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संस्कृति बचूंणा लिजी दुदबोलिक सम्मान जरूरी छू
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अमर उजाला अपराजिता हल्द्वानी
- फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी। नमस्कार म्यर नाम दिव्यांशी छू... म्यर स्कूल में गर्मीनैकि छुट्टी पड़ि रई। आजकल मैं ‘आमा कोचिंग सेंटर’ में कुमाऊंनी बोलाण सिखण लागी रयूं.. संस्कृति के संवर्धन और नई पीढ़ी के बीच कुमाऊंनी भाषा के संचार के उद्देश्य के साथ अमर उजाला और मेरि भाषा मेरि पछ्यांण कुमाऊंनी संवर्धन समिति की ओर से आयोजित गोष्ठी में बच्चों ने कुमाऊंनी बोली में विचार व्यक्त कर मौजूद लोगों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम मेें मौजूद लोगों ने नारी गरिमा को अक्षुण्ण बनाने के लिए अपराजिता शपथ पत्र भरे।
शुक्रवार को कुसुमखेड़ा स्थित दीप्ति पब्लिक स्कूल में हुए कार्यक्रम में सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर डीके जोशी और वरिष्ठ साहित्यकार तारा पाठक ने कहा कि घर में माता-पिता को बच्चों के साथ अपनी मातृभाषा में बात करने के लिए आगे आना होगा। बचपन से ही बच्चे भाषा-संस्कृति से रूबरू होंगे तो समाज भी मजबूत होगा। कार्यक्रम में कुमाऊंनी सीखने वाले बच्चों दिव्यांशी असवाल, कोमल बिष्ट, कशिश बिष्ट, योगिता राणा, अंजलि क्वैराली, मिताली क्वैराली, दक्ष सती, वंशिका असवाल, अर्पित असवाल, काव्या रावत, हर्षिता खाती को सम्मानित किया गया। इस दौरान पार्षद धीरज पांडे, लीला मनराल, विद्या महतोलिया, गौरी शंकर वशिष्ठ, गोविंद बल्लभ बहुगुणा, डॉ. जेसी पंत, लक्ष्मी बड़शिलिया, गणेश चंद्र पाठक, हेमा चिलवाल, आनंद सिंह चिलवाल, दीपक सिंह भाकुनी, पुष्पा पांडे, माधवी बिष्ट, कंचन भौर्याल, गीता पंत, किशन सिंह नेगी, पुष्पा छिम्वाल आदि थे। संचालन डॉ. प्रदीप उपाध्याय ने किया।
संस्कृति बचूंणा लिजी दुदबोलिक सम्मान जरूरी छू
अमर उजाला और मेरि भाषा मेरि पछ्यांण कुमाऊंनी संवर्धन समिति की विचार गोष्ठी आयोजित
इसलिए है खास ‘आमा कोचिंग सेंटर’
हल्द्वानी। वरिष्ठ साहित्यकार तारा पाठक ने नई पीढ़ी के बीच कुमाऊंनी भाषा बोली का ज्ञान कराने के उद्देश्य से सोशल मीडिया में अनूठी पहल शुरू की है। फेसबुक में ‘आमा कोचिंग सेंटर’ पोस्ट के माध्यम से कुमाऊंनी भाषा में देवभूमि के सामान्य ज्ञान, शकुनाखर जैसी विभिन्न विधाओं का प्रचार प्रसार कर रही हैं। उन्होंने बताया कि गर्मियों की छु्ट्टियों में बच्चों के लिए उत्तरांचल कालोनी फेस-2 गैस गोदाम रोड में 15 दिन की विशेष कुमाऊंनी प्रशिक्षण कक्षा का संचालन किया जा रहा है। एक बैच का प्रशिक्षण पूरा हो गया है। कुमाऊंनी सीखने के लिए बच्चों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है।
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शुक्रवार को कुसुमखेड़ा स्थित दीप्ति पब्लिक स्कूल में हुए कार्यक्रम में सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर डीके जोशी और वरिष्ठ साहित्यकार तारा पाठक ने कहा कि घर में माता-पिता को बच्चों के साथ अपनी मातृभाषा में बात करने के लिए आगे आना होगा। बचपन से ही बच्चे भाषा-संस्कृति से रूबरू होंगे तो समाज भी मजबूत होगा। कार्यक्रम में कुमाऊंनी सीखने वाले बच्चों दिव्यांशी असवाल, कोमल बिष्ट, कशिश बिष्ट, योगिता राणा, अंजलि क्वैराली, मिताली क्वैराली, दक्ष सती, वंशिका असवाल, अर्पित असवाल, काव्या रावत, हर्षिता खाती को सम्मानित किया गया। इस दौरान पार्षद धीरज पांडे, लीला मनराल, विद्या महतोलिया, गौरी शंकर वशिष्ठ, गोविंद बल्लभ बहुगुणा, डॉ. जेसी पंत, लक्ष्मी बड़शिलिया, गणेश चंद्र पाठक, हेमा चिलवाल, आनंद सिंह चिलवाल, दीपक सिंह भाकुनी, पुष्पा पांडे, माधवी बिष्ट, कंचन भौर्याल, गीता पंत, किशन सिंह नेगी, पुष्पा छिम्वाल आदि थे। संचालन डॉ. प्रदीप उपाध्याय ने किया।
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अमर उजाला और मेरि भाषा मेरि पछ्यांण कुमाऊंनी संवर्धन समिति की विचार गोष्ठी आयोजित
इसलिए है खास ‘आमा कोचिंग सेंटर’
हल्द्वानी। वरिष्ठ साहित्यकार तारा पाठक ने नई पीढ़ी के बीच कुमाऊंनी भाषा बोली का ज्ञान कराने के उद्देश्य से सोशल मीडिया में अनूठी पहल शुरू की है। फेसबुक में ‘आमा कोचिंग सेंटर’ पोस्ट के माध्यम से कुमाऊंनी भाषा में देवभूमि के सामान्य ज्ञान, शकुनाखर जैसी विभिन्न विधाओं का प्रचार प्रसार कर रही हैं। उन्होंने बताया कि गर्मियों की छु्ट्टियों में बच्चों के लिए उत्तरांचल कालोनी फेस-2 गैस गोदाम रोड में 15 दिन की विशेष कुमाऊंनी प्रशिक्षण कक्षा का संचालन किया जा रहा है। एक बैच का प्रशिक्षण पूरा हो गया है। कुमाऊंनी सीखने के लिए बच्चों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है।
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