{"_id":"5a4fd48c4f1c1b35338b6b05","slug":"191515181196-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब साइबर सुरक्षा की पढ़ाई कर सकेंगे आईटीआई के छात्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब साइबर सुरक्षा की पढ़ाई कर सकेंगे आईटीआई के छात्र
Updated Sat, 06 Jan 2018 01:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के छात्र अब साइबर सुरक्षा की पढ़ाई भी कर सकेंगे। छात्रों को साइबर अपराध को रोकने से संबंधित तमाम आधुनिक तकनीकी जानकारियां दी जाएंगी। प्रशिक्षण विभाग की पायलट प्रोजेक्ट की योजना के तहत प्रदेश की दो आईटीआई में साइबर सुरक्षा ट्रेड शुरू करने की तैयारी है। नए सत्र से यह ट्रेड शुरू होने की उम्मीद है।
प्रदेश में 148 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान चल रहे हैं लेकिन उद्योगों और छात्रों की डिमांड के हिसाब से नए ट्रेड शुरू करने में प्रशिक्षण विभाग काफी पिछड़ा हुआ है। अब विभाग में पुराने ट्रेडों के स्थान पर छात्रों की रुचि के हिसाब से नए ट्रेड चालू किए जाने पर कसरत शुरू हुई है। साथ ही जिन ट्रेडों में प्रवेश नहीं हो रहे हैं, उन्हें इसी वर्ष बंद करने की योजना भी है। वर्तमान में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में 31 ट्रेड संचालित हो रहे हैं। आधुनिक दौर में साइबर क्राइम को लेकर भी चुनौतियां बढ़ी हैं। साइबर अपराध से संबंधित प्रशिक्षण को लेकर छात्रों में खासी रुचि है इसलिए प्रशिक्षण विभाग ने साइबर सुरक्षा ट्रेड ही शुरू करने की योजना तैयार की है। इस ट्रेड को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सबसे पहले काशीपुर और देहरादून आईटीआई में शुरू करने की योजना है। इस ट्रेड के छात्रों को तकनीकी प्रशिक्षण और अन्य जानकारियां देने के लिए साइबर सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों की तैनाती की जाएगी। नए सत्र से इसका पाठ्यक्रम क्या होगा, इसका खाका तैयार किया जा रहा है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यह ट्रेड सफल होने पर दूसरे आईटीआई में भी चालू करने की योजना है।
आईटीआई में परंपरागत ट्रेडों के स्थान कुछ ऐसे ट्रेड शुरू करने की तैयारी की है जिनसे छात्रों को अधिक लाभ हो। इसी क्रम में साइबर सुरक्षा ट्रेड शुरू करने की योजना है। इसके अलावा आईटीआई में और भी बदलाव जल्द ही नजर आएंगे।
विज्ञापन
- डा. पंकज पांडेय, निदेशक प्रशिक्षण विभाग
विज्ञापन
प्रदेश में 148 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान चल रहे हैं लेकिन उद्योगों और छात्रों की डिमांड के हिसाब से नए ट्रेड शुरू करने में प्रशिक्षण विभाग काफी पिछड़ा हुआ है। अब विभाग में पुराने ट्रेडों के स्थान पर छात्रों की रुचि के हिसाब से नए ट्रेड चालू किए जाने पर कसरत शुरू हुई है। साथ ही जिन ट्रेडों में प्रवेश नहीं हो रहे हैं, उन्हें इसी वर्ष बंद करने की योजना भी है। वर्तमान में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में 31 ट्रेड संचालित हो रहे हैं। आधुनिक दौर में साइबर क्राइम को लेकर भी चुनौतियां बढ़ी हैं। साइबर अपराध से संबंधित प्रशिक्षण को लेकर छात्रों में खासी रुचि है इसलिए प्रशिक्षण विभाग ने साइबर सुरक्षा ट्रेड ही शुरू करने की योजना तैयार की है। इस ट्रेड को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सबसे पहले काशीपुर और देहरादून आईटीआई में शुरू करने की योजना है। इस ट्रेड के छात्रों को तकनीकी प्रशिक्षण और अन्य जानकारियां देने के लिए साइबर सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों की तैनाती की जाएगी। नए सत्र से इसका पाठ्यक्रम क्या होगा, इसका खाका तैयार किया जा रहा है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यह ट्रेड सफल होने पर दूसरे आईटीआई में भी चालू करने की योजना है।
विज्ञापन
आईटीआई में परंपरागत ट्रेडों के स्थान कुछ ऐसे ट्रेड शुरू करने की तैयारी की है जिनसे छात्रों को अधिक लाभ हो। इसी क्रम में साइबर सुरक्षा ट्रेड शुरू करने की योजना है। इसके अलावा आईटीआई में और भी बदलाव जल्द ही नजर आएंगे।
विज्ञापन
- डा. पंकज पांडेय, निदेशक प्रशिक्षण विभाग