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बहुजन समाज में बढ़ती बेरोजगारी शासक और कारपोरेट वर्ग की देन
Updated Mon, 16 Jul 2018 12:37 AM IST
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। बामसेफ जिला इकाई के अधिवेशन को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि हाईकोर्ट के अधिवक्ता आरसी टम्टा ने कहा कि मूल निवासी, एससी, एसटी और ओबीसी समाज को एकजुट होकर संघर्ष करने की जरूरत है। मूलनिवासी बहुजन समाज में बढ़ती बेरोजगारी के लिए शासक और कारपोरेट वर्ग को जिम्मेदार ठहराया गया। जिम्मेदार और लोकतांत्रिक व्यवस्था के संवर्धन आदि महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई।
यहां एक होटल में हुए अधिवेशन में कहा गया कि मूलनिवासी एससी, एसटी, ओबीसी समाज को अधिकारों के लिए एकजुट होने की आवश्यकता है। इसी से संगठन के व्यवस्था परिवर्तन का उद्देश्य भी सफल हो सकता है। वक्ताओं ने संविधान निर्माण डा. भीमराव आंबेडकर, महात्मा ज्योतिराव फूले के विचारों पर चलने का आह्वान किया और कहा कि इसी रास्ते पर चलकर समाज और राष्ट्र का हित संभव हो सकेगा। सभी ने एकजुट होकर अधिकारों के लिए संघर्ष करने पर सहमति जताई। वक्ताओं ने कहा कि मूलनिवासी बहुजन समाज में बढ़ती बेरोजगारी के लिए कारपोरेट और शासक वर्ग सबसे अधिक जिम्मेदार है। जिम्मेदार और लोकतांत्रिक व्यवस्था के संवर्धन में कैडर की अहम भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में एसएसजे परिसर अल्मोड़ा के प्रो. संजीव आर्य, विशिष्ट अतिथि राकेश रजोरिया, विशिष्ट वक्ता बी चंद्रा, महेश लाल, दिनेश टम्टा, संजय भाटिया, तुलाराम और भूपेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष प्रमोद टम्टा आदि ने विचार रखे। अध्यक्षता प्रभारी दीपक चन्याल और संचालन इंद्र लाल ने किया।
यहां एक होटल में हुए अधिवेशन में कहा गया कि मूलनिवासी एससी, एसटी, ओबीसी समाज को अधिकारों के लिए एकजुट होने की आवश्यकता है। इसी से संगठन के व्यवस्था परिवर्तन का उद्देश्य भी सफल हो सकता है। वक्ताओं ने संविधान निर्माण डा. भीमराव आंबेडकर, महात्मा ज्योतिराव फूले के विचारों पर चलने का आह्वान किया और कहा कि इसी रास्ते पर चलकर समाज और राष्ट्र का हित संभव हो सकेगा। सभी ने एकजुट होकर अधिकारों के लिए संघर्ष करने पर सहमति जताई। वक्ताओं ने कहा कि मूलनिवासी बहुजन समाज में बढ़ती बेरोजगारी के लिए कारपोरेट और शासक वर्ग सबसे अधिक जिम्मेदार है। जिम्मेदार और लोकतांत्रिक व्यवस्था के संवर्धन में कैडर की अहम भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में एसएसजे परिसर अल्मोड़ा के प्रो. संजीव आर्य, विशिष्ट अतिथि राकेश रजोरिया, विशिष्ट वक्ता बी चंद्रा, महेश लाल, दिनेश टम्टा, संजय भाटिया, तुलाराम और भूपेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष प्रमोद टम्टा आदि ने विचार रखे। अध्यक्षता प्रभारी दीपक चन्याल और संचालन इंद्र लाल ने किया।
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