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मोबाइल पर चैटिंग करती मिली महिला कमी, वेतन काटने के आदेश
Updated Wed, 27 Jun 2018 01:24 AM IST
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हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल के निरीक्षण के दौरान उपनल के तहत कार्यरत एक महिला कर्मचारी को मंडलायुक्त राजीव रौतेला ने फोन पर चैटिंग करते हुए पकड़ लिया। उसका एक दिन का वेतन काटने और जवाब-तलब करने के आदेश दिए। कैंटीन और इंदिरा अम्मा भोजनालय में गंदगी मिलने पर बिफरे कमिश्नर ने भोजनालय की व्यवस्था न सुधरने पर दूसरे को ठेका देने को कहा।
मंडलायुक्त मंगलवार को दल बल के साथ सुबह लगभग पौने दस बजे बजे सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने जनऔषधि केंद्र में दवाएं कम मिलने पर नाराजगी जताई। वाहनों के लिए बने स्टैंड पर अव्यवस्था देख रोड़े और पत्थर हटाने और पार्किंग के लिए साइनेज लगाने को कहा। पेयजल टंकी पर गंदगी मिली। दीवार पर लिखी अमर्यादित भाषा पर तत्काल पेंट कराने को कहा।
महिला से मांगा आज के काम का हिसाब, हिसाब न देने पर कारण बताओ नोटिस देने के आदेश
मंडलायुक्त ने निरीक्षण में चीफ फार्मेसिस्ट को लताड़ा, पूछा केंद्रीय औषधि भंडार क्यों नहीं है ए कैटेगिरी में
कैंटीन और इंदिरा अम्मा भोजनालय में मिली गंदगी, स्वादिष्ट नहीं था भोजन
नोटिस दें, व्यवस्था न सुधरे तो दूसरी को दें काम
जूस के सैंपल भरकर जांच कराएं
मंडलायुक्त ने जूस के सेंटर को देखा। जूस वाले से पूछा कि 12 रुपये की पानी की बोतल 20 रुपये में कैसे बेच रहे हो। उसके नाखून देखे और काउंटर पर गंदा कपड़ा देख उसे साफ-सफाई रखने को कहा। सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय को आदेश दिए कि जूस का सैंपल भराकर जांच कराएं।
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इंदिरा अम्मा भोजनालय की व्यवस्था न सुधरी तो ठेका रद्द करें
इंदिरा अम्मा भोजनालय में लोगों ने खाना स्वादिष्ट न मिलने की शिकायत की। खाना परोसने और पकाने वाले भी साफ नहीं थे। भोजनालय में भी गंदगी मिली। कमिश्नर ने डीएम विनोद कुमार सुमन को आदेश दिया कि भोजनालय संचालक को नोटिस देकर जवाब-तलब करें। व्यवस्था में सुधार न होने तो ठेका रद्द कर किसी दूसरे को दें। सीडीओ विनीत कुमार पूरे जिले में संचालित इंदिरा अम्मा भोजनालयों का निरीक्षण करें। कैंटीन में गंदगी देख संचालक को भी व्यवस्थाएं सुधारने को कहा।
ध्यान रखो, मंडलायुक्त के सामने खड़े हो
केंद्रीय औषधि भंडारण के निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त नेचीफ फार्मेसिस्ट हेम चंद्र तिवारी से पूछा कि 19 कर्मचारी वाले भंडारण को किस कैटेगिरी में रखेंगे। जवाब मिला बी श्रेणी। आयुक्त ने कहा कि 15 दिन में भंडारण दूसरी जगह कर इसको ए श्रेणी में लाएं। वेतन के बारे में जानकारी लगभग में मिलने पर मंडलायुक्त बोले, सही जानकारी दो। यह ध्यान रहे कि मंडलायुक्त के सामने खड़े हो। एक मिनट में तुम्हें नोटिस दिया जा सकता है। स्टाक रजिस्टर में सबकुछ बेहतर मिलने पर उन्होंने शाबाशी भी दी। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय, एसडीएम एबी बाजपेयी, एमएस डॉ. अरुण जोशी, ईई ग्रामीण अमित आनंद, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डीके जोशी, नगर आयुक्त सीएस मर्तोलिया आदि थे।
पर्चा बनाने के काउंटर बढ़ाएं
मंडलायुक्त ने राजकीय मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा को निर्देश दिए कि पर्चे बनाने के काउंटरों की संख्या बढ़ाई जाए। सर्वर में दिक्कत आने पर किसी भी मरीज को प्रतीक्षा न कराई जाए और मैन्युअल पर्चे बनाए जाएं।
