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ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को लेकर महिलाएं मुखर
Updated Wed, 11 Apr 2018 11:08 PM IST
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। ग्रामीण क्षेत्र की समस्याओं को लेकर महिलाओं ने संघर्ष करने का निर्णय लिया है। पंतकोटली, वलना, सकौला सहित दर्जन भर गांवों की महिलाओं ने यहां संयुक्त मजिस्ट्रेट हिमांशु खुराना को ज्ञापन सौंपकर ग्रामीण क्षेत्रों से अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने और सूख रहे प्राचीन नौलों, धारों को पुनर्जीवित कराने की मांग उठाई है।
महिलाओं का कहना है कि गांव-गांव में शराब की अवैध बिक्री जोरों पर है। शराब के चलते युवाओं का भविष्य चौपट हो रहा है। भू माफियाओं की नजर ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनों पर पड़ चुकी है। कई स्थानों पर जमीनों को घेरने के प्रयास चल रहे हैं। इस पर अंकुश लगाना होगा। महिलाओं की सबसे अधिक पीड़ा ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल समस्या को लेकर है। महिलाओं का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्राचीन नौले-धारे सूख रहे हैं।
इन्हें पुनर्जीवित करने की जरूरत है। इसके लिए पूर्व में कई बार ज्ञापन संबंधित विभागों को भेजे जा चुके हैं, लेकिन कोई सार्थक परिणाम नहीं निकल रहे हैं। नौलों, धारों को पुनर्जीवित करने के लिए वृहद अभियान चलाने की जरूरत है। प्रशासन का सहयोग मिला तो इन समस्याओं को लेकर सार्थक कार्रवाई हो सकती है। ज्ञापन सौंपने वालों में बृंदा पंत, प्रीति पंतथ, राधा आर्या, अंबा आर्या, माया बिष्ट, शांति देवी, लीला पंत, विमला बिष्ट सहित तमाम महिलाएं शामिल थीं।
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महिलाओं का कहना है कि गांव-गांव में शराब की अवैध बिक्री जोरों पर है। शराब के चलते युवाओं का भविष्य चौपट हो रहा है। भू माफियाओं की नजर ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनों पर पड़ चुकी है। कई स्थानों पर जमीनों को घेरने के प्रयास चल रहे हैं। इस पर अंकुश लगाना होगा। महिलाओं की सबसे अधिक पीड़ा ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल समस्या को लेकर है। महिलाओं का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्राचीन नौले-धारे सूख रहे हैं।
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इन्हें पुनर्जीवित करने की जरूरत है। इसके लिए पूर्व में कई बार ज्ञापन संबंधित विभागों को भेजे जा चुके हैं, लेकिन कोई सार्थक परिणाम नहीं निकल रहे हैं। नौलों, धारों को पुनर्जीवित करने के लिए वृहद अभियान चलाने की जरूरत है। प्रशासन का सहयोग मिला तो इन समस्याओं को लेकर सार्थक कार्रवाई हो सकती है। ज्ञापन सौंपने वालों में बृंदा पंत, प्रीति पंतथ, राधा आर्या, अंबा आर्या, माया बिष्ट, शांति देवी, लीला पंत, विमला बिष्ट सहित तमाम महिलाएं शामिल थीं।
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