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12 साल बाद स्वीकृत हुए तीन नए रोजगार परक ट्रेड
Updated Sun, 01 Jul 2018 10:44 PM IST
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धौलछीना(अल्मोड़ा)। 12 साल के लंबे इंतजार के बाद एक दशक पुरानी धौलछीना आईटीआई में तीन नए रोजगार परक ट्रेड स्वीकृत हो गए हैं। अब तक यहां केवल आशुलिपि हिंदी और कटिंग टेलरिंग कोर्स ही संचालित हो रहे थे। जिसमें रोजगार की संभावना लगभग नहीं के बराबर थी।
धौलछीना में वर्ष 2006 में स्वीकृत आईटीआई की स्थापना के समय लोगों ने बच्चों के सुनहरे भविष्य के सपने देखे थे। स्वीकृति के समय किराये के भवन में सिर्फ दो ट्रेड खोले गए। लोगों को उम्मीद थी कि भवन बन जाने के बाद कुछ रोजगार परक ट्रेड और बढ़ेंगे। लगभग तीन साल पहले 2 करोड़ 86 लाख की लागत से आलीशान भवन तो बनकर तैयार हो गया लेकिन ट्रेड संचालित नहीं हो पाए।
2016 में तत्कालीन सरकार और इलेक्ट्रिकल तथा कोपा दो नये ट्रेड को स्वीकृति प्रदान की थी, लेकिन यह शासनादेश भी ठंडे बस्ते में ही रहा। शिक्षक नहीं होने से आज भी इलेक्ट्रिकल ट्रेड की भारी भरकम मशीन संस्थान के स्टोर रूम में धूल फांक रही है।
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इधर प्राविधिक शिक्षा निदेशक के स्तर से धौलछीना आईटीआई के लिए तीन नये ट्रेडों को आखिरकार स्वीकृति मिल गई है। जिसमें फिटर, वेल्डर और कोपा ट्रेड खोले जाने का शासनादेश जारी हुआ हैं। इसके साथ ही प्रत्येक ट्रेड में दो-दो अनुदेशकों और कला, गणित और रोजगारपरक कौशल के लिए एक पद को स्वीकृति भी मिल गई है। कोपा के एक अनुदेशक ने पदभार भी ग्रहण कर लिया है। इधर क्षेत्र के लोगों ने नए ट्रेड खुलने पर खुशी जताई है।
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धौलछीना में वर्ष 2006 में स्वीकृत आईटीआई की स्थापना के समय लोगों ने बच्चों के सुनहरे भविष्य के सपने देखे थे। स्वीकृति के समय किराये के भवन में सिर्फ दो ट्रेड खोले गए। लोगों को उम्मीद थी कि भवन बन जाने के बाद कुछ रोजगार परक ट्रेड और बढ़ेंगे। लगभग तीन साल पहले 2 करोड़ 86 लाख की लागत से आलीशान भवन तो बनकर तैयार हो गया लेकिन ट्रेड संचालित नहीं हो पाए।
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2016 में तत्कालीन सरकार और इलेक्ट्रिकल तथा कोपा दो नये ट्रेड को स्वीकृति प्रदान की थी, लेकिन यह शासनादेश भी ठंडे बस्ते में ही रहा। शिक्षक नहीं होने से आज भी इलेक्ट्रिकल ट्रेड की भारी भरकम मशीन संस्थान के स्टोर रूम में धूल फांक रही है।
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इधर प्राविधिक शिक्षा निदेशक के स्तर से धौलछीना आईटीआई के लिए तीन नये ट्रेडों को आखिरकार स्वीकृति मिल गई है। जिसमें फिटर, वेल्डर और कोपा ट्रेड खोले जाने का शासनादेश जारी हुआ हैं। इसके साथ ही प्रत्येक ट्रेड में दो-दो अनुदेशकों और कला, गणित और रोजगारपरक कौशल के लिए एक पद को स्वीकृति भी मिल गई है। कोपा के एक अनुदेशक ने पदभार भी ग्रहण कर लिया है। इधर क्षेत्र के लोगों ने नए ट्रेड खुलने पर खुशी जताई है।