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सेवा सेक्टर को लुभाएगा राज्यकर विभाग
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जीएसटी
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हल्द्वानी। सेवा सेक्टर के कारोबारियों को कंपोजिशन स्कीम से जोड़ने के लिए राज्य कर विभाग अभियान चलाएगा। राज्य कर विभाग कंपोजिशन स्कीम के तहत मिलने वाले फायदे की जानकारी व्यापारियों को देगा। विभाग इसके लिए प्रचार-प्रसार का सहारा लेगा। साथ ही व्यापारियों के साथ बैठक भी करेगा।
राज्य कर विभाग के कुमाऊं जोन में करीब 52 हजार व्यापारी जीएसटी के तहत पंजीकृत हैं। इनमें से करीब 25 प्रतिशत व्यापारी समाधान योजना से जुडे़ हैं। इनमें उत्पादन और सेवा सेक्टर के व्यापारी शामिल हैं। राज्य कर विभाग सेवा सेक्टर के व्यापारियों को अधिक से अधिक समाधान से जोड़ने की योजना बना रहा है। विभाग प्रचार माध्यमों से सेवा सेक्टर के व्यापारियों को समाधान स्कीम लेने के लिए आकर्षित करेगा। इसके साथ ही अलग-अलग जोन में राज्य कर विभाग के अधिकारी बैठक कर समाधान योजना की खूबियां बताएंगे। इसका मकसद अधिक से अधिक कर एकत्र करना है।
सेवा क्षेत्र के कारोबारियों को कंपोजिशन से जोड़ने को चलेगा अभियान
राज्य कर विभाग करेगा प्रचार-प्रसार और व्यापारियों के साथ बैठक
सेवा सेक्टर में आने वाले प्रमुख क्षेत्र
सेवा सेक्टर में सैलून, फेब्रिकेशन, लांड्री, ब्यूटी पार्लर, एसी मरम्मत करने वाले आदि सेवा सेक्टर में आते हैं। इनमें से कई ऐसे कारोबारी होते हैं जिनका सालाना टर्नओवर 50 लाख होता है। इन व्यापारियों के जुड़ने से राज्य कर विभाग के कर में इजाफा होगा।
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50 लाख के कारोबार पर ले सकते हैं समाधान
सेवा सेक्टर के व्यापारी 50 लाख रुपये के वार्षिक टर्नओवर पर समाधान योजना ले सकते हैं। इन व्यापारियों को हर माह कर भुगतान नहीं करना होता है। इनको एक साल में छह प्रतिशत वार्षिक कर देना होता है। हालांकि तीन माह में रिटर्न दाखिल करना होता है।
समाधान योजना से सेवा क्षेत्र के व्यापारियों को जोड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा। व्यापारियों को समाधान की खूबियां और एक मुश्त कर की जानकारी दी जा रही है।
-विनय प्रकाश ओझा, सहायक आयुक्त राज्य कर
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राज्य कर विभाग के कुमाऊं जोन में करीब 52 हजार व्यापारी जीएसटी के तहत पंजीकृत हैं। इनमें से करीब 25 प्रतिशत व्यापारी समाधान योजना से जुडे़ हैं। इनमें उत्पादन और सेवा सेक्टर के व्यापारी शामिल हैं। राज्य कर विभाग सेवा सेक्टर के व्यापारियों को अधिक से अधिक समाधान से जोड़ने की योजना बना रहा है। विभाग प्रचार माध्यमों से सेवा सेक्टर के व्यापारियों को समाधान स्कीम लेने के लिए आकर्षित करेगा। इसके साथ ही अलग-अलग जोन में राज्य कर विभाग के अधिकारी बैठक कर समाधान योजना की खूबियां बताएंगे। इसका मकसद अधिक से अधिक कर एकत्र करना है।
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सेवा क्षेत्र के कारोबारियों को कंपोजिशन से जोड़ने को चलेगा अभियान
राज्य कर विभाग करेगा प्रचार-प्रसार और व्यापारियों के साथ बैठक
सेवा सेक्टर में आने वाले प्रमुख क्षेत्र
सेवा सेक्टर में सैलून, फेब्रिकेशन, लांड्री, ब्यूटी पार्लर, एसी मरम्मत करने वाले आदि सेवा सेक्टर में आते हैं। इनमें से कई ऐसे कारोबारी होते हैं जिनका सालाना टर्नओवर 50 लाख होता है। इन व्यापारियों के जुड़ने से राज्य कर विभाग के कर में इजाफा होगा।
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50 लाख के कारोबार पर ले सकते हैं समाधान
सेवा सेक्टर के व्यापारी 50 लाख रुपये के वार्षिक टर्नओवर पर समाधान योजना ले सकते हैं। इन व्यापारियों को हर माह कर भुगतान नहीं करना होता है। इनको एक साल में छह प्रतिशत वार्षिक कर देना होता है। हालांकि तीन माह में रिटर्न दाखिल करना होता है।
समाधान योजना से सेवा क्षेत्र के व्यापारियों को जोड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा। व्यापारियों को समाधान की खूबियां और एक मुश्त कर की जानकारी दी जा रही है।
-विनय प्रकाश ओझा, सहायक आयुक्त राज्य कर