फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   41 permanent residence certificates made using fake documents in Haldwani have been cancelled, but no action has been taken against the culprits.

Nainital News: जांच की हवा चलते ही फाइलों से उड़ने लगी फर्जीवाड़े की धूल

Sat, 13 Dec 2025 02:57 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Sat, 13 Dec 2025 02:57 AM IST
विज्ञापन
41 permanent residence certificates made using fake documents in Haldwani have been cancelled, but no action has been taken against the culprits.
हल्द्वानी। जिला प्रशासन की ओर से गठित समिति की संस्तुतियों के आधार पर हल्द्वानी के एसडीएम राहुल शाह ने फर्जी तरीके से बनवाए 41 स्थायी निवास प्रमाणपत्रों को निरस्त कर दिया है। हल्द्वानी तहसील क्षेत्र में अभी तक कुल 89 सर्टिफिकेट निरस्त किए चुके हैं लेकिन इस फर्जीवाड़े को अंजाम देने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ न तो कोई कार्रवाई हुई है और न ही ऐसे लोगों का चिह्नीकरण किया गया है।
विज्ञापन

बड़ी संख्या में फर्जी स्थायी निवास प्रमाणपत्र बने होने की शिकायत मिलने के बाद पिछले दिनों आयुक्त दीपक रावत ने हल्द्वानी तहसील का निरीक्षण किया था। इस दौरान शिकायत सही मिली थी। इस पर शासन ने जिला प्रशासन को पिछले वर्षों के दौरान बनवाए गए स्थायी निवास और जाति प्रमाणपत्रों की जांच के निर्देश दिए थे। डीएम ललित मोहन रयाल ने मामले की जांच के लिए अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित की थी। बीते एक दशक में बनाए गए स्थायी निवास प्रमाणपत्र की जांच के पहले चरण में एसडीएम ने 48 ऐसे प्रमाणपत्र निरस्त कर दिए थे जो गलत दस्तावेजों के आधार पर बनवाए गए थे।
विज्ञापन


डीएम के निर्देश के बाद हल्द्वानी क्षेत्र में पिछले एक दशक में जारी स्थायी निवास प्रमाणपत्रों के सत्यापन के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। दूसरे चरण में जांच के लिए गठित समिति की संस्तुतियों के आधार पर 41 स्थायी निवास प्रमाण-पत्र निरस्त कर दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

- राहुल शाह, एसडीएम

कई और सर्टिफिकेट के फर्जी होने का संदेह
स्थायी निवास और जाति प्रमाणपत्रों की जांच कर रही टीम के अधिकारियों को कई ऐसे प्रमाणपत्र मिले हैं जिनमें लगाए गए दस्तावेज फर्जी है। ऐसे सभी दस्तावेजों की जांच कराई जा रही है। टीम को अंदेशा है कि अभी कई और ऐसे फर्जी प्रमाणपत्र सामने आएंगे जो गलत तरीके से बनवाए गए हैं। उन्होंने बताया कि अब तक जारी सभी डोमिसाइल के विवरण का गहन सत्यापन कार्य लगातार चल रहा है ताकि अपात्र और त्रुटिपूर्ण प्रमाणपत्रों पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed