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जापानी तकनीक से रुकेगा बलिया नाले में भूस्खलन

Fri, 14 Sep 2018 01:48 AM IST
Updated Fri, 14 Sep 2018 01:48 AM IST
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जापानी तकनीक से रुकेगा बलिया नाले में भूस्खलन
नैनीताल के बलियानाले में भूस्खलन - फोटो : अमर उजाला
नैनीताल। प्रशासन ने रईस होटल क्षेत्र को बलिया नाले में समाने से रोकने को प्रयास शुरू कर दिए हैं। अब भूस्खलन जापानी तकनीक से रोका जाएगा। डीएम के कहने पर बृहस्पतिवार को टीसीपी और जापान के इंजीनियरों की संयुक्त टीम ने रईस होटल में पहुंचकर निरीक्षण किया। प्रथमदृष्ट्या क्षेत्र के धसने का कारण पानी का तेज और अव्यवस्थित बहाव रहा है। अगर भूस्खलन रोकने की जिम्मेदारी जायका को दी जाती है तो ट्रीटमेंट में लगभग 80 करोड़ रुपये का खर्च आएगा और ट्रीटमेंट का काम महीनों तक चलने का अनुमान है।
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देहरादून से पहुंचे टेक्निकल कॉरपोरेशन प्रोजेक्ट (टीसीपी) के चीफ इंजीनियर जय कुमार शर्मा ने बताया कि बलिया नाले से सटा पूरा क्षेत्र खतरे में है। पानी के बहाव से लगातार भूस्खलन हो रहा है। वे जल्द अपनी रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन को देंगे। टीम यहां की मिट्टी की जांच करेंगी और जीओ टेक्निकल सर्वे करेगी। यह कार्य जापान इंटरनेशनल कॉरपोरेशन कंपनी (जायका) और टेक्निकल कॉरपोरेशन प्रोजेक्ट (टीसीपी) देहरादून की ओर से किया जाना है। इस 25 सदस्यीय टीम में वन विभाग और जापान के इंजीनियर शामिल हैं। रिपोर्ट भेजने के बाद मुख्यमंत्री स्तर से विचार करने के बाद यह फैसला होगा कि यह काम जायका से कराया जाए या नहीं।
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भारतीय और जापानी इंजीनियरों ने किया मौका मुआयना।
पानी का तेज और अव्यवस्थित बहाव बना क्षेत्र के ध्वस्त होने का कारण
लगभग 80 करोड़ रुपये ट्रीटमेंट में खर्च होने का अनुमान

पांच साल लगेंगे ट्रीटमेंट में
उन्होंने बताया कि पहाड़ों को स्थायी तौर पर रोकने के लिए पांच साल तक का समय लग सकता है। इस दौरान पानी का बहाव व्यवस्थित किया जाएगा। जापानी तकनीक से काम होने के बाद यहां के पहाड़ पर्यटन स्थल की तरह चमकेंगे। जापान में 100 साल तक पहाड़ टस से मस नहीं होते हैं। उसी तकनीक से काम किया जाएगा। ट्रीटमेंट के लिए क्रीप वर्क और नेलिंग का सहारा लिया जाएगा। पहाड़ों के अंदर 50 मीटर तक नेलिंग कर दी जाएगी ताकि पहाड़ अपनी जगह से हिल न सकें।
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