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उत्तरा आइकॉन के वार्षिक अधिवेशन का समापन
Updated Mon, 08 Oct 2018 01:36 AM IST
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नेत्र विशेषज्ञों का सम्मेलन
- फोटो : अमर उजाला
रामनगर (नैनीताल)। उत्तराखंड ऑफ्थमोलॉजी सोसाइटी की दो दिनी वर्कशॉप सांवल्दे गांव के रिजॉर्ट में हुई। उत्तरा आईकॉन 2018 नाम के इस आयोजन का समापन रविवार को हो गया।
इसके मुख्य अतिथि जेजे अस्पताल मुंबई के संयुक्त निदेशक पद्मश्री डॉ. टीपी लाहने ने बताया कि बच्चों के रोने पर माताएं अपने मोबाइल पर वीडियो चला कर बच्चों को दे रही हैं जबकि छह साल से छोटे बच्चों का मोबाइल देखना खतरनाक है। उन्होंने बताया कि बाजार में ट्राई फोकल लैंस उपलब्ध है, जिससे मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद साफ दिखाई देता है। चश्मे की जरूरत नहीं होती है। इस लैंस को लगाने से मोबाइल, टीवी, कंप्यूटर का दुष्प्रभाव आंखों पर नहीं पड़ेगा। अधिवेशन में विभिन्न राज्यों से आए नेत्र विशेषज्ञों ने आंखों के रोगों पर हुए नए शोध बताए। आयोजक डॉ. गोविंद सिंह तितियाल ने बताया कि उत्तराखंड के लोगों को इस कार्यशाला का लाभ अवश्य मिलेगा। इस मौके पर डॉ. गोविंद सिंह, डॉ. मयंक पांगती, डॉ. सतांशु माथुर, डॉ. जीवन सिंह, डॉ. डी राममूर्ति, डॉ. बालकृष्ण, डॉ. अनिल जैन आदि थे।
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इसके मुख्य अतिथि जेजे अस्पताल मुंबई के संयुक्त निदेशक पद्मश्री डॉ. टीपी लाहने ने बताया कि बच्चों के रोने पर माताएं अपने मोबाइल पर वीडियो चला कर बच्चों को दे रही हैं जबकि छह साल से छोटे बच्चों का मोबाइल देखना खतरनाक है। उन्होंने बताया कि बाजार में ट्राई फोकल लैंस उपलब्ध है, जिससे मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद साफ दिखाई देता है। चश्मे की जरूरत नहीं होती है। इस लैंस को लगाने से मोबाइल, टीवी, कंप्यूटर का दुष्प्रभाव आंखों पर नहीं पड़ेगा। अधिवेशन में विभिन्न राज्यों से आए नेत्र विशेषज्ञों ने आंखों के रोगों पर हुए नए शोध बताए। आयोजक डॉ. गोविंद सिंह तितियाल ने बताया कि उत्तराखंड के लोगों को इस कार्यशाला का लाभ अवश्य मिलेगा। इस मौके पर डॉ. गोविंद सिंह, डॉ. मयंक पांगती, डॉ. सतांशु माथुर, डॉ. जीवन सिंह, डॉ. डी राममूर्ति, डॉ. बालकृष्ण, डॉ. अनिल जैन आदि थे।
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