{"_id":"59ee4c624f1c1bb6678b718e","slug":"161508789346-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नींद से जागा नगर निगम प्रशासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नींद से जागा नगर निगम प्रशासन
Updated Tue, 24 Oct 2017 01:39 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। जैव चिकित्सीय कचरे के मामले में नगर निगम के अधिकारियों की नींद टूट गई है। नगर निगम के अधिकारियों ने जैव चिकित्सीय कचरे का निस्तारण नहीं करने वाले 39 क्लीनिकों को नोटिस देना शुरू कर दिया है। तीन दिन में जैव चिकित्सीय कचरे का निस्तारण नहीं करने पर एनजीटी के नियमों के तहत कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी है।
अमर उजाला में 39 क्लीनिकों द्वारा जैव चिकित्सीय कचरे का निस्तारण नहीं करने और इनसे निकलने वाले जैव चिकित्सीय कचरे को गांधी स्कूल के सामने और ट्रंचिंग ग्राउंड में खपाया जाने की खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबरें छपने के बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आया है। नगर निगम प्रशासन ने ग्लोबल कंपनी की ओर से उपलब्ध कराई गई सूची के तहत 39 चिकित्सालयों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। नोटिस में कहा गया है कि अगर अस्पताल तीन दिन के भीतर जैव चिकित्सीय कचरे का निस्तारण के लिए कोई कदम नहीं उठाते हैं तो एनजीटी के आदेशों के तहत कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त हरवीर सिंह ने बताया कि इन 39 क्लीनिकों को नोटिस भेजा जा रहा है। इन्हें तीन दिन का समय दिया गया है।
विज्ञापन
अमर उजाला में 39 क्लीनिकों द्वारा जैव चिकित्सीय कचरे का निस्तारण नहीं करने और इनसे निकलने वाले जैव चिकित्सीय कचरे को गांधी स्कूल के सामने और ट्रंचिंग ग्राउंड में खपाया जाने की खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबरें छपने के बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आया है। नगर निगम प्रशासन ने ग्लोबल कंपनी की ओर से उपलब्ध कराई गई सूची के तहत 39 चिकित्सालयों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। नोटिस में कहा गया है कि अगर अस्पताल तीन दिन के भीतर जैव चिकित्सीय कचरे का निस्तारण के लिए कोई कदम नहीं उठाते हैं तो एनजीटी के आदेशों के तहत कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त हरवीर सिंह ने बताया कि इन 39 क्लीनिकों को नोटिस भेजा जा रहा है। इन्हें तीन दिन का समय दिया गया है।
विज्ञापन