टेंडर के खेल की मिली है शिकायत, प्राचार्य से मांगा है जवाब
हल्द्वानी। मंडलायुक्त ने कहा कि बाहर से दवा लिखने, डॉक्टरों के निजी प्रैक्टिस करने समेत टेंडर के मामलों में कई शिकायतें मिली हैं। इस मामले पर प्राचार्य से जवाब मांगा गया है। प्रकरण को शासन के समक्ष रखा जाएगा। 12 वर्ष पुरानी एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनों को बदलने का प्रयास होगा। ट्रामा सेंटर और न्यूरो सर्जन न होने से दिक्कत होती है। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग से जानकारी मिली है कि मरीज के साथ तीमारदार डॉक्टर एवं स्टाफ से अभद्रता करते हैं। डॉक्टर एवं नर्सों का वीडियो बना गलत प्रयोग करने की धमकी देते हैं। ऐसे में तत्काल पुलिस को सूचना देनी चाहिए। उन्होंने प्राचार्य से सीसीटीवी कैमरे लगवाने को कहा।
नियमितीकरण की मांग को लेकर दिया ज्ञापन
हल्द्वानी। जीएमसी में सफाई कर्मियों ने मंडलायुक्त को बताया कि 125 सफाई कर्मी एसटीएच और मेडिकल कालेज में वर्ष 2003 से कार्यरत हैं। इतने लंबे समय तक काम करने के बाद भी नियमितीकरण नहीं हुआ है। उनको नियमित किया जाए।
न्यूरोसर्जन और फैकल्टी का मामला उठा
मंडलायुक्त ने जीएमसी में विभागाध्यक्षों के साथ बात की। फैकल्टी की कमी, दो न्यूरोसर्जन के छोड़कर जाने और वेतन विसंगति का मामला उठने पर सभी मामलों को शासन के समक्ष रखने की बात कही। स्वामी राम कैंसर इंस्टीट्यूट की जमीन हस्तांतरण मसले पर तराई केंद्रीय वन प्रभाग की डीएफओ कल्याणी नेगी को बुलाया। नेगी ने बताया कि केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की आपत्तियों का निस्तारण मेडिकल कालेज ने नहीं किया है। एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं से मंडलायुक्त ने कहा कि पढ़ाई पूरी करने के बाद गरीबों की सेवा और उनके इलाज को तत्पर रहना होगा।
इमरजेंसी में एक मरीज पर थे आज चार डाक्टर
हल्द्वानी। एसटीएच की इमरजेंसी (कैजुअल्टी) से मरीजों को वापस करने में माहिर डाक्टर मरीजों की सेवा में पूरी तत्परता से लगे हुए थे। हकीकत ये है कि इमरजेंसी से कई मरीजों को बिना देखे ही हायर सेंटर ले जाने की सलाह डाक्टर दे देते हैं। इमरजेंसी में एसी भी राहत पहुंच रहा था। बताया गया कि साढ़े आठ टन का एसी कुछ ही दिनों पहले किसी ने अस्पताल को दान में दिया है।
पूर्व मंडलायुक्त के वादे आज तक नहीं हुए पूरे
हल्द्वानी। पूर्व मंडलायुक्त और चिकित्सा-शिक्षा सचिव डी सैंथिल पांडियन ने अक्तूबर 2016 में एसटीएच के निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाएं ठीक करने का आश्वासन दिया था। पांडियन ने मेमोग्राफी मशीन ठीक कराने को कहा था मशीन तो ठीक हो गई मगर आज तक उसका प्रयोग नहीं हुआ। एमआरआई की नई मशीन भी नहीं आ सकी। डॉक्टरों को हिदायत दी थी कि जेनेरिक दवाएं लिखने की आदत डालें मगर आज भी ब्रांडेड दवाएं धड़ल्ले से लिखी जा रही हैं।
यहां किया निरीक्षण
कैंटीन, इंदिरा अम्मा भोजनालय, शौचालय, कैजुअल्टी, मेडिसिन ओपीडी, रेडियोलाजी, सर्जरी ओपीडी, आर्थोपेडिक ओपीडी, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग एवं ओपीडी, ब्लड बैंक, एसएनसीयू, केंद्रीय औषधि भंडार।
ये निर्देश भी दिए
- पार्किंग में प्रत्येक कर्मचारी के पास हो आई कार्ड।
- कर्मियों का कराया जाए पुलिस सत्यापन।
- पार्किंग में ईंटें और रोड़ी को हटाकर व्यवस्था ठीक करें।
- अस्पताल के प्रमुख गेट पर वाहनों का जमावड़ा न हो, इसके लिए पुलिस कार्रवाई करे।
- अस्पताल के नियम, कायदे और कानून का बोर्ड बनाकर लगाया जाए।
- प्राचार्य और एमएस अस्पताल में राउंड लें और मरीजों की कुशलक्षेम पूछें।
- जगह-जगह थूकने वालों के लिए बोर्ड लगाएं और जुर्माना वसूल करें।
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मंडलायुक्त मंगलवार को दल बल के साथ सुबह लगभग पौने दस बजे बजे सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने जनऔषधि केंद्र में दवाएं कम मिलने पर नाराजगी जताई। वाहनों के लिए बने स्टैंड पर अव्यवस्था देख रोड़े और पत्थर हटाने और पार्किंग के लिए साइनेज लगाने को कहा। पेयजल टंकी पर गंदगी मिली। दीवार पर लिखी अमर्यादित भाषा पर तत्काल पेंट कराने को कहा।
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महिला से मांगा आज के काम का हिसाब, हिसाब न देने पर कारण बताओ नोटिस देने के आदेश
मंडलायुक्त ने निरीक्षण में चीफ फार्मेसिस्ट को लताड़ा, पूछा केंद्रीय औषधि भंडार क्यों नहीं है ए कैटेगिरी में
कैंटीन और इंदिरा अम्मा भोजनालय में मिली गंदगी, स्वादिष्ट नहीं था भोजन
नोटिस दें, व्यवस्था न सुधरे तो दूसरी को दें काम
जूस के सैंपल भरकर जांच कराएं
मंडलायुक्त ने जूस के सेंटर को देखा। जूस वाले से पूछा कि 12 रुपये की पानी की बोतल 20 रुपये में कैसे बेच रहे हो। उसके नाखून देखे और काउंटर पर गंदा कपड़ा देख उसे साफ-सफाई रखने को कहा। सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय को आदेश दिए कि जूस का सैंपल भराकर जांच कराएं।
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इंदिरा अम्मा भोजनालय में लोगों ने खाना स्वादिष्ट न मिलने की शिकायत की। खाना परोसने और पकाने वाले भी साफ नहीं थे। भोजनालय में भी गंदगी मिली। कमिश्नर ने डीएम विनोद कुमार सुमन को आदेश दिया कि भोजनालय संचालक को नोटिस देकर जवाब-तलब करें। व्यवस्था में सुधार न होने तो ठेका रद्द कर किसी दूसरे को दें। सीडीओ विनीत कुमार पूरे जिले में संचालित इंदिरा अम्मा भोजनालयों का निरीक्षण करें। कैंटीन में गंदगी देख संचालक को भी व्यवस्थाएं सुधारने को कहा।
ध्यान रखो, मंडलायुक्त के सामने खड़े हो
केंद्रीय औषधि भंडारण के निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त नेचीफ फार्मेसिस्ट हेम चंद्र तिवारी से पूछा कि 19 कर्मचारी वाले भंडारण को किस कैटेगिरी में रखेंगे। जवाब मिला बी श्रेणी। आयुक्त ने कहा कि 15 दिन में भंडारण दूसरी जगह कर इसको ए श्रेणी में लाएं। वेतन के बारे में जानकारी लगभग में मिलने पर मंडलायुक्त बोले, सही जानकारी दो। यह ध्यान रहे कि मंडलायुक्त के सामने खड़े हो। एक मिनट में तुम्हें नोटिस दिया जा सकता है। स्टाक रजिस्टर में सबकुछ बेहतर मिलने पर उन्होंने शाबाशी भी दी। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय, एसडीएम एबी बाजपेयी, एमएस डॉ. अरुण जोशी, ईई ग्रामीण अमित आनंद, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डीके जोशी, नगर आयुक्त सीएस मर्तोलिया आदि थे।
पर्चा बनाने के काउंटर बढ़ाएं
मंडलायुक्त ने राजकीय मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा को निर्देश दिए कि पर्चे बनाने के काउंटरों की संख्या बढ़ाई जाए। सर्वर में दिक्कत आने पर किसी भी मरीज को प्रतीक्षा न कराई जाए और मैन्युअल पर्चे बनाए जाएं।
टेंडर के खेल की मिली है शिकायत, प्राचार्य से मांगा है जवाब
हल्द्वानी। मंडलायुक्त ने कहा कि बाहर से दवा लिखने, डॉक्टरों के निजी प्रैक्टिस करने समेत टेंडर के मामलों में कई शिकायतें मिली हैं। इस मामले पर प्राचार्य से जवाब मांगा गया है। प्रकरण को शासन के समक्ष रखा जाएगा। 12 वर्ष पुरानी एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनों को बदलने का प्रयास होगा। ट्रामा सेंटर और न्यूरो सर्जन न होने से दिक्कत होती है। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग से जानकारी मिली है कि मरीज के साथ तीमारदार डॉक्टर एवं स्टाफ से अभद्रता करते हैं। डॉक्टर एवं नर्सों का वीडियो बना गलत प्रयोग करने की धमकी देते हैं। ऐसे में तत्काल पुलिस को सूचना देनी चाहिए। उन्होंने प्राचार्य से सीसीटीवी कैमरे लगवाने को कहा।
नियमितीकरण की मांग को लेकर दिया ज्ञापन
हल्द्वानी। जीएमसी में सफाई कर्मियों ने मंडलायुक्त को बताया कि 125 सफाई कर्मी एसटीएच और मेडिकल कालेज में वर्ष 2003 से कार्यरत हैं। इतने लंबे समय तक काम करने के बाद भी नियमितीकरण नहीं हुआ है। उनको नियमित किया जाए।
न्यूरोसर्जन और फैकल्टी का मामला उठा
मंडलायुक्त ने जीएमसी में विभागाध्यक्षों के साथ बात की। फैकल्टी की कमी, दो न्यूरोसर्जन के छोड़कर जाने और वेतन विसंगति का मामला उठने पर सभी मामलों को शासन के समक्ष रखने की बात कही। स्वामी राम कैंसर इंस्टीट्यूट की जमीन हस्तांतरण मसले पर तराई केंद्रीय वन प्रभाग की डीएफओ कल्याणी नेगी को बुलाया। नेगी ने बताया कि केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की आपत्तियों का निस्तारण मेडिकल कालेज ने नहीं किया है। एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं से मंडलायुक्त ने कहा कि पढ़ाई पूरी करने के बाद गरीबों की सेवा और उनके इलाज को तत्पर रहना होगा।
इमरजेंसी में एक मरीज पर थे आज चार डाक्टर
हल्द्वानी। एसटीएच की इमरजेंसी (कैजुअल्टी) से मरीजों को वापस करने में माहिर डाक्टर मरीजों की सेवा में पूरी तत्परता से लगे हुए थे। हकीकत ये है कि इमरजेंसी से कई मरीजों को बिना देखे ही हायर सेंटर ले जाने की सलाह डाक्टर दे देते हैं। इमरजेंसी में एसी भी राहत पहुंच रहा था। बताया गया कि साढ़े आठ टन का एसी कुछ ही दिनों पहले किसी ने अस्पताल को दान में दिया है।
पूर्व मंडलायुक्त के वादे आज तक नहीं हुए पूरे
हल्द्वानी। पूर्व मंडलायुक्त और चिकित्सा-शिक्षा सचिव डी सैंथिल पांडियन ने अक्तूबर 2016 में एसटीएच के निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाएं ठीक करने का आश्वासन दिया था। पांडियन ने मेमोग्राफी मशीन ठीक कराने को कहा था मशीन तो ठीक हो गई मगर आज तक उसका प्रयोग नहीं हुआ। एमआरआई की नई मशीन भी नहीं आ सकी। डॉक्टरों को हिदायत दी थी कि जेनेरिक दवाएं लिखने की आदत डालें मगर आज भी ब्रांडेड दवाएं धड़ल्ले से लिखी जा रही हैं।
यहां किया निरीक्षण
कैंटीन, इंदिरा अम्मा भोजनालय, शौचालय, कैजुअल्टी, मेडिसिन ओपीडी, रेडियोलाजी, सर्जरी ओपीडी, आर्थोपेडिक ओपीडी, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग एवं ओपीडी, ब्लड बैंक, एसएनसीयू, केंद्रीय औषधि भंडार।
ये निर्देश भी दिए
- पार्किंग में प्रत्येक कर्मचारी के पास हो आई कार्ड।
- कर्मियों का कराया जाए पुलिस सत्यापन।
- पार्किंग में ईंटें और रोड़ी को हटाकर व्यवस्था ठीक करें।
- अस्पताल के प्रमुख गेट पर वाहनों का जमावड़ा न हो, इसके लिए पुलिस कार्रवाई करे।
- अस्पताल के नियम, कायदे और कानून का बोर्ड बनाकर लगाया जाए।
- प्राचार्य और एमएस अस्पताल में राउंड लें और मरीजों की कुशलक्षेम पूछें।
- जगह-जगह थूकने वालों के लिए बोर्ड लगाएं और जुर्माना वसूल करें।