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हर खनन मदजूर के बच्चे के चेहरे पर होगी मुसकान
Updated Thu, 21 Dec 2017 01:57 AM IST
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हल्द्वानी। गौला नदी में खनन में लगे हर मजदूर के बच्चे के चेहरे पर मुस्कान होगी। वन विकास निगम ने नदी के सभी गेटों अस्थायी स्कूल बनाकर मजदूरों को शिक्षा देने का प्रस्ताव बनाया है। इस प्रस्ताव पर मुहर लगते ही शिक्षण शुरू हो जाएगा।
गौला नदी में शीशमहल से शांतिपुरी तक 11 गेटों पर उप खनिज की निकासी की जाती है। इन गेटों पर उप्र, बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, पंजाब के 10,000 से ज्यादा मजदूर काम करते हैं। ये मजदूर रोखड़ और जंगल से सटे इलाके में पत्नी बच्चों संग झुग्गियां बना कर रहते हैं। इन मजदूरों के बच्चों की शिक्षा के लिए पूरी नदी में सिर्फ आंवला चौकी गेट पर ही मुस्कान केंद्र स्थापित हैं।
इस मुस्कान केंद्र में आसपास के गेटों से मजदूरों के बच्चे पढ़ने नहीं आ पाते हैं जिससे बाकी गेटों पर मजदूरों के बच्चे शिक्षा के अधिकार से वंचित रह जाते हैं।
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इस समस्या के मद्देनजर प्रभागीय लौगिंग प्रबंधक एनके वार्ष्णेय ने इस साल हर गेट पर अस्थायी स्कूल खोलने का प्रस्ताव बनाया है ताकि प्रत्येक गेट पर बच्चों को शिक्षा मिल सके और मुस्कान केंद्र का मकसद भी पूरा हो। फिलहाल यह प्रस्ताव बनाकर आला अधिकारियों को भेजा जा रहा है। प्रस्ताव पर मुहर लगते ही काम पूरा हो जाएगा।
क्या है मुस्कान केंद्र
गौला नदी के खनन मजदूरों के बच्चों को शिक्षा का अधिकार मिले इसलिए वन निगम नदी में अस्थायी स्कूल मुस्कान केंद्र के नाम से खोलता है। इस केंद्र में बच्चों को मुफ्त शिक्षा, यूनिफार्म, किताबें आदि दी जाती हैं। स्कूल और शिक्षक के इंतजाम का जिम्मा वन निगम पर होता है।
वन निगम गौला नदी के खनन मजदूरों, उनके बच्चों के विकास के लिए तत्पर है। हर गेट पर अस्थायी स्कूल बनाने का अच्छा प्रस्ताव है इससे सभी बच्चों को समुचित शिक्षा मिलेगी।
- एमपीएस रावत, क्षेत्रीय प्रबंधक वन विकास निगम, हल्द्वानी
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गौला नदी में शीशमहल से शांतिपुरी तक 11 गेटों पर उप खनिज की निकासी की जाती है। इन गेटों पर उप्र, बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, पंजाब के 10,000 से ज्यादा मजदूर काम करते हैं। ये मजदूर रोखड़ और जंगल से सटे इलाके में पत्नी बच्चों संग झुग्गियां बना कर रहते हैं। इन मजदूरों के बच्चों की शिक्षा के लिए पूरी नदी में सिर्फ आंवला चौकी गेट पर ही मुस्कान केंद्र स्थापित हैं।
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इस मुस्कान केंद्र में आसपास के गेटों से मजदूरों के बच्चे पढ़ने नहीं आ पाते हैं जिससे बाकी गेटों पर मजदूरों के बच्चे शिक्षा के अधिकार से वंचित रह जाते हैं।
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इस समस्या के मद्देनजर प्रभागीय लौगिंग प्रबंधक एनके वार्ष्णेय ने इस साल हर गेट पर अस्थायी स्कूल खोलने का प्रस्ताव बनाया है ताकि प्रत्येक गेट पर बच्चों को शिक्षा मिल सके और मुस्कान केंद्र का मकसद भी पूरा हो। फिलहाल यह प्रस्ताव बनाकर आला अधिकारियों को भेजा जा रहा है। प्रस्ताव पर मुहर लगते ही काम पूरा हो जाएगा।
क्या है मुस्कान केंद्र
गौला नदी के खनन मजदूरों के बच्चों को शिक्षा का अधिकार मिले इसलिए वन निगम नदी में अस्थायी स्कूल मुस्कान केंद्र के नाम से खोलता है। इस केंद्र में बच्चों को मुफ्त शिक्षा, यूनिफार्म, किताबें आदि दी जाती हैं। स्कूल और शिक्षक के इंतजाम का जिम्मा वन निगम पर होता है।
वन निगम गौला नदी के खनन मजदूरों, उनके बच्चों के विकास के लिए तत्पर है। हर गेट पर अस्थायी स्कूल बनाने का अच्छा प्रस्ताव है इससे सभी बच्चों को समुचित शिक्षा मिलेगी।
- एमपीएस रावत, क्षेत्रीय प्रबंधक वन विकास निगम, हल्द्वानी