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नैनीझील में समाया लोअर मालरोड का 25 मीटर भाग
Updated Sun, 19 Aug 2018 01:59 AM IST
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नैनीताल में मालरोड धंसी
- फोटो : अमर उजाला
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नैनीताल। लोअर मालरोड का 25 मीटर हिस्सा शनिवार को दरककर नैनीझील में समा गया। इससे लोअर मालरोड पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। साथ ही अपर मालरोड पर वाहनों का दबाव भी बढ़ गया है। लोअर मालरोड के बाद अब अपर मालरोड भी खतरे की जद में है।
नारायंस बुक डिपो के पास लोअर मालरोड के हिस्से में कई वर्षों से दरार आ रही थी। बीते दिनों भू-धंसाव के बाद दरारों को बढ़ता देख लोनिवि ने दरार को भरने के साथ ही नैनीझील के पास बनी रिटर्निंग वॉल में हुए होल को भरा था। लेकिन, दरार लगातार बढ़ती रही। शनिवार शाम करीब तीन बजे दरार भरने का काम किया जा रहा था। विभागीय कर्मचारी दरार को भरने के लिए जितना भी कोलतार और रेत डाल रहे थे, वह दरार में समाता जा रहा था। इसकी जानकारी जिला प्रशासन को दी गई। जिला प्रशासन जब तक लोअर मालरोड पर वाहनों के आवागमन को रोकने के आदेश जारी करता, उससे पहले ही शाम करीब साढ़े पांच बजे सड़क का करीब 25 मीटर लंबा हिस्सा टूट कर नैनीझील में समा गया। गनीमत रही कि इस दौरान कोई वाहन या राहगीर उधर से नहीं गुजर रहा था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। सड़क के टूटने की सूचना पर एसडीएम अभिषेक रूहेला, तहसीलदार केके आर्या, सीओ सिटी विजय थापा और लोनिवि प्रांतीय खंड के ईई सीएस नेगी ने मौके पर पहुंच कर निरीक्षण किया।
अपर मालरोड से हो रही वाहनों की आवाजाही
लंबे समय से दरारें भरकर इतिश्री कर रहा था विभाग
मालरोड में कई जगह आई हैं दरारें
मालरोड पर खतरा अभी बना हुआ है। लोअर मालरोड जिस जगह टूट कर नैनीझील में समाई है, उससे लगभग तीस मीटर की दूरी पर भी पूर्व में आई दरार को भरा गया है और अन्य स्थानों में भी कई जगह दरारों को भरा गया है।
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तिरपाल से ढका अपर मालरोड का दरारों वाला हिस्सा खतरे की जद में
लोअर मालरोड के नैनीझील में सामने से अब अपर मालरोड भी खतरे की जद में आ गई है। लोनिवि की ओर से सड़क के धंसने के बाद अपर मालरोड के लिए पैदा हुए खतरे को देखते हुए सड़क के टूटे हिस्से को तिरपाल ढक दिया गया।
लोअर मालरोड के बड़े हिस्से के निर्माण और विकल्प तलाशने के लिए विशेषज्ञों की टीम को बुलाया गया है। टीम रविवार सुबह तक नैनीताल पहुंच जाएगी। विकल्प के तौर पर बेली ब्रिज और अन्य विकल्प भी हो सकते हैं, लेकिन विशेषज्ञों की टीम के निरीक्षण के बाद ही निर्णय लिया जाएगा। -विनोद कुमार सुमन, जिलाधिकारी
लोअर मालरोड के बड़े हिस्से के टूटने के बाद विभागों के विशेषज्ञों को सुझाव देने को कहा गया है, ताकि जल्द से सड़क का निर्माण कार्य करवाया जा सके। -राजीव रौतेला, आयुक्त कुमाऊं मंडल
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नारायंस बुक डिपो के पास लोअर मालरोड के हिस्से में कई वर्षों से दरार आ रही थी। बीते दिनों भू-धंसाव के बाद दरारों को बढ़ता देख लोनिवि ने दरार को भरने के साथ ही नैनीझील के पास बनी रिटर्निंग वॉल में हुए होल को भरा था। लेकिन, दरार लगातार बढ़ती रही। शनिवार शाम करीब तीन बजे दरार भरने का काम किया जा रहा था। विभागीय कर्मचारी दरार को भरने के लिए जितना भी कोलतार और रेत डाल रहे थे, वह दरार में समाता जा रहा था। इसकी जानकारी जिला प्रशासन को दी गई। जिला प्रशासन जब तक लोअर मालरोड पर वाहनों के आवागमन को रोकने के आदेश जारी करता, उससे पहले ही शाम करीब साढ़े पांच बजे सड़क का करीब 25 मीटर लंबा हिस्सा टूट कर नैनीझील में समा गया। गनीमत रही कि इस दौरान कोई वाहन या राहगीर उधर से नहीं गुजर रहा था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। सड़क के टूटने की सूचना पर एसडीएम अभिषेक रूहेला, तहसीलदार केके आर्या, सीओ सिटी विजय थापा और लोनिवि प्रांतीय खंड के ईई सीएस नेगी ने मौके पर पहुंच कर निरीक्षण किया।
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अपर मालरोड से हो रही वाहनों की आवाजाही
लंबे समय से दरारें भरकर इतिश्री कर रहा था विभाग
मालरोड में कई जगह आई हैं दरारें
मालरोड पर खतरा अभी बना हुआ है। लोअर मालरोड जिस जगह टूट कर नैनीझील में समाई है, उससे लगभग तीस मीटर की दूरी पर भी पूर्व में आई दरार को भरा गया है और अन्य स्थानों में भी कई जगह दरारों को भरा गया है।
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तिरपाल से ढका अपर मालरोड का दरारों वाला हिस्सा खतरे की जद में
लोअर मालरोड के नैनीझील में सामने से अब अपर मालरोड भी खतरे की जद में आ गई है। लोनिवि की ओर से सड़क के धंसने के बाद अपर मालरोड के लिए पैदा हुए खतरे को देखते हुए सड़क के टूटे हिस्से को तिरपाल ढक दिया गया।
लोअर मालरोड के बड़े हिस्से के निर्माण और विकल्प तलाशने के लिए विशेषज्ञों की टीम को बुलाया गया है। टीम रविवार सुबह तक नैनीताल पहुंच जाएगी। विकल्प के तौर पर बेली ब्रिज और अन्य विकल्प भी हो सकते हैं, लेकिन विशेषज्ञों की टीम के निरीक्षण के बाद ही निर्णय लिया जाएगा। -विनोद कुमार सुमन, जिलाधिकारी
लोअर मालरोड के बड़े हिस्से के टूटने के बाद विभागों के विशेषज्ञों को सुझाव देने को कहा गया है, ताकि जल्द से सड़क का निर्माण कार्य करवाया जा सके। -राजीव रौतेला, आयुक्त कुमाऊं मंडल