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नगर पालिका के गेट पर बेहोश हुई गर्भवती
Updated Sun, 16 Sep 2018 01:48 AM IST
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रामनगर (नैनीताल)। गर्भवती महिला नगर पालिका के गेट पर बेेहोश हो गई। इस महिला को लेकर अस्पताल पहुंचे लोगों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा हंगामा किया। अस्पताल में सीजेरियन प्रसव की सुविधा न होने पर उसे रेफर कर दिया गया।
ग्राम चिल्किया निवासी विश्वनाथ की पत्नी मंजू गर्भवती है। शनिवार सुबह करीब 11 बजे वह सरकारी अस्पताल आ रही थी लेकिन तेज धूप, गर्मी के चलते नगर पालिका गेट पर पहुंचते ही वह अचानक बेहोश हो गई। आसपास के लोग उसे अस्पताल लाए। जहां महिला को इमरजेंसी वार्ड में दिखाया गया लेकिन ईएमओ ने स्टाफ से स्त्री रोग विशेषज्ञ को बुलाने को कहा तो वहां मौजूद लोगों ने हंगामा कर अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा दिया। तभी वहां पहुंचीं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्चना कौशिक ने बताया कि मंजू 21 अगस्त को अस्पताल में आई थी। उसका बच्चा पेट में उल्टा है। वह नाल में फंसा है। अस्पताल में पिछले साल से सर्जन नहीं हैं। रेडियोलॉजिस्ट न होने से अल्ट्रासांउड भी बंद हैं। उसकी संभावित प्रसव तिथि नौ सितंबर थी। इसलिए उसे पहले ही हल्द्वानी रेफर किया जा चुका है। इसके बाद पहुंचे मंजू के परिजन उसे निजी अस्पताल में ले गए। तभी अस्पताल से भीड़ हटी।
सीजेरियन प्रसव की सुविधा न होने पर रेफर किया
लोगों का अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप
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ग्राम चिल्किया निवासी विश्वनाथ की पत्नी मंजू गर्भवती है। शनिवार सुबह करीब 11 बजे वह सरकारी अस्पताल आ रही थी लेकिन तेज धूप, गर्मी के चलते नगर पालिका गेट पर पहुंचते ही वह अचानक बेहोश हो गई। आसपास के लोग उसे अस्पताल लाए। जहां महिला को इमरजेंसी वार्ड में दिखाया गया लेकिन ईएमओ ने स्टाफ से स्त्री रोग विशेषज्ञ को बुलाने को कहा तो वहां मौजूद लोगों ने हंगामा कर अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा दिया। तभी वहां पहुंचीं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्चना कौशिक ने बताया कि मंजू 21 अगस्त को अस्पताल में आई थी। उसका बच्चा पेट में उल्टा है। वह नाल में फंसा है। अस्पताल में पिछले साल से सर्जन नहीं हैं। रेडियोलॉजिस्ट न होने से अल्ट्रासांउड भी बंद हैं। उसकी संभावित प्रसव तिथि नौ सितंबर थी। इसलिए उसे पहले ही हल्द्वानी रेफर किया जा चुका है। इसके बाद पहुंचे मंजू के परिजन उसे निजी अस्पताल में ले गए। तभी अस्पताल से भीड़ हटी।
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सीजेरियन प्रसव की सुविधा न होने पर रेफर किया
लोगों का अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप