{"_id":"6ac7f325d349abfeb40113cc","slug":"demands-made-for-two-years-yet-two-pediatrician-posts-remain-unfilled-nainital-news-c-238-1-shld1020-131313-2026-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Nainital News: दो साल से मांग, फिर भी नहीं भरे बाल रोग विशेषज्ञों के दो पद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Nainital News: दो साल से मांग, फिर भी नहीं भरे बाल रोग विशेषज्ञों के दो पद
Fri, 09 Oct 2026 01:16 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Fri, 09 Oct 2026 01:16 AM IST
विज्ञापन
नैनीताल। बीडी पांडे जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञों की कमी दूर नहीं हो पा रही है। अस्पताल में स्वीकृत तीन पदों में से दो पद करीब दो साल से खाली हैं। इन पदों को भरने के लिए लगातार मांग उठती रही, सांसद की ओर से भी शासन को पत्र भेजा गया और स्वास्थ्य अधिकारियों के सामने भी समस्या रखी गई लेकिन अब तक विशेषज्ञों की तैनाती नहीं हो सकी है।
वर्तमान में अस्पताल में केवल एक बाल रोग विशेषज्ञ के भरोसे बच्चों का उपचार चल रहा है। रोजाना करीब 50 से 60 बच्चे उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। ठंड बढ़ने के साथ बच्चों में वायरल समेत अन्य मौसमी बीमारियों के मामले भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में एक ही विशेषज्ञ पर मरीजों का दबाव बढ़ता जा रहा है। दो साल से रिक्त पदों पर नियुक्ति नहीं होने का असर तब और गंभीर हो जाता है, जब तैनात एकमात्र बाल रोग विशेषज्ञ अवकाश पर होते हैं। ऐसी स्थिति में गंभीर बीमार बच्चों को उपचार के लिए हल्द्वानी रेफर करना पड़ता है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ती है। या फिर अस्पताल प्रबंधन को अन्य अस्पतालों से विशेषज्ञ बुलाने पड़ते हैं।
--
कोट
बाल रोग विशेषज्ञों के रिक्त पदों को भरने के लिए लगातार शासन स्तर पर पत्राचार किया जा रहा है। बीते दिनों स्वास्थ्य सचिव के अस्पताल दौरे के दौरान भी उनके सामने रिक्त पदों की समस्या रखी गई थी।
विज्ञापन
- डॉ. द्रौपदी गर्ब्याल, प्रभारी पीएमएस
-- -- -- -- -- -- --
संदीप कुमार
विज्ञापन
वर्तमान में अस्पताल में केवल एक बाल रोग विशेषज्ञ के भरोसे बच्चों का उपचार चल रहा है। रोजाना करीब 50 से 60 बच्चे उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। ठंड बढ़ने के साथ बच्चों में वायरल समेत अन्य मौसमी बीमारियों के मामले भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में एक ही विशेषज्ञ पर मरीजों का दबाव बढ़ता जा रहा है। दो साल से रिक्त पदों पर नियुक्ति नहीं होने का असर तब और गंभीर हो जाता है, जब तैनात एकमात्र बाल रोग विशेषज्ञ अवकाश पर होते हैं। ऐसी स्थिति में गंभीर बीमार बच्चों को उपचार के लिए हल्द्वानी रेफर करना पड़ता है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ती है। या फिर अस्पताल प्रबंधन को अन्य अस्पतालों से विशेषज्ञ बुलाने पड़ते हैं।
विज्ञापन
कोट
बाल रोग विशेषज्ञों के रिक्त पदों को भरने के लिए लगातार शासन स्तर पर पत्राचार किया जा रहा है। बीते दिनों स्वास्थ्य सचिव के अस्पताल दौरे के दौरान भी उनके सामने रिक्त पदों की समस्या रखी गई थी।
विज्ञापन
- डॉ. द्रौपदी गर्ब्याल, प्रभारी पीएमएस
संदीप कुमार