिका के साथियों ने हरि धरे खेले होली की प्रस्तुति से समा बांध दिया। अल्मोड़ा डिग्री कॉलेज की प्राचार्य प्रो. कमला जोशी ने लोक परंपराओं को संवारने का आह्वान किया। डॉ. सुरेश डालाकोटी ने कहा कि संस्कृति के संवर्धन में नई, पुरानी पीढ़ी की जुगलबंदी सराहनीय है। डॉ. अतुल जोशी ने कहा कि हिमालय केवल पहाड़ नहीं बल्कि यह हमारा रक्षक, जीवनदायक है। दारमा मंच की ओर से आयोजन सचिव डॉ. पंकज उप्रेती को सम्मानित किया गया। इस मौके पर डॉ. ओमकार नाथ कोष्ठा, उदय किरौला, प्रो. एसडी तिवारी, डॉ. एचएस भाकुनी, डॉ. जयश्री भंडारी, डॉ. दीपा गोवाड़ी आदि थे।
डाना काना सजी गै बसंती नारंगी...
हिमालय संगीत शोध समिति की दो दिनी राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन
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समारोह में बाल कलाकारों रश्मि पडियार, सौम्या तिवारी ने ‘सिद्धि को दाता, विघ्न विनाशक’, मनुश्री तिवारी, आराध्य तिवारी ने ‘बुरूंशी फूल कुमकुम मारो, डाना काना सजी गै बसंती नारंगी’, कनिका, ललिता, मोनिका के साथियों ने हरि धरे खेले होली की प्रस्तुति से समा बांध दिया। अल्मोड़ा डिग्री कॉलेज की प्राचार्य प्रो. कमला जोशी ने लोक परंपराओं को संवारने का आह्वान किया। डॉ. सुरेश डालाकोटी ने कहा कि संस्कृति के संवर्धन में नई, पुरानी पीढ़ी की जुगलबंदी सराहनीय है। डॉ. अतुल जोशी ने कहा कि हिमालय केवल पहाड़ नहीं बल्कि यह हमारा रक्षक, जीवनदायक है। दारमा मंच की ओर से आयोजन सचिव डॉ. पंकज उप्रेती को सम्मानित किया गया। इस मौके पर डॉ. ओमकार नाथ कोष्ठा, उदय किरौला, प्रो. एसडी तिवारी, डॉ. एचएस भाकुनी, डॉ. जयश्री भंडारी, डॉ. दीपा गोवाड़ी आदि थे।
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हिमालय संगीत शोध समिति की दो दिनी राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन