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एमबीपीजी कालेज ने बीए प्रथम सेमेस्टर के पांच छात्रों का दाखिला किया निरस्त
Updated Tue, 04 Sep 2018 01:15 AM IST
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हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज ने गलत ढंग से बीए प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश लेने वाले पांच छात्रों का दाखिला सोमवार को निरस्त कर दिया। छात्रसंघ चुनाव से पहले कॉलेज प्रबंधन कड़ी कार्रवाई की है।
प्राचार्य डॉ. रेखा पांडे ने प्रवेश निरस्त करने के बाद सूची नोटिस बोर्ड पर चस्पा करवा दी है। बीए-1 सेमेस्टर प्रवेश समिति के संयोजक डॉ. हेमंत कुमार शुक्ला ने बताया कि गौरव सिंह मटियाली ने सत्र 2017-18 में बीए प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश लेकर प्रथम सेमेस्टर परीक्षा में उत्तीर्ण कर ली जो कि विश्वविद्यालय के नियमों के विपरीत है, इस कारण गौरव का प्रवेश निरस्त किया गया। योगेश चिलवाल का दाखिला झारखंड स्टेट ओपन स्कूल, रांची के फेक बोर्ड होने के कारण निरस्त किया है। डॉ. शुक्ला ने बताया कि तपस सरकार ने प्रवेश फार्म में जो जाति प्रमाणपत्र लगाया था वह केवल छात्रवृत्ति के लिए मान्य है, प्रवेश में लाभ हेतु मान्य नहीं है। उसके इंटर परीक्षा में 38.60 प्रतिशत अंक हैं जबकि प्रवेश के लिए अर्हता न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक होना जरूरी हैं। सुरेंद्र सिंह मेहरा ने सत्र 2017-18 में बीए प्रथम सेमेस्टर में महाविद्यालय में प्रवेश लेकर परीक्षा दी थी जिसमें वह अनुत्तीर्ण हुआ, इस कारण उसका प्रवेश निरस्त किया गया है। गंगेश कुमार अन्य प्रदेश का है, अन्य प्रदेश के विद्यार्थी के लिए प्रवेश की न्यूनतम अर्हता इंटर परीक्षा में 50 प्रतिशत है जबकि उसके 41.80 प्रतिशत अंक हैं।
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प्राचार्य डॉ. रेखा पांडे ने प्रवेश निरस्त करने के बाद सूची नोटिस बोर्ड पर चस्पा करवा दी है। बीए-1 सेमेस्टर प्रवेश समिति के संयोजक डॉ. हेमंत कुमार शुक्ला ने बताया कि गौरव सिंह मटियाली ने सत्र 2017-18 में बीए प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश लेकर प्रथम सेमेस्टर परीक्षा में उत्तीर्ण कर ली जो कि विश्वविद्यालय के नियमों के विपरीत है, इस कारण गौरव का प्रवेश निरस्त किया गया। योगेश चिलवाल का दाखिला झारखंड स्टेट ओपन स्कूल, रांची के फेक बोर्ड होने के कारण निरस्त किया है। डॉ. शुक्ला ने बताया कि तपस सरकार ने प्रवेश फार्म में जो जाति प्रमाणपत्र लगाया था वह केवल छात्रवृत्ति के लिए मान्य है, प्रवेश में लाभ हेतु मान्य नहीं है। उसके इंटर परीक्षा में 38.60 प्रतिशत अंक हैं जबकि प्रवेश के लिए अर्हता न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक होना जरूरी हैं। सुरेंद्र सिंह मेहरा ने सत्र 2017-18 में बीए प्रथम सेमेस्टर में महाविद्यालय में प्रवेश लेकर परीक्षा दी थी जिसमें वह अनुत्तीर्ण हुआ, इस कारण उसका प्रवेश निरस्त किया गया है। गंगेश कुमार अन्य प्रदेश का है, अन्य प्रदेश के विद्यार्थी के लिए प्रवेश की न्यूनतम अर्हता इंटर परीक्षा में 50 प्रतिशत है जबकि उसके 41.80 प्रतिशत अंक हैं।
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