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कुविवि के प्राध्यापकों के प्रमोशन को राजभवन से हरी झंडी
Updated Sat, 24 Nov 2018 01:32 AM IST
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नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में तैनात 36 से अधिक प्राध्यापकों की पदोन्नति का रास्ता साफ हो गया है। पदोन्नति के परिणाम जारी करने पर कोर्ट से लगी रोक हटने के बाद अब राज्यपाल की भी मंजूरी मिल गई है। पदोन्नति पाने वाले प्राध्यापक विवि कार्य परिषद की बैठक में परिणाम जारी होने की राह देख रहे हैं।
करीब पांच माह से कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम के तहत कुमाऊं विवि के प्राध्यापकों की पदोन्नति को लेेकर साक्षात्कार की प्रक्रिया चल रही थी। इसमें सहायक प्राध्यापकों की एसोसिएट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसरों की प्रोफेसर के पद में पदोन्नति होनी थी तो वहीं कुछ सहायक प्राध्यापकों के ग्रेड वेतन में वृद्धि होनी थी, लेकिन मामला कोर्ट में जाने के कारण पदोन्नति के परिणाम जारी करने पर स्टे लग गया। निकाय चुनाव की आचार संहिता भी आड़े आ गई। मामले में कोर्ट ने परिणाम घोषित करने पर लगी रोक 17 नवंबर को हटा दी। विवि नियमों के अनुसार यदि प्राध्यापकों की पदोन्नति के परिणाम चार माह के भीतर विवि कार्य परिषद की ओर से जारी न होने के कारण राज्यपाल से परिणाम जारी करने की अनुमति मांगी गई थी। सूत्रों के मुताबिक प्राध्यापकों के प्रमोशन के मामले को राज्यपाल की अनुमति का पत्र विवि को मिल चुका है। शनिवार को प्रस्तावित कार्य परिषद की बैठक में प्राध्यापकों को पदोन्नति का तोहफा मिलने की उम्मीद है।
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करीब पांच माह से कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम के तहत कुमाऊं विवि के प्राध्यापकों की पदोन्नति को लेेकर साक्षात्कार की प्रक्रिया चल रही थी। इसमें सहायक प्राध्यापकों की एसोसिएट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसरों की प्रोफेसर के पद में पदोन्नति होनी थी तो वहीं कुछ सहायक प्राध्यापकों के ग्रेड वेतन में वृद्धि होनी थी, लेकिन मामला कोर्ट में जाने के कारण पदोन्नति के परिणाम जारी करने पर स्टे लग गया। निकाय चुनाव की आचार संहिता भी आड़े आ गई। मामले में कोर्ट ने परिणाम घोषित करने पर लगी रोक 17 नवंबर को हटा दी। विवि नियमों के अनुसार यदि प्राध्यापकों की पदोन्नति के परिणाम चार माह के भीतर विवि कार्य परिषद की ओर से जारी न होने के कारण राज्यपाल से परिणाम जारी करने की अनुमति मांगी गई थी। सूत्रों के मुताबिक प्राध्यापकों के प्रमोशन के मामले को राज्यपाल की अनुमति का पत्र विवि को मिल चुका है। शनिवार को प्रस्तावित कार्य परिषद की बैठक में प्राध्यापकों को पदोन्नति का तोहफा मिलने की उम्मीद है।
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