{"_id":"5b11b27a4f1c1ba66e8b5bcb","slug":"171527886458-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रद्द हो सकती है पीजी की मान्यता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रद्द हो सकती है पीजी की मान्यता
Updated Sat, 02 Jun 2018 02:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। श्रीनगर मेडिकल कॉलेज और राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में कई विभागों की नॉन क्लीनिकल की पीजी सीटों के लंबे समय से रिक्त रहने के कारण मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया इनकी मान्यता रद्द कर सकता है। ढाई करोड़ की बांड राशि के चलते छात्र-छात्राएं नॉन क्लीनिकल की पीजी सीटों पर दाखिला नहीं ले रहे हैं।
श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में एनाटमी विभाग में पिछले दो वर्षों से नॉन क्लीनिकल की चार पीजी सीटें खाली चल रही हैं। एनाटमी में चार सीटें पिछले तीन वर्षों से खाली हैं, जबकि एक में इस वर्ष दाखिला हुआ है। फिजियोलॉजी में पिछले पांच वर्षों में दो सीटों पर किसी ने दाखिला नहीं लिया। बायोकेमेस्ट्री की एक सीट भी दो वर्षों से खाली है। कम्यूनिटी मेडिसिन में दो सीटें हैं और एक सीट खाली है। पिछले वर्ष दोनों सीटें खाली थीं।
फोरेंसिक इसी वर्ष से शुरू हुआ है और एक सीट पर दाखिला हुआ है जबकि दो खाली है। पैथोलॉजी में भी दो वर्ष पहले एक सीट खाली थी। सिर्फ माइक्रोबायोलॉजी में ही सभी सीटें भरी हुई हैं। सूत्रों की मानें तो ढाई करोड़ का बांड रखा गया है। बांड के तहत शर्त यह है कि पीजी पूरा करने के बाद दो वर्षों तक सेवा देनी होगी। सेवा न देने की स्थिति में ढाई करोड़ रुपये भरने होंगे। ढाई करोड़ के बांड के चलते ही छात्र-छात्राएं दाखिला नहीं ले रहे हैं। ऐसे में मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया नॉन क्लीनिकल की पीजी सीटों की मान्यता भी रद्द कर सकती है।
विज्ञापन
चिकित्सा-शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष स्याना ने कहा कि मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया मान्यता भी रद्द कर सकती है। ऐसे में शासन को सुझाव देंगे कि बांड को खत्म कर दिया जाए। साथ ही उत्तीर्ण होने वाले छात्र-छात्राओं को मेडिकल कालेज में ही नौकरी दी जाए। शासन को पूरा विवरण बनाकर दोबारा जल्द उपलब्ध करा देंगे।
रद्द हो सकती है पीजी की मान्यता
श्रीनगर मेडिकल कालेज में एनाटमी की चार सीटें खाली
राजकीय मेडिकल कालेज हल्द्वानी में भी कई विभागों में नॉन क्लीनिकल पीजी की सीटें खाली
विज्ञापन
श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में एनाटमी विभाग में पिछले दो वर्षों से नॉन क्लीनिकल की चार पीजी सीटें खाली चल रही हैं। एनाटमी में चार सीटें पिछले तीन वर्षों से खाली हैं, जबकि एक में इस वर्ष दाखिला हुआ है। फिजियोलॉजी में पिछले पांच वर्षों में दो सीटों पर किसी ने दाखिला नहीं लिया। बायोकेमेस्ट्री की एक सीट भी दो वर्षों से खाली है। कम्यूनिटी मेडिसिन में दो सीटें हैं और एक सीट खाली है। पिछले वर्ष दोनों सीटें खाली थीं।
विज्ञापन
फोरेंसिक इसी वर्ष से शुरू हुआ है और एक सीट पर दाखिला हुआ है जबकि दो खाली है। पैथोलॉजी में भी दो वर्ष पहले एक सीट खाली थी। सिर्फ माइक्रोबायोलॉजी में ही सभी सीटें भरी हुई हैं। सूत्रों की मानें तो ढाई करोड़ का बांड रखा गया है। बांड के तहत शर्त यह है कि पीजी पूरा करने के बाद दो वर्षों तक सेवा देनी होगी। सेवा न देने की स्थिति में ढाई करोड़ रुपये भरने होंगे। ढाई करोड़ के बांड के चलते ही छात्र-छात्राएं दाखिला नहीं ले रहे हैं। ऐसे में मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया नॉन क्लीनिकल की पीजी सीटों की मान्यता भी रद्द कर सकती है।
विज्ञापन
चिकित्सा-शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष स्याना ने कहा कि मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया मान्यता भी रद्द कर सकती है। ऐसे में शासन को सुझाव देंगे कि बांड को खत्म कर दिया जाए। साथ ही उत्तीर्ण होने वाले छात्र-छात्राओं को मेडिकल कालेज में ही नौकरी दी जाए। शासन को पूरा विवरण बनाकर दोबारा जल्द उपलब्ध करा देंगे।
रद्द हो सकती है पीजी की मान्यता
श्रीनगर मेडिकल कालेज में एनाटमी की चार सीटें खाली
राजकीय मेडिकल कालेज हल्द्वानी में भी कई विभागों में नॉन क्लीनिकल पीजी की सीटें खाली