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26 रुपये की लड़ाई जीता शिकायतकर्ता
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हल्द्वानी। सूचना अधिकार में मांगी गई जानकारी ने एक अनोखी लड़ाई को जन्म दे दिया। मामला सिर्फ 26 रुपये का था, लेकिन जंग जिलापूर्ति अधिकारी के दरबार तक चली गई। बाद में शिकायतकर्ता 26 रुपये की जंग जीत गया। डीएसओ ने क्षेत्रीय खाद्य आपूर्ति अधिकारी को 26 रुपये वापस करने का आदेश सुनाया है।
गफूर बस्ती वार्ड नंबर 24 निवासी सैफ अली सिद्दीकी ने नौ अक्तूबर को क्षेत्रीय खाद्य आपूर्ति अधिकारी से बीपीएल, अंत्योदय कार्ड बनाने के नियमों की जानकारी मांगी थी। सैफ ने यह भी पूछा था कि अगर आधार कार्ड न हो तो क्या राशन कार्ड निरस्त कर दिया जाएगा। विभाग ने करीब एक महीने बाद सैफ को पत्र भेजकर 12 पेज का शुल्क जमा करने को कहा। सैफ पैसे जमा करने पहुंचा तो उससे 50 रुपये मांगे गए। इस पर सैफ ने पोस्टल आर्डर से पैसे जमाए कराए। विभाग ने 12 पेज की सूचना दे दी। बाद में सैफ ने एक फरवरी को अधिक पैसे लेने की शिकायत जिलापूर्ति अधिकारी से की। जिलापूर्ति अधिकारी के दरबार में 26 रुपये अधिक लेने की सुनवाई शुरू हुई। डीएसओ तेजबल सिंह के सामने पूर्ति विभाग और पीड़ित ने अपने पक्ष रखे। जिलापूर्ति अधिकारी ने लोक सूचना अधिकारी को अधिक शुल्क लेने का दोषी माना। इसके साथ ही पीड़ित से संपर्क कर उसके 26 रुपये वापस करने का आदेश सुनाया।
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गफूर बस्ती वार्ड नंबर 24 निवासी सैफ अली सिद्दीकी ने नौ अक्तूबर को क्षेत्रीय खाद्य आपूर्ति अधिकारी से बीपीएल, अंत्योदय कार्ड बनाने के नियमों की जानकारी मांगी थी। सैफ ने यह भी पूछा था कि अगर आधार कार्ड न हो तो क्या राशन कार्ड निरस्त कर दिया जाएगा। विभाग ने करीब एक महीने बाद सैफ को पत्र भेजकर 12 पेज का शुल्क जमा करने को कहा। सैफ पैसे जमा करने पहुंचा तो उससे 50 रुपये मांगे गए। इस पर सैफ ने पोस्टल आर्डर से पैसे जमाए कराए। विभाग ने 12 पेज की सूचना दे दी। बाद में सैफ ने एक फरवरी को अधिक पैसे लेने की शिकायत जिलापूर्ति अधिकारी से की। जिलापूर्ति अधिकारी के दरबार में 26 रुपये अधिक लेने की सुनवाई शुरू हुई। डीएसओ तेजबल सिंह के सामने पूर्ति विभाग और पीड़ित ने अपने पक्ष रखे। जिलापूर्ति अधिकारी ने लोक सूचना अधिकारी को अधिक शुल्क लेने का दोषी माना। इसके साथ ही पीड़ित से संपर्क कर उसके 26 रुपये वापस करने का आदेश सुनाया।
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