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हल्द्वानी रेंज में मिला हाथी का शव
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी
Updated Sat, 02 Sep 2017 02:08 AM IST
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हल्द्वानी। वन विभाग को शुक्रवार को दो अलग-अलग स्थानों पर हाथियों की मौत के मामलों का सामना करना पड़ा। वन विभाग को हल्द्वानी रेंज में आठ साल के हाथी का शव मिला। शुक्रवार को ही गौलापार में ही वन विभाग की टीम को सूखी नदी के किनारे एक अन्य हाथी का भी शव मिला। दोनों ही मामलों में बीमारी को मौत की वजह माना जा रहा है।
तराई केंद्रीय वन प्रभाग हल्द्वानी रेंज के कर्मचारियों ने गश्त के दौरान टांडा ब्लॉक के प्लाट संख्या 80 (अ) में पानी के पोखर के पास मादा हाथी का शव देखा। उन्होंने इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी। तराई केंद्रीय वन प्रभाग की वन प्रभागीय अधिकारी कल्याणी टीम के साथ मौके पर पहुंची। कल्याणी ने बताया कि प्रथम दृष्टया शव दो दिन पुराना लग रहा है। मादा हाथी की उम्र लगभग आठ वर्ष होगी। उन्होंने कहा कि इस हाथी की मौत का कारण बीमारी हो सकता है। पशु चिकित्सकों की टीम ने हाथी के शव का पोस्टमार्टम किया। उसमें भी हाथी की मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। बिसरा जांच के लिए बरेली भेज दिया है।
शुक्रवार को ही गौलापार क्षेत्र में जीतपुर गांव के जंगल में सूखी नदी के किनारे भी वन विभाग को एक हाथी का शव मिला। छकाता रेंज की रेंजर शालिनी जोशी एवं नंधौर रेंजर हरीश बिष्ट मौके पर पहुंचे। पशु चिकित्सक डीसी जोशी, डीसी तिवारी ने हाथी का पोस्टमार्टम किया। इस पर पशु चिकित्सकों के मुताबिक यह एक 30 वर्षीय टस्कर हाथी कुछ समय से बीमार रहा होगा। ग्रामीणों का कहना है कि यह हाथी अक्सर फसल खाने के लिए अकेला ही आता था।
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शुक्रवार को वन विभाग को अलग-अलग स्थानों पर मिले शव
दोनों ही मामलों में मौत का कारण साफ नहीं
वन विभाग जता रहा बीमारी से मौत की आशंका
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तराई केंद्रीय वन प्रभाग हल्द्वानी रेंज के कर्मचारियों ने गश्त के दौरान टांडा ब्लॉक के प्लाट संख्या 80 (अ) में पानी के पोखर के पास मादा हाथी का शव देखा। उन्होंने इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी। तराई केंद्रीय वन प्रभाग की वन प्रभागीय अधिकारी कल्याणी टीम के साथ मौके पर पहुंची। कल्याणी ने बताया कि प्रथम दृष्टया शव दो दिन पुराना लग रहा है। मादा हाथी की उम्र लगभग आठ वर्ष होगी। उन्होंने कहा कि इस हाथी की मौत का कारण बीमारी हो सकता है। पशु चिकित्सकों की टीम ने हाथी के शव का पोस्टमार्टम किया। उसमें भी हाथी की मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। बिसरा जांच के लिए बरेली भेज दिया है।
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शुक्रवार को ही गौलापार क्षेत्र में जीतपुर गांव के जंगल में सूखी नदी के किनारे भी वन विभाग को एक हाथी का शव मिला। छकाता रेंज की रेंजर शालिनी जोशी एवं नंधौर रेंजर हरीश बिष्ट मौके पर पहुंचे। पशु चिकित्सक डीसी जोशी, डीसी तिवारी ने हाथी का पोस्टमार्टम किया। इस पर पशु चिकित्सकों के मुताबिक यह एक 30 वर्षीय टस्कर हाथी कुछ समय से बीमार रहा होगा। ग्रामीणों का कहना है कि यह हाथी अक्सर फसल खाने के लिए अकेला ही आता था।
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शुक्रवार को वन विभाग को अलग-अलग स्थानों पर मिले शव
दोनों ही मामलों में मौत का कारण साफ नहीं
वन विभाग जता रहा बीमारी से मौत की आशंका