{"_id":"597ba41b4f1c1bda058b468f","slug":"171501275163-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कूड़ा निस्तारण मामले में हल्द्वानी के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी दो को हाईकोर्ट में तलब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कूड़ा निस्तारण मामले में हल्द्वानी के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी दो को हाईकोर्ट में तलब
Updated Sat, 29 Jul 2017 02:26 AM IST
विज्ञापन
नैनीताल। हल्द्वानी-काठगोदाम के मुख्य मार्गों और सार्वजनिक स्थानों से कूड़ा निस्तारण के मामले में हाइकोर्ट ने दो अगस्त को नगर निगम के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है।
शुक्रवार को हल्द्वानी निवासी पंकज नेगी की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश केएम जोसफ और न्यायाधीश आलोक सिंह की खंडपीठ के समक्ष मुख्य विकास अधिकारी पेश हुए। कोर्ट में पेश हुए मुख्य विकास अधिकारी से खंडपीठ ने पूछा कि काठगोदाम से मुखानी तक नहर को कवर करने के लिए कितने दिन में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार होगी । मुख्य विकास अधिकारी ने एक माह में परियोजना रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजे जाने का वादा किया।
नगर निगम से पूछा कि कूड़ा उठाने के लिए नगर निगम के पास कितने कर्मचारी व गाड़ियां हैं और कितने स्वास्थ्य अधिकारी हैं। नगर निगम के प्रतिनिधि ने कोर्ट को बताया कि अभी निगम के पास 250 सफाई कर्मचारी और सात गाड़ियां तथा एक स्वास्थ्य अधिकारी है । कोर्ट ने नाराजगी जताते हुई मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से दो अगस्त को कोर्ट में पेश होने को कहा है।
विज्ञापन
जनहित याचिका में कहा गया था कि हल्द्वानी और काठगोदाम के मुख्य मार्गों, सार्वजनिक स्थानों में कूड़ा बिखरा हुआ है। यह स्थिति नगर निगम के कुप्रबंधन के कारण उत्पन्न हुई है। कोर्ट ने पूर्व में भी कूड़ा निस्तारण करने के आदेश पारित किये थे। इसके बावजूद अभी तक नगर निगम और प्रशासन की लापरवाही के कारण कूड़ा निस्तारण के उचित उपाय नहीं किये गये हैं। हल्द्वानी के मुख्य तीन वार्ड सुभाष नगर राजपुरा और जवाहर नगर में भी बहुत कूड़ा फैला हुआ है जिससे वहां पर पीलिया और मलेरिया के फैलने की आशंका है। कई स्थानों पर पीलिया होने की पुष्टि हुई है और नालियां साफ न होने के कारण जलभराव हो रहा है।
विज्ञापन
शुक्रवार को हल्द्वानी निवासी पंकज नेगी की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश केएम जोसफ और न्यायाधीश आलोक सिंह की खंडपीठ के समक्ष मुख्य विकास अधिकारी पेश हुए। कोर्ट में पेश हुए मुख्य विकास अधिकारी से खंडपीठ ने पूछा कि काठगोदाम से मुखानी तक नहर को कवर करने के लिए कितने दिन में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार होगी । मुख्य विकास अधिकारी ने एक माह में परियोजना रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजे जाने का वादा किया।
विज्ञापन
नगर निगम से पूछा कि कूड़ा उठाने के लिए नगर निगम के पास कितने कर्मचारी व गाड़ियां हैं और कितने स्वास्थ्य अधिकारी हैं। नगर निगम के प्रतिनिधि ने कोर्ट को बताया कि अभी निगम के पास 250 सफाई कर्मचारी और सात गाड़ियां तथा एक स्वास्थ्य अधिकारी है । कोर्ट ने नाराजगी जताते हुई मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से दो अगस्त को कोर्ट में पेश होने को कहा है।
विज्ञापन
जनहित याचिका में कहा गया था कि हल्द्वानी और काठगोदाम के मुख्य मार्गों, सार्वजनिक स्थानों में कूड़ा बिखरा हुआ है। यह स्थिति नगर निगम के कुप्रबंधन के कारण उत्पन्न हुई है। कोर्ट ने पूर्व में भी कूड़ा निस्तारण करने के आदेश पारित किये थे। इसके बावजूद अभी तक नगर निगम और प्रशासन की लापरवाही के कारण कूड़ा निस्तारण के उचित उपाय नहीं किये गये हैं। हल्द्वानी के मुख्य तीन वार्ड सुभाष नगर राजपुरा और जवाहर नगर में भी बहुत कूड़ा फैला हुआ है जिससे वहां पर पीलिया और मलेरिया के फैलने की आशंका है। कई स्थानों पर पीलिया होने की पुष्टि हुई है और नालियां साफ न होने के कारण जलभराव हो रहा है।