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सीबीआई ने तराई केंद्रीय वन हल्द्वानी वन प्रभाग से शुरू की जांच
Updated Wed, 03 Oct 2018 12:46 AM IST
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हल्द्वानी। सीबीआई ने बाघ और तेंदुओं की मौत की जांच तेज कर दी है। गांधी जयंती पर सार्वजनिक अवकाश के बाद भी सीबीआई टीम ने तराई केंद्रीय वन प्रभाग में पहुंच कर जांच की। टीम ने बाघ, तेंदुओं की मौतों से जुड़ी अहम जानकारियां वनाधिकारियों से मांगी।
हाईकोर्ट ने अमर उजाला की खबर का संज्ञान लेने के बाद जिम कार्बेट और राजाजी नेशनल पार्क समेत समूचे उत्तराखंड में बाघ, गुलदार की मौत की सीबीआई जांच के निर्देश दिये थे। इसी क्रम में दिल्ली से तीन सदस्यीय टीम सोमवार को हल्द्वानी पहुंची। टीम दो-तीन हफ्ते तक जिम कार्बेट पार्क समेत कुमाऊं के प्रभागों में जांच करेगी। टीम ने हल्द्वानी, तराई केंद्रीय और तराई पूर्वी वन प्रभागों में वनाधिकारियों से वार्ता कर जानकारी जुटाई है। तराई केंद्रीय और हल्द्वानी वन प्रभाग से 2012-2017 तक बाघ, गुलदार की मौत संबंधी दस्तावेज मांगे गए हैं। इसमें बाघ, तेंदुओं की प्राकृतिक, हादसे, शिकार में हुई मौतों आदि का भी ब्योरा तलब किया। हल्द्वानी वन प्रभाग से भी रिकार्ड मांगा है। रिकार्ड खंगालने के बाद टीम जांच रिपोर्ट सौंपेगी।
शिकार के मामले बढ़ा सकते हैं दिक्कत
हल्द्वानी। तराई के जंगलों में कई बाघ, गुलदारों की शिकारियों के निशाने, किसानों के फंदे वगैरह से भी मौत हुई है। कई मामलों में सालों बीतने के बाद भी वन महकमा शिकारियों तक नहीं पहुंच सका है। इन मामलों को लेकर वन विभाग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठा था। सीबीआई की नजर सबसे ज्यादा कार्बेट पार्क से जुड़े मामलों को लेकर है। इसे लेकर वनाधिकारियों की नींद उड़ी है।
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हाईकोर्ट ने अमर उजाला की खबर का संज्ञान लेने के बाद जिम कार्बेट और राजाजी नेशनल पार्क समेत समूचे उत्तराखंड में बाघ, गुलदार की मौत की सीबीआई जांच के निर्देश दिये थे। इसी क्रम में दिल्ली से तीन सदस्यीय टीम सोमवार को हल्द्वानी पहुंची। टीम दो-तीन हफ्ते तक जिम कार्बेट पार्क समेत कुमाऊं के प्रभागों में जांच करेगी। टीम ने हल्द्वानी, तराई केंद्रीय और तराई पूर्वी वन प्रभागों में वनाधिकारियों से वार्ता कर जानकारी जुटाई है। तराई केंद्रीय और हल्द्वानी वन प्रभाग से 2012-2017 तक बाघ, गुलदार की मौत संबंधी दस्तावेज मांगे गए हैं। इसमें बाघ, तेंदुओं की प्राकृतिक, हादसे, शिकार में हुई मौतों आदि का भी ब्योरा तलब किया। हल्द्वानी वन प्रभाग से भी रिकार्ड मांगा है। रिकार्ड खंगालने के बाद टीम जांच रिपोर्ट सौंपेगी।
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शिकार के मामले बढ़ा सकते हैं दिक्कत
हल्द्वानी। तराई के जंगलों में कई बाघ, गुलदारों की शिकारियों के निशाने, किसानों के फंदे वगैरह से भी मौत हुई है। कई मामलों में सालों बीतने के बाद भी वन महकमा शिकारियों तक नहीं पहुंच सका है। इन मामलों को लेकर वन विभाग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठा था। सीबीआई की नजर सबसे ज्यादा कार्बेट पार्क से जुड़े मामलों को लेकर है। इसे लेकर वनाधिकारियों की नींद उड़ी है।
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