{"_id":"5b71ed3942c792704c2be943","slug":"15341929453-ramnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वन्य जीव सुरक्षा को गठित हुई एसटीपीएफ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वन्य जीव सुरक्षा को गठित हुई एसटीपीएफ
Updated Tue, 14 Aug 2018 02:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामनगर (नैनीताल)। हाईकोर्ट के निर्देश पर वन्य जीव सुरक्षा के लिए कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के अधिकारियों ने स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स (एसटीपीएफ) टीम का गठन किया है। टीम की नजर यूपी-उत्तराखंड के सीमावर्ती जंगल पर रहेगी और 15 अगस्त से टीम हर क्षेत्र में पेट्रोलिंग करेगी।
सालभर से अधिक समय तक फोर्स न बनने पर हाईकोर्ट ने वन अधिकारियों को फटकार लगाई तो सीटीआर के अधिकारियों ने तुरंत एसटीपीएफ टीम का गठन कर दिया। झिरना रेंज में वन अधिकारियों ने पूर्व सैनिकों की टीम गठित की। 38 पूर्व सैनिकों की टीम को छह भागों में बांटा गया है, प्रत्येक टीम में छह पूर्व सैनिक शामिल होंगे। टीम के प्रत्येक सदस्य को शस्त्र, मेटल डिटेक्टर, यूनिफार्म दी जाएगी। पार्क प्रशासन ने बताया कि विभाग के पास पहले से ही 15 सदस्यों की टीम थी और अब 25 कर्मियों की भर्ती की गई। दो लोग हमेशा रिजर्व रहेंगे, यदि कोई अवकाश पर रहता है, तो उसकी जगह पर वह तैनात होंगे। काम केवल 38 सदस्यों की टीम ही करेगी। यह टीम बिजरानी, ढेला, झिरना, कालागढ़ रेंज में गश्त करेगी। हर संवेदनशील क्षेत्र में विशेष रूप से काम करेगी। झिरना रेंज में टीम गठन के समय कॉर्बेट के निदेशक राहुल भी मौजूद रहे। सभी सदस्यों को उनके कार्यों के बारे में बताया गया। वहीं यह टीम यूपी-उत्तराखंड सीमा पर विशेष रूप से निगरानी रखेगी, क्योंकि बॉर्डर पर सबसे ज्यादा वन्यजीवों का शिकार होता है।
यूपी-उत्तराखंड बॉर्डर पर होगी टीम की पैनी नजर
15 अगस्त से शुरू हो जाएगी टीम की पेट्रोलिंग
विज्ञापन
सालभर से अधिक समय तक फोर्स न बनने पर हाईकोर्ट ने वन अधिकारियों को फटकार लगाई तो सीटीआर के अधिकारियों ने तुरंत एसटीपीएफ टीम का गठन कर दिया। झिरना रेंज में वन अधिकारियों ने पूर्व सैनिकों की टीम गठित की। 38 पूर्व सैनिकों की टीम को छह भागों में बांटा गया है, प्रत्येक टीम में छह पूर्व सैनिक शामिल होंगे। टीम के प्रत्येक सदस्य को शस्त्र, मेटल डिटेक्टर, यूनिफार्म दी जाएगी। पार्क प्रशासन ने बताया कि विभाग के पास पहले से ही 15 सदस्यों की टीम थी और अब 25 कर्मियों की भर्ती की गई। दो लोग हमेशा रिजर्व रहेंगे, यदि कोई अवकाश पर रहता है, तो उसकी जगह पर वह तैनात होंगे। काम केवल 38 सदस्यों की टीम ही करेगी। यह टीम बिजरानी, ढेला, झिरना, कालागढ़ रेंज में गश्त करेगी। हर संवेदनशील क्षेत्र में विशेष रूप से काम करेगी। झिरना रेंज में टीम गठन के समय कॉर्बेट के निदेशक राहुल भी मौजूद रहे। सभी सदस्यों को उनके कार्यों के बारे में बताया गया। वहीं यह टीम यूपी-उत्तराखंड सीमा पर विशेष रूप से निगरानी रखेगी, क्योंकि बॉर्डर पर सबसे ज्यादा वन्यजीवों का शिकार होता है।
विज्ञापन
यूपी-उत्तराखंड बॉर्डर पर होगी टीम की पैनी नजर
15 अगस्त से शुरू हो जाएगी टीम की पेट्रोलिंग