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उच्चशिक्षा निदेशक निलंबन मामले में विरोध करने पर एमबीपीजी के प्रशासनिक अधिकारी पर गिरी गाज, जैंती अटैच
Updated Wed, 07 Mar 2018 02:08 AM IST
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हल्द्वानी। मीमांशा प्रकरण में हुए आंदोलन में अहम भूमिका निभाने का खामियाजा आखिरकार कर्मचारी नेता और एमबी कॉलेज के प्रशासनिक अधिकारी सुरेंद्र सिंह रौतेला बबली को उठाना पड़ा। उच्चशिक्षा निदेशक का आदेश आते ही मंगलवार को महाविद्यालय प्रशासन ने रौतेला को कार्यमुक्त कर तत्काल प्रभाव से उन्हें जैंती महाविद्यालय से संबद्ध कर दिया। अब कॉलेज में प्रशासनिक अधिकारी के दोनों पद खाली हो गए हैं।
उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के निर्देश पर शासन ने एमबीपीजी कॉलेज में गलत दाखिले के मामले में तत्कालीन प्राचार्य एवं उच्चशिक्षा निदेशक डॉ. बीसी मेलकानी समेत चार लोगों को पहली फरवरी को निलंबित किया था। इस कार्रवाई का उत्तराखंड राजकीय महाविद्यालय मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन ने कड़ा विरोध जताया था और इस आंदोलन में एसोसिएशन के प्रदेश संयुक्त मंत्री और एमबी कॉलेज के प्रशासनिक अधिकारी सुरेंद्र सिंह रौतेला बबली की अहम भूमिका रही थी। माना जा रहा है कि उस समय से ही कर्मचारी नेता उच्चशिक्षा मंत्री के निशाने पर आ गए थे। उच्चशिक्षा उत्तराखंड राजकीय महाविद्यालय मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष महेश चंद्र भगत ने कहा कि इस मामले में कार्यकारिणी के अन्य पदाधिकारियों से बात की जाएगी।
किसी भी महाविद्यालय में कार्य प्रभावित होने पर दूसरे महाविद्यालय से कर्मचारियों को संबद्ध किया जाता है। प्रशासनिक अधिकारी सुरेंद्र रौतेला का जैंती महाविद्यालय में संबद्ध करना भी इसी प्रक्रिया का एक हिस्सा है। इसे निलंबन के विरोध में आंदोलन करने के प्रकरण से जोड़ना ठीक नहीं है।
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- डॉ. सविता मोहन, प्रभारी निदेशक उच्चशिक्षा विभाग।
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उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के निर्देश पर शासन ने एमबीपीजी कॉलेज में गलत दाखिले के मामले में तत्कालीन प्राचार्य एवं उच्चशिक्षा निदेशक डॉ. बीसी मेलकानी समेत चार लोगों को पहली फरवरी को निलंबित किया था। इस कार्रवाई का उत्तराखंड राजकीय महाविद्यालय मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन ने कड़ा विरोध जताया था और इस आंदोलन में एसोसिएशन के प्रदेश संयुक्त मंत्री और एमबी कॉलेज के प्रशासनिक अधिकारी सुरेंद्र सिंह रौतेला बबली की अहम भूमिका रही थी। माना जा रहा है कि उस समय से ही कर्मचारी नेता उच्चशिक्षा मंत्री के निशाने पर आ गए थे। उच्चशिक्षा उत्तराखंड राजकीय महाविद्यालय मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष महेश चंद्र भगत ने कहा कि इस मामले में कार्यकारिणी के अन्य पदाधिकारियों से बात की जाएगी।
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किसी भी महाविद्यालय में कार्य प्रभावित होने पर दूसरे महाविद्यालय से कर्मचारियों को संबद्ध किया जाता है। प्रशासनिक अधिकारी सुरेंद्र रौतेला का जैंती महाविद्यालय में संबद्ध करना भी इसी प्रक्रिया का एक हिस्सा है। इसे निलंबन के विरोध में आंदोलन करने के प्रकरण से जोड़ना ठीक नहीं है।
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- डॉ. सविता मोहन, प्रभारी निदेशक उच्चशिक्षा विभाग।