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वाजपेयी द्वारा प्रयुक्त जिप्सी को रखेंगे दर्शनार्थ
Updated Sat, 18 Aug 2018 01:16 AM IST
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नैनीताल। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी 1986 में केंद्रीय राजभाषा समिति सदस्य के रूप में विभिन्न विभागों का निरीक्षण करने नैनीताल आए थे। तब वे यहां लैंग्डेल होटल में ठहरे थे। होटल की जिप्सी से इधर-उधर जाते थे। होटल मालिक स्व. महिम भट्ट ने इस जिप्सी को सुरक्षित रखा था, अब होटल मालिक इसे उनकी स्मृति के रूप में लोगों के दर्शनार्थ रखेंगे।
तत्कालीन फील्ड पब्लिसिटी अधिकारी रहे त्रिलोक सिंह कुंवर को राजभाषा समिति का नोडल अधिकारी बनाया गया था। त्रिलोक सिंह बताते हैं कि पूर्व पीएम वाजपेयी ने गीत एवं नाट्य प्रभाग सहित तमाम कार्यालयों निरीक्षण किया था। उनके साथ सांसद बापू कालदाते और दूरदर्शन के समाचार वाचक राजनारायण भी थे। समिति ने अल्मोड़ा का भी निरीक्षण किया था, जहां वे स्व. सोबन सिंह जीना के आवास पर भी गए। नैनीताल में उन्होंने शैले हॉल में नाटक और रशियन बैले भी देखा था। तब पूर्व पीएम वाजपेयी नैनीताल बोट हाउस क्लब भी गए और उन्होंने बोटिंग भी की थी।
गीत एवं नाट्य प्रभाग के कलाकार अनिल घिल्डियाल बताते हैं कि इस समिति के लिए रामायण आधारित नाटक तैयार किया गया था, जिसमें अनिल ने लक्ष्मण की भूमिका निभाई थी। इस दौरान कुमाऊं विश्वविद्यालय में प्रोफेसर आईपीएसडीआर के निदेशक अतुल जोशी का उनके साथ अनुभव भी रोचक रहा। तब एक अंशकालिक शिक्षक नेता के रूप में अतुल जोशी नैनीताल में अंशकालिक शिक्षकों के नियमितीकरण के लिए आंदोलनरत थे।
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पता चला कि पूर्व पीएम वाजपेयी मालरोड में घूम रहे हैं। वे उनसे कालू बाबा मंदिर के पास मिले और वार्ता का समय मांगा। उनको सूट पहने देखना एक अलग ही अनुभव था। वाजपेयी ने शाम को होटल में आने को कहा था। पांच साथियों के साथ अतुल जोशी ज्ञापन लेकर उनसे मिलने पहुंचे थे। वाजपेयी ने उनकी बातें सुनने से पहले ही शिक्षकों को अंशकालिक आधार पर रखने की नीति को दुर्भाग्यपूर्ण कहा। दरअसल वह इस मामले को लेकर पहले से ही अवगत थे और काफी चिंतित थे क्योंकि उन्होंने नैनीताल की सड़कों पर आंदोलनकारियों की ओर से लिखे गए नारों को पढ़ लिया था। जोशी ने बताया कि उन्होंने हमें आंदोलन को तेज करने के लिए कहा।
2002 में जब वाजपेयी प्रधानमंत्री के रूप में यहां आए तो भाजपा कार्यकर्ता गोपाल रावत के अनुरोध पर नयना देवी मंदिर गए थे। गोपाल बताते हैं कि एक साधारण कार्यकर्ता की बात को सम्मान देने का ऐसा उदाहरण शायद ही मिल सके।
जिस जिप्सी में घूमे थे वाजपेयी उसे रखेंगे दर्शनार्थ
1986 में राजभाषा समिति के सदस्य के रूप में नैनीताल आए थे पूर्व पीएम
तीन दिन तक लैंग्डेल होटल में ठहरे थे अटल बिहारी वाजपेयी, नाटक भी देखा था
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तत्कालीन फील्ड पब्लिसिटी अधिकारी रहे त्रिलोक सिंह कुंवर को राजभाषा समिति का नोडल अधिकारी बनाया गया था। त्रिलोक सिंह बताते हैं कि पूर्व पीएम वाजपेयी ने गीत एवं नाट्य प्रभाग सहित तमाम कार्यालयों निरीक्षण किया था। उनके साथ सांसद बापू कालदाते और दूरदर्शन के समाचार वाचक राजनारायण भी थे। समिति ने अल्मोड़ा का भी निरीक्षण किया था, जहां वे स्व. सोबन सिंह जीना के आवास पर भी गए। नैनीताल में उन्होंने शैले हॉल में नाटक और रशियन बैले भी देखा था। तब पूर्व पीएम वाजपेयी नैनीताल बोट हाउस क्लब भी गए और उन्होंने बोटिंग भी की थी।
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गीत एवं नाट्य प्रभाग के कलाकार अनिल घिल्डियाल बताते हैं कि इस समिति के लिए रामायण आधारित नाटक तैयार किया गया था, जिसमें अनिल ने लक्ष्मण की भूमिका निभाई थी। इस दौरान कुमाऊं विश्वविद्यालय में प्रोफेसर आईपीएसडीआर के निदेशक अतुल जोशी का उनके साथ अनुभव भी रोचक रहा। तब एक अंशकालिक शिक्षक नेता के रूप में अतुल जोशी नैनीताल में अंशकालिक शिक्षकों के नियमितीकरण के लिए आंदोलनरत थे।
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पता चला कि पूर्व पीएम वाजपेयी मालरोड में घूम रहे हैं। वे उनसे कालू बाबा मंदिर के पास मिले और वार्ता का समय मांगा। उनको सूट पहने देखना एक अलग ही अनुभव था। वाजपेयी ने शाम को होटल में आने को कहा था। पांच साथियों के साथ अतुल जोशी ज्ञापन लेकर उनसे मिलने पहुंचे थे। वाजपेयी ने उनकी बातें सुनने से पहले ही शिक्षकों को अंशकालिक आधार पर रखने की नीति को दुर्भाग्यपूर्ण कहा। दरअसल वह इस मामले को लेकर पहले से ही अवगत थे और काफी चिंतित थे क्योंकि उन्होंने नैनीताल की सड़कों पर आंदोलनकारियों की ओर से लिखे गए नारों को पढ़ लिया था। जोशी ने बताया कि उन्होंने हमें आंदोलन को तेज करने के लिए कहा।
2002 में जब वाजपेयी प्रधानमंत्री के रूप में यहां आए तो भाजपा कार्यकर्ता गोपाल रावत के अनुरोध पर नयना देवी मंदिर गए थे। गोपाल बताते हैं कि एक साधारण कार्यकर्ता की बात को सम्मान देने का ऐसा उदाहरण शायद ही मिल सके।
जिस जिप्सी में घूमे थे वाजपेयी उसे रखेंगे दर्शनार्थ
1986 में राजभाषा समिति के सदस्य के रूप में नैनीताल आए थे पूर्व पीएम
तीन दिन तक लैंग्डेल होटल में ठहरे थे अटल बिहारी वाजपेयी, नाटक भी देखा था