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फल पट्टी क्षेत्र में निर्माण पर रोक
Updated Sat, 01 Sep 2018 01:45 AM IST
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दिल्ली हाईकोर्ट
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नैनीताल। हाईकोर्ट ने रामनगर फल पट्टी में पेड़ों को काटने, स्टोन क्रशर लगाने, व्यावसायिक और आवासीय निर्माण पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने प्रमुख सचिव, डीएम नैनीताल और डीजीपी को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। संडे पोस्ट के संपादक अपूर्व जोशी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि वर्ष 2002 में रामनगर के 26 गांवों को फल पट्टी संरक्षित क्षेत्र घोषित कर अधिसूचना जारी की गई थी। पिछले तीन साल से 27 एकड़ भूमि को अकृषि भूमि घोषित कर यहां व्यावसायिक और आवासीय भवनों का निर्माण किया जा रहा है। अधिकारियों की मिलीभगत से फलदार पेड़ काटे जा रहे हैं। इससे रामनगर से लगे 26 गांवों का फल पट्टी क्षेत्र खत्म होने की कगार पर है।
प्रमुख सचिव, डीएम नैनीताल और डीजीपी का भी जवाब तलब
याची ने की थी 27 एकड़ भूमि को खुदबुर्द करने की शिकायत
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कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। संडे पोस्ट के संपादक अपूर्व जोशी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि वर्ष 2002 में रामनगर के 26 गांवों को फल पट्टी संरक्षित क्षेत्र घोषित कर अधिसूचना जारी की गई थी। पिछले तीन साल से 27 एकड़ भूमि को अकृषि भूमि घोषित कर यहां व्यावसायिक और आवासीय भवनों का निर्माण किया जा रहा है। अधिकारियों की मिलीभगत से फलदार पेड़ काटे जा रहे हैं। इससे रामनगर से लगे 26 गांवों का फल पट्टी क्षेत्र खत्म होने की कगार पर है।
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प्रमुख सचिव, डीएम नैनीताल और डीजीपी का भी जवाब तलब
याची ने की थी 27 एकड़ भूमि को खुदबुर्द करने की शिकायत