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यूओयू को एमएससी पाठ्यक्रम संचालित करने की मंजूरी मिली
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हल्द्वानी। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) से पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए अच्छी खबर है। यूजीसी ने यूओयू को विभिन्न विषयों में एमएससी पाठ्यक्रम संचालित करने की अनुमति प्रदान कर दी है। इसके साथ ही एमए भूगोल पाठ्यक्रम की स्वीकृति भी दी गई है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने पिछले वर्ष यूओयू के कई पाठ्यक्रमों के साथ ही एमएससी संचालित करने पर रोक लगा दी थी। यूजीसी ने स्नातक और स्नातकोत्तर के अन्य पाठ्यक्रमों की अनुमति तो दी मगर एमएससी पाठ्यक्रम चलाने का मामला क्लीयर नहीं हो सका था। इसको लेकर यूओयू के कुलपति प्रो. ओपीएस नेगी द्वारा कई बार दिल्ली जाकर यूजीसी के अधिकारियों से संपर्क किया और प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियां और छात्रों की समस्याओं से अवगत कराया, इसका परिणाम यह हुआ कि अप्रैल में यूजीसी की तीन सदस्यीय टीम ने यूओयू आकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया था। कमेटी की संस्तुति के आधार पर यूजीसी ने यूओयू को इन विषयों की मंजूरी दे दी है। जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राकेश रयाल ने बताया कि पहली जुलाई से शुरू होने वाली प्रवेश प्रक्रिया में अब विश्वविद्यालय इन विषयों में विद्यार्थियों को दाखिला दे सकेगा।
अब यूओयू से भी कीजिए एमएससी
यूजीसी ने भेजा आठ पाठ्यक्रमों को चलाने का स्वीकृति पत्र
एमएससी पर्यावरण पहली बार शुरू होगा
इन पाठ्यक्रमों को मिली मान्यता
हल्द्वानी। एमए भूगोल, एमएससी भूगोल, एमएससी रसायन विज्ञान, एमएससी गणित, एमएससी भौतिकी विज्ञान, एमएससी जंतु विज्ञान, एमएससी वनस्पति विज्ञान एवं एमएससी पर्यावरण को मान्यता मिली है। पर्यावरण विषय पहली बार शुरू होगा। इस तरह यूओयू में आठ पाठ्यक्रमों को जोड़कर संचालित पाठ्यक्रमों की संख्या 88 हो गई है।
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15 अध्ययन केंद्रों पर संचालित होगी एमएससी
हल्द्वानी। यूओयू द्वारा एमएससी पूरे राज्य में केवल 15 अध्ययन केंद्रों में प्रस्तावित है, जहां पहले से ही दूसरे विश्वविद्यालय के ये सभी पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हों। सभी अध्ययन केंद्र राजकीय महाविद्यालय या विश्वविद्यालय परिसर होंगे। एक विषय में केवल 20 सीटों पर ही प्रवेश दिया जाएगा।
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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने पिछले वर्ष यूओयू के कई पाठ्यक्रमों के साथ ही एमएससी संचालित करने पर रोक लगा दी थी। यूजीसी ने स्नातक और स्नातकोत्तर के अन्य पाठ्यक्रमों की अनुमति तो दी मगर एमएससी पाठ्यक्रम चलाने का मामला क्लीयर नहीं हो सका था। इसको लेकर यूओयू के कुलपति प्रो. ओपीएस नेगी द्वारा कई बार दिल्ली जाकर यूजीसी के अधिकारियों से संपर्क किया और प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियां और छात्रों की समस्याओं से अवगत कराया, इसका परिणाम यह हुआ कि अप्रैल में यूजीसी की तीन सदस्यीय टीम ने यूओयू आकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया था। कमेटी की संस्तुति के आधार पर यूजीसी ने यूओयू को इन विषयों की मंजूरी दे दी है। जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राकेश रयाल ने बताया कि पहली जुलाई से शुरू होने वाली प्रवेश प्रक्रिया में अब विश्वविद्यालय इन विषयों में विद्यार्थियों को दाखिला दे सकेगा।
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अब यूओयू से भी कीजिए एमएससी
यूजीसी ने भेजा आठ पाठ्यक्रमों को चलाने का स्वीकृति पत्र
एमएससी पर्यावरण पहली बार शुरू होगा
इन पाठ्यक्रमों को मिली मान्यता
हल्द्वानी। एमए भूगोल, एमएससी भूगोल, एमएससी रसायन विज्ञान, एमएससी गणित, एमएससी भौतिकी विज्ञान, एमएससी जंतु विज्ञान, एमएससी वनस्पति विज्ञान एवं एमएससी पर्यावरण को मान्यता मिली है। पर्यावरण विषय पहली बार शुरू होगा। इस तरह यूओयू में आठ पाठ्यक्रमों को जोड़कर संचालित पाठ्यक्रमों की संख्या 88 हो गई है।
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15 अध्ययन केंद्रों पर संचालित होगी एमएससी
हल्द्वानी। यूओयू द्वारा एमएससी पूरे राज्य में केवल 15 अध्ययन केंद्रों में प्रस्तावित है, जहां पहले से ही दूसरे विश्वविद्यालय के ये सभी पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हों। सभी अध्ययन केंद्र राजकीय महाविद्यालय या विश्वविद्यालय परिसर होंगे। एक विषय में केवल 20 सीटों पर ही प्रवेश दिया जाएगा।