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नंधौर टाइगर रिजर्व पर फिर मांगी रिपोर्ट
Updated Wed, 27 Jun 2018 01:28 AM IST
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हल्द्वानी। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने टाइगर रिजर्व को लेकर एक बार फिर प्रदेश के प्रमुख वन्य जीव प्रतिपालक से रिपोर्ट तलब की है।
चोरगलिया और आसपास के एक दर्जन से ज्यादा गांवों के ग्रामीण नंधौर अभयारण्य में टीआर बनाने का विरोध कर रहे हैं। नंधौर में टीआर के विरोध में चोरगलिया के युवाओं का दल दिल्ली में एनटीसीए पहुंच गया। यहां उन्होंने प्राधिकरण के सदस्य सचिव अनूप नायक के सामने टीआर का विरोध जताया। हजारों ग्रामीणों के हस्ताक्षर वाला पत्र, डीएफओ, वन संरक्षक की विरोध की रिपोर्ट भी सौंपी। इस पर सचिव नायक ने उप वन महानिरीक्षक निशांत वर्मा से मामले की जांच कर दोबारा रिपोर्ट मांगने के निर्देश दिए। वर्मा ने प्रमुख वन्यजीव प्रतिपालक डॉ. डीवीएस खाती से जनता के विरोध के साथ रिपोर्ट तलब की है। भुवन पोखरिया ने बताया कि नंधौर में टीआर बनाने के प्रस्ताव निरस्त करने के लिए मुख्यमंत्री से मुलाकात की जाएगी।
ग्रामीणों के हक पर नहीं होगा असर
हल्द्वानी। प्रमुख वन्यजीव प्रतिपालक डॉ. दिग्विजय सिंह खाती ने बताया कि नंधौर अभयारण्य बना था, तब वहां रायशुमारी की गई थी। अभी भी सिर्फ अभयारण्य के 269.5 वर्ग किमी में टीआर बनाया जाएगा जबकि ईको सेंसिटिव जोन का हिस्सा रिजर्व से बाहर है। अभ्यारण्य में रिजर्व बनने से ग्रामीणों के हक पर कोई असर नहीं होगा।
जनता का विरोध मेरा विरोध : दुम्का
हल्द्वानी। विधायक नवीन दुम्का का कहना है कि जनता का विरोध ही मेरा विरोध है। नंधौर में टीआर बनने पर जनता का विरोध था। इस पर उन्होंने प्रमुख वन्यजीव प्रतिपालक से मुलाकात कर टीआर को नंधौर अभयारण्य तक ही सीमित कराया। वहां से ईएसजेड हटाया गया। उन्होंने बताया कि इस बाबत चोरगलिया के चार-पांच बाशिंदों को देहरादून में मुख्यमंत्री से मिलने के लिए समय दिलाया था, लेकिन वह लोग नहीं गए। इस पर वह स्वयं गए और मुख्यमंत्री से मिलकर टीआर को लेकर जनता के भारी विरोध के बारे में भी बताया।
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खत्ता वासी भी हुए मुखर
नंधौर अभयारण्य में टाइगर रिजर्व बनने के विरोध में खत्ता वासी भी मुखर हो गए हैं। उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर रिजर्व बनाने के खिलाफ नारेबाजी की। इस विरोध में हंसपुर खत्ता, डौली, रेक्वाल, तपस्या नाला के खत्ता वासियों ने समर्थन दिया है।
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चोरगलिया और आसपास के एक दर्जन से ज्यादा गांवों के ग्रामीण नंधौर अभयारण्य में टीआर बनाने का विरोध कर रहे हैं। नंधौर में टीआर के विरोध में चोरगलिया के युवाओं का दल दिल्ली में एनटीसीए पहुंच गया। यहां उन्होंने प्राधिकरण के सदस्य सचिव अनूप नायक के सामने टीआर का विरोध जताया। हजारों ग्रामीणों के हस्ताक्षर वाला पत्र, डीएफओ, वन संरक्षक की विरोध की रिपोर्ट भी सौंपी। इस पर सचिव नायक ने उप वन महानिरीक्षक निशांत वर्मा से मामले की जांच कर दोबारा रिपोर्ट मांगने के निर्देश दिए। वर्मा ने प्रमुख वन्यजीव प्रतिपालक डॉ. डीवीएस खाती से जनता के विरोध के साथ रिपोर्ट तलब की है। भुवन पोखरिया ने बताया कि नंधौर में टीआर बनाने के प्रस्ताव निरस्त करने के लिए मुख्यमंत्री से मुलाकात की जाएगी।
ग्रामीणों के हक पर नहीं होगा असर
हल्द्वानी। प्रमुख वन्यजीव प्रतिपालक डॉ. दिग्विजय सिंह खाती ने बताया कि नंधौर अभयारण्य बना था, तब वहां रायशुमारी की गई थी। अभी भी सिर्फ अभयारण्य के 269.5 वर्ग किमी में टीआर बनाया जाएगा जबकि ईको सेंसिटिव जोन का हिस्सा रिजर्व से बाहर है। अभ्यारण्य में रिजर्व बनने से ग्रामीणों के हक पर कोई असर नहीं होगा।
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जनता का विरोध मेरा विरोध : दुम्का
हल्द्वानी। विधायक नवीन दुम्का का कहना है कि जनता का विरोध ही मेरा विरोध है। नंधौर में टीआर बनने पर जनता का विरोध था। इस पर उन्होंने प्रमुख वन्यजीव प्रतिपालक से मुलाकात कर टीआर को नंधौर अभयारण्य तक ही सीमित कराया। वहां से ईएसजेड हटाया गया। उन्होंने बताया कि इस बाबत चोरगलिया के चार-पांच बाशिंदों को देहरादून में मुख्यमंत्री से मिलने के लिए समय दिलाया था, लेकिन वह लोग नहीं गए। इस पर वह स्वयं गए और मुख्यमंत्री से मिलकर टीआर को लेकर जनता के भारी विरोध के बारे में भी बताया।
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खत्ता वासी भी हुए मुखर
नंधौर अभयारण्य में टाइगर रिजर्व बनने के विरोध में खत्ता वासी भी मुखर हो गए हैं। उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर रिजर्व बनाने के खिलाफ नारेबाजी की। इस विरोध में हंसपुर खत्ता, डौली, रेक्वाल, तपस्या नाला के खत्ता वासियों ने समर्थन दिया है।