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कैंटर चालक को सात साल की सजा अर्थदंड
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Decision of court
- फोटो : amar ujala
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हल्द्वानी। छह साल पहले कैंटर के दुर्घटनाग्रस्त होने और 18 लोगों की मौत मामले में प्रथम सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार की कोर्ट ने सुनवाई के बाद चालक को दोषी ठहराया है। उसे सात साल का कठोर कारावास और साढ़े 11 हजार का अर्थदंड से दंडित किया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता नवीन चंद्र जोशी के अनुसार अमरोहा (यूपी) के मीरा सराय निवासी अजीम की बारात नैनीताल के 12 पत्थर निवासी उस्मान शाह के घर 20 अक्तूूबर 2013 को आई थी। निकाह होने के बाद अमरोहा जिले के लक्ष्मण वाली मड़ईया अतरासी रोड निवासी चालक कविंद्र सिंह सैनी 45 बारातियों को कैंटर से लेकर लौट रहा था। नैनीताल के लाल मिट्टी रोड पर तेज रफ्तार कैंटर अनियंत्रित होकर गिर पड़ा। इस बीच चालक कैंटर छोड़कर भाग निकला। कैंटर में सवार 13 लोगों की मौके पर मौत हो गई। पांच लोगों ने अस्पताल में दम तोड़ किया।
इस मामले में कालाढूंगी थाने के तत्कालीन उपनिरीक्षक ने धारा 304, 337, 338 मुकदमा दर्ज कराया था। उपनिरीक्षक गंगा राम गोला ने मुकदमे की विवेचना के बाद चालक के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दायर की। अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान 22 गवाहों को अदालत के समक्ष पेश किया। घायलों ने बताया कि यात्री चालक को कैंटर में धीरे चलने के लिए कह रहे थे लेकिन उसने किसी की बात नहीं मानी। तकनीकी जांच से पता चला कि चालक ने गाड़ी को न्यूट्रल में डाल दिया था। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद चालक की लापरवाही को दुर्घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया। अदालत ने धारा 304 (2) के तहत सात साल की कठोर कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड, धारा 337 के तहत तीन माह की सजा और 500 रुपये जुर्माना, धारा 338 के तहत एक साल की सजा और एक हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया है।
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कैंटर चालक को सात साल का कठोर कारावास
छह साल पहले हादसे में गई थी 18 लोगों की जान
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सहायक शासकीय अधिवक्ता नवीन चंद्र जोशी के अनुसार अमरोहा (यूपी) के मीरा सराय निवासी अजीम की बारात नैनीताल के 12 पत्थर निवासी उस्मान शाह के घर 20 अक्तूूबर 2013 को आई थी। निकाह होने के बाद अमरोहा जिले के लक्ष्मण वाली मड़ईया अतरासी रोड निवासी चालक कविंद्र सिंह सैनी 45 बारातियों को कैंटर से लेकर लौट रहा था। नैनीताल के लाल मिट्टी रोड पर तेज रफ्तार कैंटर अनियंत्रित होकर गिर पड़ा। इस बीच चालक कैंटर छोड़कर भाग निकला। कैंटर में सवार 13 लोगों की मौके पर मौत हो गई। पांच लोगों ने अस्पताल में दम तोड़ किया।
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इस मामले में कालाढूंगी थाने के तत्कालीन उपनिरीक्षक ने धारा 304, 337, 338 मुकदमा दर्ज कराया था। उपनिरीक्षक गंगा राम गोला ने मुकदमे की विवेचना के बाद चालक के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दायर की। अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान 22 गवाहों को अदालत के समक्ष पेश किया। घायलों ने बताया कि यात्री चालक को कैंटर में धीरे चलने के लिए कह रहे थे लेकिन उसने किसी की बात नहीं मानी। तकनीकी जांच से पता चला कि चालक ने गाड़ी को न्यूट्रल में डाल दिया था। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद चालक की लापरवाही को दुर्घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया। अदालत ने धारा 304 (2) के तहत सात साल की कठोर कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड, धारा 337 के तहत तीन माह की सजा और 500 रुपये जुर्माना, धारा 338 के तहत एक साल की सजा और एक हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया है।
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कैंटर चालक को सात साल का कठोर कारावास
छह साल पहले हादसे में गई थी 18 लोगों की जान