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त्रिदिवसीय कुमाउनी-गढ़वाली भाषाई सम्मेलन शुरू
Updated Fri, 19 Oct 2018 02:13 AM IST
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रामनगर में भाषा सम्मेलन
- फोटो : अमर उजाला
रामनगर (नैनीताल)। यहां नगर पालिका के ऑडिटोरियम में पहली बार त्रिदिवसीय कुमाऊंनी-गढ़वाली भाषाई सम्मेेलन का शुभारंभ हो गया है। इसक ा उद्घाटन साहित्य अकादमी भाषा पुरस्कार प्राप्त कुमाऊंनी साहित्यकार मथुरा दत्त मठपाल ने किया। उन्होंने बताया कि आयोजन का उद्देश्य भाषा के मानकीकरण के प्रयास के साथ ही गढ़वाली-कुमाऊंनी भाषा का अस्मिता से जुड़ाव, आम जनमानस से इनकी स्वीकार्यता बढ़ाना है।
पहले सत्र भोर सोसायटी के सदस्यों ने दो गीतों की सुंदर प्रस्तुति दी। दूसरे सत्र में धर्मेंद्र सिंह नेगी ने गढ़वाली भाषा के विभिन्न रूपों की जानकारी दी। इसमें जगदीश चंद्र जोशी, कृपा सिंह, कैलाश चंद्र लोहनी और अशोक पांडे ने भाषाओं में बोलचाल को जरूरी बताया। कहा कि लोकपर्व, उत्सवों में गढ़वाली-कुमाऊंनी भाषा में गीत, नाटक से इनका प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए। भोर सोसायटी के सचिव संजय रिखाड़ी ने बताया कि कार्यक्रम के दूसरे सत्र में पहली कुमाऊंनी लोकगायिका कबूतरी देवी की जीवनी, हिमालय पर आधारित डॉक्यूमेंट्री समेत भोर सोसाइटी जिम कॉर्बेट के जीवन से जुड़ा गोरा साधु नाटक मंचित हुआ।
सम्मेलन में किताबों की प्रदर्शनी लगी
भाषाई सम्मेलन में कुमाऊंनी-गढ़वाली भाषा की किताबों की प्रदर्शनी भी लगी। प्रदर्शनी में दोनों बोलियों के लेखकों की किताबें देखकर सम्मेलन में आए लोग प्रभावित हुए।
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पहले सत्र भोर सोसायटी के सदस्यों ने दो गीतों की सुंदर प्रस्तुति दी। दूसरे सत्र में धर्मेंद्र सिंह नेगी ने गढ़वाली भाषा के विभिन्न रूपों की जानकारी दी। इसमें जगदीश चंद्र जोशी, कृपा सिंह, कैलाश चंद्र लोहनी और अशोक पांडे ने भाषाओं में बोलचाल को जरूरी बताया। कहा कि लोकपर्व, उत्सवों में गढ़वाली-कुमाऊंनी भाषा में गीत, नाटक से इनका प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए। भोर सोसायटी के सचिव संजय रिखाड़ी ने बताया कि कार्यक्रम के दूसरे सत्र में पहली कुमाऊंनी लोकगायिका कबूतरी देवी की जीवनी, हिमालय पर आधारित डॉक्यूमेंट्री समेत भोर सोसाइटी जिम कॉर्बेट के जीवन से जुड़ा गोरा साधु नाटक मंचित हुआ।
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सम्मेलन में किताबों की प्रदर्शनी लगी
भाषाई सम्मेलन में कुमाऊंनी-गढ़वाली भाषा की किताबों की प्रदर्शनी भी लगी। प्रदर्शनी में दोनों बोलियों के लेखकों की किताबें देखकर सम्मेलन में आए लोग प्रभावित हुए।
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