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केबिल आपरेटर से जुड़ी खबर 2
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हल्द्वानी। केबल उपभोक्ताओं को अभी 300 चैनल देखने के लिए 350 रुपये ही भुगतान करना होगा। टेलीकॉम रेगुलेटरी ऑफ अथॉरिटी (ट्राई) ने फ्री टू एयर चैनल वाले बेसिक पैक का नियम एक माह के लिए बढ़ा दिया है। यह नियम 29 दिसंबर से लागू होना था अब यह 29 जनवरी से लागू होगा।
हल्द्वानी डिजिटल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हेमंत जोशी ने बताया कि ट्राई ने 29 दिसंबर को नियम लागू करने की योजना बनाई थी। इस योजना के तहत 130 रुपये की बेसिक चैनल पैक होगा। इसमें 100 फ्री टू एयर चैनल देख सकते हैं। वहीं उपभोक्ता पसंद के अनुसार अलग-अलग चैनलों के पैकेज लेंगे। इससे मासिक शुल्क 850 रुपये तक हो सकता है। वहीं अभी यह 350 रुपये में 300 चैनल देखने को मिलते हैं। जोशी ने बताया कि ट्राई ने यह नियम एक माह के लिए स्थगित कर दिया है। अब यह नियम 29 जनवरी को लागू होने की संभावना है। जोशी ने बताया कि हर उपभोक्ता का डाटा जुटाने में समय लगा है इसलिए रियायत दी गई है।
अब 29 जनवरी से लागू होगा ट्राई का नया नियम
नियम के मुताबिक उपभोक्ताओं को 300 चैनल के लिए देने होंगे 850 रुपये
राज्य कर विभाग को नहीं पता हल्द्वानी में कितने हैं केबल आपरेटर
हल्द्वानी। हल्द्वानी में सिर्फ बरेली रोड से रामपुर रोड के बीच कुछ इलाके में ही सात केबल ऑपरेटर हैं पढ़कर चौंकिए मत। यह दावा हमारा नहीं राज्य कर विभाग का है। ये हैरान करने वाली जानकारी का खुलासा सूचना के अधिकार में हुआ है। ये हाल तब है जब मनोरंजन कर विभाग को राज्य कर में विलय हुए एक साल का समय बीत चुका है।
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कुमाऊं में दो बड़े मल्टी सर्विस ऑपरेटर हैं। ये एमएसओ सभी जनपदों में बडे़ छोटे 175-180 लोकल केबल ऑपरेटर को सेवाएं देते हैं। इसी तरह हल्द्वानी में भी करीब बड़े-छोटे 50-60 लोकल केबल ऑपरेटर हैं। ये केबल ऑपरेटर हल्द्वानी से 35 किमी की परिधि में 2,25,000-2,50,000 उपभोक्ताओं को सेवाएं देते हैं। ये पहले मनोरंजन कर में सूचीबद्ध थे। एक जुलाई 2017 को जीएसटी लागू हुआ। जीएसटी लागू होने के बाद मनोरंजन कर विभाग का राज्य कर विभाग में विलय कर दिया गया। डेढ़ साल बाद भी राज्य कर विभाग को हल्द्वानी से लालकुआं तक केबल ऑपरेटरों, वसूला गया टैक्स, उपभोक्ताओं की संख्या आदि की सटीक जानकारी नहीं है। खंड अधिकारियों की माने तो खंड 1, 2, 3 में केबल ऑपरेटरों और उपभोक्ताओं की संख्या, टैक्स से हुई आय ‘जीरो’ है। सिर्फ खंड 4 ने ही सात केबल ऑपरेटर और आय 2,83,106 रुपये का ब्योरा दिया है। इसका खुलासा गुरुचरण सिंह निवासी बर्तन बाजार के मांगे गए सूचना के अधिकार में हुआ है।
विभाग के चार में तीन से खंड अधिकारी नहीं दे पाए केबल ऑपरेटरों से जुड़ी सटीक जानकारी
एक सूचना के अधिकार में हुआ खुलासा
= 66 फीसदी घट गया खजाना =
राज्य कर विभाग के खंड-4 को साल 2017-18 में केबल ऑपरेटरों से 9,12,198 रुपये टैक्स मिला था। वहीं एक जुलाई को जीएसटी पूरी तरह से लागू होने के बाद 2018-19 में 1 अप्रैल 2018 से 30 सितंबर तक महज 2,83,106 रुपये की आय हुई। इससे राज्य कर विभाग को होने वाली आय में तकरीबन 66 फीसदी का नुकसान हुआ है।
