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दिल है नैनीताल में और वोट गढ़वाल में
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न वोट देंगे और न मुहल्ले में घुसने देंगे
- फोटो : demo
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रामनगर (नैनीताल)। लोकसभा के बृहस्पतिवार को मतदान होगा, लेकिन रामनगर के मतदाता पसोपेश में हैं, क्योंकि रामनगर के अधिकतर मतदाताओं के दिलों में नैनीताल सीट की हलचल है, लेकिन उनको वोट गढ़वाल संसदीय सीट पर करना पड़ रहा है, जबकि गढ़वाल सीट से उनका कोई लगाव नजर नहीं आ रहा है।
पहले रामनगर नैनीताल संसदीय सीट का हिस्सा रहा है, परिसीमन के बाद रामनगर को गढ़वाल संसदीय सीट से जोड़ दिया गया। जिला नैनीताल होने के चलते रामनगर के मतदाताओं की नैनीताल संसदीय सीट की गतिविधियों पर विशेष नजर है। मतदाता भी जानना चाहते हैं कि नैनीताल संसदीय सीट पर क्या उठापटक हो रही है, जबकि गढ़वाल संसदीय सीट में रामनगर होने के चलते यहां के मतदाताओं का गढ़वाल सीट की ओर कोई खास रुचि नहीं है।
गढ़वाल संसदीय सीट पर कांग्रेस से मनीष खंडूरी तो भाजपा से तीरथ सिंह रावत चुनाव मैदान में है। दोनों ही प्रत्याशियों ने यहां पर मतदाताओं को रिझाने का काम किया है, अब वोटरों को मतदान कर अपना फैसला सुनाना है। वोटरों को इन दोनों ही प्रत्याशियों में कोई खास रुचि नहीं है, वह बस नैनीताल संसदीय सीट पर क्या हो रहा है यह जानना चाहते है। रामनगर के रहने वाले बंबाघेर निवासी समाजसेवी गंगाप्रसाद गोला ने बताया कि परिसीमन के बाद रामनगर गढ़वाल सीट में शामिल हो गया है, लेकिन गढ़वाल से पूरी तरह से कटा हुआ है। ऐसे में नैनीताल जिला होने की वजह से नैनीताल पर ही ज्यादा फोकस रहता है। इसी तरह का कहना अन्य स्थानीय निवासियों का भी है।
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दिल है नैनीताल में और वोट गढ़वाल में
गढ़वाल लोकसभा सीट के मतदाता पसोपेश में
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पहले रामनगर नैनीताल संसदीय सीट का हिस्सा रहा है, परिसीमन के बाद रामनगर को गढ़वाल संसदीय सीट से जोड़ दिया गया। जिला नैनीताल होने के चलते रामनगर के मतदाताओं की नैनीताल संसदीय सीट की गतिविधियों पर विशेष नजर है। मतदाता भी जानना चाहते हैं कि नैनीताल संसदीय सीट पर क्या उठापटक हो रही है, जबकि गढ़वाल संसदीय सीट में रामनगर होने के चलते यहां के मतदाताओं का गढ़वाल सीट की ओर कोई खास रुचि नहीं है।
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गढ़वाल संसदीय सीट पर कांग्रेस से मनीष खंडूरी तो भाजपा से तीरथ सिंह रावत चुनाव मैदान में है। दोनों ही प्रत्याशियों ने यहां पर मतदाताओं को रिझाने का काम किया है, अब वोटरों को मतदान कर अपना फैसला सुनाना है। वोटरों को इन दोनों ही प्रत्याशियों में कोई खास रुचि नहीं है, वह बस नैनीताल संसदीय सीट पर क्या हो रहा है यह जानना चाहते है। रामनगर के रहने वाले बंबाघेर निवासी समाजसेवी गंगाप्रसाद गोला ने बताया कि परिसीमन के बाद रामनगर गढ़वाल सीट में शामिल हो गया है, लेकिन गढ़वाल से पूरी तरह से कटा हुआ है। ऐसे में नैनीताल जिला होने की वजह से नैनीताल पर ही ज्यादा फोकस रहता है। इसी तरह का कहना अन्य स्थानीय निवासियों का भी है।
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दिल है नैनीताल में और वोट गढ़वाल में
गढ़वाल लोकसभा सीट के मतदाता पसोपेश में