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पांच साल के मासूम को दिनदहाड़े कार से अगवा करने की कोशिश
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हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल के पास बुधवार की दोपहर स्कार्पियो में परिजनों के साथ जा रहे पांच साल के मासूम को बाइक सवारों ने अगवा करने की कोशिश की। धक्का मुक्की के बीच गाड़ी का शीशा टूट गया। एनआरआई महिला ने इसके पीछे अपने जीजा का हाथ बताया है। घटना का कारण बहन और उसके पति के बीच संबंध विच्छेद का विवाद बताया जा रहा है।
रामपुर जिले बिलासपुर कोतलखेड़ा की मूल निवासी हरबीर कौर और उनके पति सतनाम सिंह स्वीडन में नौकरी करते हैं। हरबीर कौर इन दिनों अपने मायके आई हैं। बुधवार की दोपहर वह अपनी बहन अनूरी के बेटे का हास्टल में दाखिला कराने हल्द्वानी आ रही थीं। स्कार्पियो (यूके 04जेड6379) में उनकी मां सुरजीत कौर, पिता सरदार देवेंद्र सिंह, पांच साल के बेटा और भांजा भी था।
आरोप है कि सुशीला तिवारी अस्पताल के सामने बाइक से पीछा रहे दो लोगों ने उनकी गाड़ी को रोक लिया। आगे बाइक लगाकर दोनों ने हरबीर के पांच साल के बेटे को स्कार्पियो से अगवा करने की कोशिश की। विरोध करने और शोर मचाने पर तत्काल पुलिस पहुंची तो बाइक सवार भाग निकले। इस बीच दोनों ने हरबीर के साथ धक्का मुक्की की।
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हरबीर ने एसएसआई विजय सिंह मेहता को बताया कि बाइक सवार उसकी बहन अनूरी कौर का पति गुरदेव सिंह और उसका भाई था। उसकी बहन और जीजा का संबंध विच्छेद हो गया है। अदालत ने अनूरी के पक्ष में फैसला देते हुए बेटे को पास रखने के निर्देश दिए हैं। आरोप लगाया कि बहन को साथ रखने पर उसके भाई को भी जीजा ने 24 जून को धमकाया था।
एसएसआई ने इस मामले की जांच मेडिकल चौकी प्रभारी कैलाश सिंह नेगी को दी है। पुलिस का मानना है कि गुरदेव सिंह अपने बेटे को बहन की कार से छीनने के लिए आया था। घटना की जानकारी मिलने पर हरबीर के परिवार के लोग कोतवाली थाने पहुंच गए।
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रामपुर जिले बिलासपुर कोतलखेड़ा की मूल निवासी हरबीर कौर और उनके पति सतनाम सिंह स्वीडन में नौकरी करते हैं। हरबीर कौर इन दिनों अपने मायके आई हैं। बुधवार की दोपहर वह अपनी बहन अनूरी के बेटे का हास्टल में दाखिला कराने हल्द्वानी आ रही थीं। स्कार्पियो (यूके 04जेड6379) में उनकी मां सुरजीत कौर, पिता सरदार देवेंद्र सिंह, पांच साल के बेटा और भांजा भी था।
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आरोप है कि सुशीला तिवारी अस्पताल के सामने बाइक से पीछा रहे दो लोगों ने उनकी गाड़ी को रोक लिया। आगे बाइक लगाकर दोनों ने हरबीर के पांच साल के बेटे को स्कार्पियो से अगवा करने की कोशिश की। विरोध करने और शोर मचाने पर तत्काल पुलिस पहुंची तो बाइक सवार भाग निकले। इस बीच दोनों ने हरबीर के साथ धक्का मुक्की की।
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हरबीर ने एसएसआई विजय सिंह मेहता को बताया कि बाइक सवार उसकी बहन अनूरी कौर का पति गुरदेव सिंह और उसका भाई था। उसकी बहन और जीजा का संबंध विच्छेद हो गया है। अदालत ने अनूरी के पक्ष में फैसला देते हुए बेटे को पास रखने के निर्देश दिए हैं। आरोप लगाया कि बहन को साथ रखने पर उसके भाई को भी जीजा ने 24 जून को धमकाया था।
एसएसआई ने इस मामले की जांच मेडिकल चौकी प्रभारी कैलाश सिंह नेगी को दी है। पुलिस का मानना है कि गुरदेव सिंह अपने बेटे को बहन की कार से छीनने के लिए आया था। घटना की जानकारी मिलने पर हरबीर के परिवार के लोग कोतवाली थाने पहुंच गए।