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काम नहीं है तो भी खाली नहीं बैठेंगे सिपाही
Updated Thu, 09 Nov 2017 02:28 AM IST
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औचक निरीक्षण का हवाला देकर फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर दुकानदारों से दो हजार रुपये तक ऐंठ रहा था।
- फोटो : Demo Pic
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हल्द्वानी। सिपाहियों के पास यदि अतिरिक्त ड्यूटी नहीं है तो भी उन्हें काम करना होगा। सीओ ने उनके लिए काम का नया चार्ट बनाया है। अब उन्हें रोजना 300 घरों का ब्योरा देना होगा। यानी अपनी गश्त का दायरा बढ़ाना होगा। सीओ का कहना है कि इससे दस साल से सक्रिय बदमाशों की जानकारी जुटाने में मदद होगी।
सीओ दिनेश चंद्र ढौडियाल ने बताया कि थाने और चौकी के सिपाही रोजाना अपनी बीट पुस्तिका लेकर निकलते हैं। वे समय से मुताबिक पांच या उससे अधिक घरों तक संपर्क करते हैं। बीट में निर्धारित कालम के अनुसार मकान स्वामी का काम, बच्चे, सीसीटीवी लगी है या नहीं, आय का स्रोत क्या है। वाहन हैं तो कितने हैं। इस प्रकार की जानकारियां मोबाइल नंबर सहित दर्ज करते हैं। प्रतिदिन थानों और चौकियों के सिपाही अपने-अपने क्षेत्र के बारे में जानकारी रखते हैं। यदि कोई दस साल से सक्रिय बदमाश है तो उसका पता लगाते हैं। बदमाश घर पर नहीं है तो क्या कर रहा है। इस प्रकार पुराने बदमाशों की स्थिति का पता चलता है। सीओ ने लक्ष्य बनाया है कि सत्यापन के बाद सिपाही अपने क्षेत्र के गृहस्वामियों के नंबर व्हाट्सऐप से जोड़ेंगे। पुलिस को अपराध होने पर पता चल जाएगा कि सीसीटीवी किन स्थानों पर मददगार साबित होगी।
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सीओ दिनेश चंद्र ढौडियाल ने बताया कि थाने और चौकी के सिपाही रोजाना अपनी बीट पुस्तिका लेकर निकलते हैं। वे समय से मुताबिक पांच या उससे अधिक घरों तक संपर्क करते हैं। बीट में निर्धारित कालम के अनुसार मकान स्वामी का काम, बच्चे, सीसीटीवी लगी है या नहीं, आय का स्रोत क्या है। वाहन हैं तो कितने हैं। इस प्रकार की जानकारियां मोबाइल नंबर सहित दर्ज करते हैं। प्रतिदिन थानों और चौकियों के सिपाही अपने-अपने क्षेत्र के बारे में जानकारी रखते हैं। यदि कोई दस साल से सक्रिय बदमाश है तो उसका पता लगाते हैं। बदमाश घर पर नहीं है तो क्या कर रहा है। इस प्रकार पुराने बदमाशों की स्थिति का पता चलता है। सीओ ने लक्ष्य बनाया है कि सत्यापन के बाद सिपाही अपने क्षेत्र के गृहस्वामियों के नंबर व्हाट्सऐप से जोड़ेंगे। पुलिस को अपराध होने पर पता चल जाएगा कि सीसीटीवी किन स्थानों पर मददगार साबित होगी।
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