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सरकारी अस्पतालों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी
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MANDLA HOSPITAL
- फोटो : SELF
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हल्द्वानी। सरकारी अस्पतालों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी चल रही है। रामनगर के सब डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल और सीएचसी को भी इसमें शामिल किया गया है। विश्व बैंक प्रोजेक्ट के तहत अस्पतालों के बेहतर संचालन के लिए ऐसा किया जा रहा है।
टिहरी के जिला चिकित्सालय और दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट को सौंपा जा चुका है। इसी तर्ज पर रामनगर के अस्पताल के अलावा भिकियासैंण और बीराेंखाल सीएचसी को निजी हाथों को सौंपने की तैयारी है, जबकि पौड़ी जिला एवं महिला अस्पताल, पाबौ और घंडियाल सीएचसी को भी निजी हाथों में सौंपने की तैयारी है। इनका चयन करके विश्व बैंक को भेजा गया है। विश्व बैंक से अनापत्ति प्रमाणपत्र आने के बाद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। सूत्रों की मानें तो टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है।
सरकारी अस्पतालों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी
रामनगर का सब डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल, सीएचसी भिकियासैंण और बीरोंखाल शामिल
जिला एवं महिला अस्पताल पौड़ी के अलावा पाबौ और घंडियाल सीएचसी शामिल
दस करोड़ रुपये जमा करनी होगी सिक्योरिटी
हल्द्वानी। वर्ल्ड बैंक की मुहर लगने के बाद उक्त अस्पताल और सीएचसी को बड़े निजी अस्पताल को सौंपा जाएगा। निजी अस्पताल को दस करोड़ रुपये सिक्योरिटी जमा करनी होगी। अस्पताल को चलाने का जिम्मा निजी अस्पताल का होगा। जिले या उपजिला स्तर पर स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की सुविधा देनी होगी। साथ ही दो मोबाइल वैन भी संचालित करनी होगी, जिनसे मरीजों को अस्पतालों तक लाना होगा।
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कोट--
लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। टिहरी में यह प्रयोग किया जा चुका है। उक्त स्थानों पर फैसला शीघ्र होने की संभावना है। -युगल किशोर पंत, निदेशक, एनएचएम
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टिहरी के जिला चिकित्सालय और दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट को सौंपा जा चुका है। इसी तर्ज पर रामनगर के अस्पताल के अलावा भिकियासैंण और बीराेंखाल सीएचसी को निजी हाथों को सौंपने की तैयारी है, जबकि पौड़ी जिला एवं महिला अस्पताल, पाबौ और घंडियाल सीएचसी को भी निजी हाथों में सौंपने की तैयारी है। इनका चयन करके विश्व बैंक को भेजा गया है। विश्व बैंक से अनापत्ति प्रमाणपत्र आने के बाद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। सूत्रों की मानें तो टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है।
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सरकारी अस्पतालों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी
रामनगर का सब डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल, सीएचसी भिकियासैंण और बीरोंखाल शामिल
जिला एवं महिला अस्पताल पौड़ी के अलावा पाबौ और घंडियाल सीएचसी शामिल
दस करोड़ रुपये जमा करनी होगी सिक्योरिटी
हल्द्वानी। वर्ल्ड बैंक की मुहर लगने के बाद उक्त अस्पताल और सीएचसी को बड़े निजी अस्पताल को सौंपा जाएगा। निजी अस्पताल को दस करोड़ रुपये सिक्योरिटी जमा करनी होगी। अस्पताल को चलाने का जिम्मा निजी अस्पताल का होगा। जिले या उपजिला स्तर पर स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की सुविधा देनी होगी। साथ ही दो मोबाइल वैन भी संचालित करनी होगी, जिनसे मरीजों को अस्पतालों तक लाना होगा।
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कोट--
लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। टिहरी में यह प्रयोग किया जा चुका है। उक्त स्थानों पर फैसला शीघ्र होने की संभावना है। -युगल किशोर पंत, निदेशक, एनएचएम