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पिता फिजीशियन तो बेटा बनेगा सर्जन
Updated Sat, 24 Jun 2017 12:07 AM IST
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पिता फिजीशियन तो बेटा बनेगा सर्जन
हल्द्वानी।
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. नीलांबर भट्ट के बेटे कार्तिकेय न्यूरो या कार्डिक सर्जन बनना चाहते हैं। कार्तिकेय ने नीट में 767 रैंक हासिल की है। इंटरमीडिएट की तैयारी के साथ नीट के लिए तीन से चार घंटे की अलग से पढ़ाई करते थे। जबकि प्रकृति जोशी ने नीट में 160वीं रैंक हासिल की।
हल्द्वानी निवासी कार्तिकेय के माता-पिता डाक्टर हैं। मां डॉ. उषा भट्ट अल्मोड़ा में कार्यरत हैं तो पिता डॉ. नीलांबर भट्ट वरिष्ठ फिजीशियन हैं। कार्तिकेय ने नवोदय सीनियर सेकेंडरी स्कूल नजफगढ़ दिल्ली से इंटरमीडिएट की परीक्षा 2017 में उत्तीर्ण की। इंटरमीडिएट में उन्हें 96.2 प्रतिशत नंबर मिले थे। कार्तिकेय ने बताया कि इंटरमीडिएट की तैयारी करने के साथ ही मेडिकल के लिए तीन से चार घंटे अलग से पढ़ाई करते थे और कोचिंग भी कर रहे थे।
कार्तिकेय के बड़े भाई प्रणव भट्ट बिट्स पिलानी से इंजीनियरिंग कर रहे हैं और तृतीय वर्ष के छात्र हैं। कार्तिकेय ने बताया कि एमबीबीएस करने के बाद सर्जरी की पढ़ाई करेंगे और न्यूरो सर्जन या कार्डिक सर्जन बनेंगे। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और बड़े भाई को दिया। कार्तिकेय ने एम्स में 771वीं रैंक हासिल की थी और जिपमेर में 171 वीं रैंक हासिल की थी।
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दूसरी ओर नीट 2017 में उत्तराखंड से प्रकृति जोशी पुत्री नरेश कुमार जोशी देवलचौड़ हल्द्वानी ने आल इंडिया कोटा 160वीं रैंक प्राप्त की है। प्रकृति ने 2016 में नीट में 793वीं रैंक हासिल की थी एवं इनको जीएसवीएम, कानपुर में प्रवेश मिला था। लेकिन इनका लक्ष्य सफदरगंज हास्पिटल नई दिल्ली से एमबीबीएस करना था और इन्होंने दोबार तैयारी की। इन्होंने सीबीएसई की 12वीं परीक्षा में भी कुमाऊं टॉप किया था। वहीं सौरभ उपाध्याय पुत्र अनिल कुमार उपाध्याय ने भी नीट में 3690वीं रैंक प्राप्त की है।
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हल्द्वानी।
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. नीलांबर भट्ट के बेटे कार्तिकेय न्यूरो या कार्डिक सर्जन बनना चाहते हैं। कार्तिकेय ने नीट में 767 रैंक हासिल की है। इंटरमीडिएट की तैयारी के साथ नीट के लिए तीन से चार घंटे की अलग से पढ़ाई करते थे। जबकि प्रकृति जोशी ने नीट में 160वीं रैंक हासिल की।
हल्द्वानी निवासी कार्तिकेय के माता-पिता डाक्टर हैं। मां डॉ. उषा भट्ट अल्मोड़ा में कार्यरत हैं तो पिता डॉ. नीलांबर भट्ट वरिष्ठ फिजीशियन हैं। कार्तिकेय ने नवोदय सीनियर सेकेंडरी स्कूल नजफगढ़ दिल्ली से इंटरमीडिएट की परीक्षा 2017 में उत्तीर्ण की। इंटरमीडिएट में उन्हें 96.2 प्रतिशत नंबर मिले थे। कार्तिकेय ने बताया कि इंटरमीडिएट की तैयारी करने के साथ ही मेडिकल के लिए तीन से चार घंटे अलग से पढ़ाई करते थे और कोचिंग भी कर रहे थे।
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कार्तिकेय के बड़े भाई प्रणव भट्ट बिट्स पिलानी से इंजीनियरिंग कर रहे हैं और तृतीय वर्ष के छात्र हैं। कार्तिकेय ने बताया कि एमबीबीएस करने के बाद सर्जरी की पढ़ाई करेंगे और न्यूरो सर्जन या कार्डिक सर्जन बनेंगे। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और बड़े भाई को दिया। कार्तिकेय ने एम्स में 771वीं रैंक हासिल की थी और जिपमेर में 171 वीं रैंक हासिल की थी।
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दूसरी ओर नीट 2017 में उत्तराखंड से प्रकृति जोशी पुत्री नरेश कुमार जोशी देवलचौड़ हल्द्वानी ने आल इंडिया कोटा 160वीं रैंक प्राप्त की है। प्रकृति ने 2016 में नीट में 793वीं रैंक हासिल की थी एवं इनको जीएसवीएम, कानपुर में प्रवेश मिला था। लेकिन इनका लक्ष्य सफदरगंज हास्पिटल नई दिल्ली से एमबीबीएस करना था और इन्होंने दोबार तैयारी की। इन्होंने सीबीएसई की 12वीं परीक्षा में भी कुमाऊं टॉप किया था। वहीं सौरभ उपाध्याय पुत्र अनिल कुमार उपाध्याय ने भी नीट में 3690वीं रैंक प्राप्त की है।