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हल्द्वानी डिजिटल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हेमंत जोशी ने बताया कि ट्राई ने 29 दिसंबर को नियम लागू करने की योजना बनाई थी। इस योजना के तहत 130 रुपये की बेसिक चैनल पैक होगा। इसमें 100 फ्री टू एयर चैनल देख सकते हैं। वहीं उपभोक्ता पसंद के अनुसार अलग-अलग चैनलों के पैकेज लेंगे। इससे मासिक शुल्क 850 रुपये तक हो सकता है। वहीं अभी यह 350 रुपये में 300 चैनल देखने को मिलते हैं। जोशी ने बताया कि ट्राई ने यह नियम एक माह के लिए स्थगित कर दिया है। अब यह नियम 29 जनवरी को लागू होने की संभावना है। जोशी ने बताया कि हर उपभोक्ता का डाटा जुटाने में समय लगा है इसलिए रियायत दी गई है।
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अब 29 जनवरी से लागू होगा ट्राई का नया नियम
नियम के मुताबिक उपभोक्ताओं को 300 चैनल के लिए देने होंगे 850 रुपये
राज्य कर विभाग को नहीं पता हल्द्वानी में कितने हैं केबल आपरेटर
हल्द्वानी। हल्द्वानी में सिर्फ बरेली रोड से रामपुर रोड के बीच कुछ इलाके में ही सात केबल ऑपरेटर हैं पढ़कर चौंकिए मत। यह दावा हमारा नहीं राज्य कर विभाग का है। ये हैरान करने वाली जानकारी का खुलासा सूचना के अधिकार में हुआ है। ये हाल तब है जब मनोरंजन कर विभाग को राज्य कर में विलय हुए एक साल का समय बीत चुका है।
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कुमाऊं में दो बड़े मल्टी सर्विस ऑपरेटर हैं। ये एमएसओ सभी जनपदों में बडे़ छोटे 175-180 लोकल केबल ऑपरेटर को सेवाएं देते हैं। इसी तरह हल्द्वानी में भी करीब बड़े-छोटे 50-60 लोकल केबल ऑपरेटर हैं। ये केबल ऑपरेटर हल्द्वानी से 35 किमी की परिधि में 2,25,000-2,50,000 उपभोक्ताओं को सेवाएं देते हैं। ये पहले मनोरंजन कर में सूचीबद्ध थे। एक जुलाई 2017 को जीएसटी लागू हुआ। जीएसटी लागू होने के बाद मनोरंजन कर विभाग का राज्य कर विभाग में विलय कर दिया गया। डेढ़ साल बाद भी राज्य कर विभाग को हल्द्वानी से लालकुआं तक केबल ऑपरेटरों, वसूला गया टैक्स, उपभोक्ताओं की संख्या आदि की सटीक जानकारी नहीं है। खंड अधिकारियों की माने तो खंड 1, 2, 3 में केबल ऑपरेटरों और उपभोक्ताओं की संख्या, टैक्स से हुई आय ‘जीरो’ है। सिर्फ खंड 4 ने ही सात केबल ऑपरेटर और आय 2,83,106 रुपये का ब्योरा दिया है। इसका खुलासा गुरुचरण सिंह निवासी बर्तन बाजार के मांगे गए सूचना के अधिकार में हुआ है।
विभाग के चार में तीन से खंड अधिकारी नहीं दे पाए केबल ऑपरेटरों से जुड़ी सटीक जानकारी
एक सूचना के अधिकार में हुआ खुलासा
= 66 फीसदी घट गया खजाना =
राज्य कर विभाग के खंड-4 को साल 2017-18 में केबल ऑपरेटरों से 9,12,198 रुपये टैक्स मिला था। वहीं एक जुलाई को जीएसटी पूरी तरह से लागू होने के बाद 2018-19 में 1 अप्रैल 2018 से 30 सितंबर तक महज 2,83,106 रुपये की आय हुई। इससे राज्य कर विभाग को होने वाली आय में तकरीबन 66 फीसदी का नुकसान हुआ है।