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तीन लाख की मशीन कर दी कूड़ा
Updated Sat, 01 Sep 2018 01:34 AM IST
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हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) सरकारी धन की बर्बादी लगातार बर्बादी हो रही है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की आपत्ति के बाद तीन लाख रुपये से खरीदी गई ईटियो स्टेलाइजर मशीन पिछले दो वर्षों से जंग खाकर बर्बाद हो रही है।
एमसीआई ने एमबीबीएस की पांच वर्षीय मान्यता को लेकर 2015 में निरीक्षण किया था। इस दौरान ईटियो स्टेलाइजर मशीन न होने पर आपत्ति लगाई थी। तीन लाख रुपये से मशीन खरीदी गई और वर्ष 2016 दिसंबर में मशीन लगा दी गई। मास्क, हाथ के दस्ताने, मरीजों की किट को स्टेलाइज करने के काम आता है। बीएमई ने इस मशीन को लगाने के बाद पलटकर नहीं देखा। मशीन जंक खा रही है और उसका प्रयोग नहीं किया जा रहा है। सवाल उठ रहा कि जब मशीन का प्रयोग नहीं किया जाना था तो तीन लाख रुपये क्यों बर्बाद किए।
एनस्थीसिया विभाग में तीन लाख रुपये से खरीदा गया था ईटियो स्टेलाइजर
मास्क, हाथ के दस्ताने, मरीजों की किट को सेटेलाइज करने के काम आता है
मशीन का कैसेट नहीं आ पाया है। मशीन का कैसेट मंगाकर जल्द शुरू किया जाएगा। मशीन क्यों नहीं चली, इसको लेकर बीएमई का जवाब-तलब किया जाएगा।
- डॉ. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज
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एमसीआई ने एमबीबीएस की पांच वर्षीय मान्यता को लेकर 2015 में निरीक्षण किया था। इस दौरान ईटियो स्टेलाइजर मशीन न होने पर आपत्ति लगाई थी। तीन लाख रुपये से मशीन खरीदी गई और वर्ष 2016 दिसंबर में मशीन लगा दी गई। मास्क, हाथ के दस्ताने, मरीजों की किट को स्टेलाइज करने के काम आता है। बीएमई ने इस मशीन को लगाने के बाद पलटकर नहीं देखा। मशीन जंक खा रही है और उसका प्रयोग नहीं किया जा रहा है। सवाल उठ रहा कि जब मशीन का प्रयोग नहीं किया जाना था तो तीन लाख रुपये क्यों बर्बाद किए।
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एनस्थीसिया विभाग में तीन लाख रुपये से खरीदा गया था ईटियो स्टेलाइजर
मास्क, हाथ के दस्ताने, मरीजों की किट को सेटेलाइज करने के काम आता है
मशीन का कैसेट नहीं आ पाया है। मशीन का कैसेट मंगाकर जल्द शुरू किया जाएगा। मशीन क्यों नहीं चली, इसको लेकर बीएमई का जवाब-तलब किया जाएगा।
- डॉ. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज