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पुलिस को दो बजे आने को क्यों कहा था
Updated Thu, 24 Aug 2017 02:48 AM IST
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हल्द्वानी। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने टेंडर जैसी प्रक्रिया को हलके में लिया। कोतवाली पुलिस से लिखित रूप से दो बजे फोर्स मांगी थी। जबकि टेंडर प्रक्रिया सुबह 11 बजे शुरू हो गई थी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि निविदा डालने की प्रक्रिया शुरू होने के समय ही पुलिस फोर्स मांगनी चाहिए थी, लेकिन सिंचाई अधिकारियों ने निविदा डालने की प्रक्रिया दो बजे बंद होने के समय फोर्स मांगी गई। कोतवाल केआर पांडे का कहना है कि इसी कारण फायरिंग की घटना के बाद फोर्स मौके पर देर से पहुंची।
यदि पुलिस मौके पर रहती तो फायरिंग तो दूर की बात है, किसी को असलहा लेकर जाने की हिम्मत नहीं होती। मारपीट हंगामा और फायरिंग होने के बाद सिंचाई अधिकारी पुलिस फोर्स को बुलाने लगे। घटना के बाद भी सिंचाई विभाग अधिकारी तहरीर देने को तैयार नहीं थे। उन्होंने पिछले महीने राजकीय मेडिकल कालेज में वाहन स्टैंड के टेंडर फार्म फटने और हंगामे की घटना से भी सबक नहीं लिया। वहां भी हंगामे के बाद टेंडर निरस्त करना पड़ा था।
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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि निविदा डालने की प्रक्रिया शुरू होने के समय ही पुलिस फोर्स मांगनी चाहिए थी, लेकिन सिंचाई अधिकारियों ने निविदा डालने की प्रक्रिया दो बजे बंद होने के समय फोर्स मांगी गई। कोतवाल केआर पांडे का कहना है कि इसी कारण फायरिंग की घटना के बाद फोर्स मौके पर देर से पहुंची।
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यदि पुलिस मौके पर रहती तो फायरिंग तो दूर की बात है, किसी को असलहा लेकर जाने की हिम्मत नहीं होती। मारपीट हंगामा और फायरिंग होने के बाद सिंचाई अधिकारी पुलिस फोर्स को बुलाने लगे। घटना के बाद भी सिंचाई विभाग अधिकारी तहरीर देने को तैयार नहीं थे। उन्होंने पिछले महीने राजकीय मेडिकल कालेज में वाहन स्टैंड के टेंडर फार्म फटने और हंगामे की घटना से भी सबक नहीं लिया। वहां भी हंगामे के बाद टेंडर निरस्त करना पड़ा था।
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