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कुमाऊं विवि नए पाठ्यक्रमों में ले सकता है अतिथि शिक्षकों की मदद
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नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय प्रशासन प्रस्तावित नए रोजगारपरक पाठ्यक्रमों में पद स्वीकृत कराने की कार्रवाई कर रहा हैै। कुछ पाठ्यक्रमों में पदों की मांग संबंधी प्रस्ताव शासन को भेजे भी जा चुके हैं, लेकिन शासन से पदों की मंजूरी होने तक विवि प्रशासन इन पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए अतिथि शिक्षकों की मदद भी ले सकता है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से अतिथि शिक्षकों नामित करने का सहमति पत्र देश के सभी विश्वविद्यालयों को जारी करने के बाद यह रास्ता साफ हुआ है।
यूजीसी की 540वीं बैठक नौ अप्रैल को हुई थी। इसमें शिक्षाविदों और उच्चशिक्षा के अधिकारियों ने कई सुझाव दिए थे। इसमें उच्चशिक्षा में अतिथि शिक्षकों को नामित करने संबंधी फैसलों को सही बताया गया। इसलिए यूजीसी के सचिव प्रो. रजनीश जैन ने तीन जून को सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र भेजा। इस पत्र के अनुसार विवि शिक्षाविदों, विषय विशेषज्ञों को अतिथि शिक्षक के रूप में नामित कर सकेंगे, लेकिन उक्त अतिथि शिक्षक संस्थान से बाहर का होना अनिवार्य है। अतिथि शिक्षकों को प्रति व्याख्यान के साथ यात्रा खर्चों का भुगतान सामान्य विकास निधि, ब्लॉक अनुदान सहित अन्य मदों से किया जाएगा। कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. केएस राना ने बताया कि निर्देश संबंधी यूजीसी का पत्र मिल चुका है। यूजीसी की ओर से दी गई इस सुविधा का लाभ विवि में प्रस्तावित नए रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के संचालन में विचार किया जा रहा है।
नए पाठ्यक्रमों में अतिथि शिक्षकों की मदद ले सकता है कुमाऊं विवि
यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को दी अतिथि शिक्षक नामित करने संबंधी सहमति
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यूजीसी की 540वीं बैठक नौ अप्रैल को हुई थी। इसमें शिक्षाविदों और उच्चशिक्षा के अधिकारियों ने कई सुझाव दिए थे। इसमें उच्चशिक्षा में अतिथि शिक्षकों को नामित करने संबंधी फैसलों को सही बताया गया। इसलिए यूजीसी के सचिव प्रो. रजनीश जैन ने तीन जून को सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र भेजा। इस पत्र के अनुसार विवि शिक्षाविदों, विषय विशेषज्ञों को अतिथि शिक्षक के रूप में नामित कर सकेंगे, लेकिन उक्त अतिथि शिक्षक संस्थान से बाहर का होना अनिवार्य है। अतिथि शिक्षकों को प्रति व्याख्यान के साथ यात्रा खर्चों का भुगतान सामान्य विकास निधि, ब्लॉक अनुदान सहित अन्य मदों से किया जाएगा। कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. केएस राना ने बताया कि निर्देश संबंधी यूजीसी का पत्र मिल चुका है। यूजीसी की ओर से दी गई इस सुविधा का लाभ विवि में प्रस्तावित नए रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के संचालन में विचार किया जा रहा है।
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नए पाठ्यक्रमों में अतिथि शिक्षकों की मदद ले सकता है कुमाऊं विवि
यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को दी अतिथि शिक्षक नामित करने संबंधी सहमति