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नियमावली के खिलाफ है दस अधिवक्ताओं का निष्कासन
Updated Fri, 13 Jul 2018 12:27 AM IST
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सितारगंज। दो दिन पहले खटीमा अधिवक्ता एसोसिएशन की बैठक में सितारगंज के दस अधिवक्ताओं को निष्कासित किए जाने के मामले में यहां के अधिवक्ताओं ने निष्कासन की कार्रवाई को संस्था की नियमावली के विरुद्ध बताया है।
बृहस्पतिवार को खटीमा अधिवक्ता एसोसिएशन के सितारगंज के सदस्यों ने बैठक की। बताया कि दस जुलाई को खटीमा अधिवक्ता एसोसिएशन की बैठक हुई। जिसमें यहां के सदस्यों के निष्कासन पर कोई भी निर्णय नहीं हुआ और न कोई सहमति बनी। बैठक में शामिल सदस्यों के कार्रवाई रजिस्टर में हस्ताक्षर कराने के बाद वर्तमान अध्यक्ष ने गुपचुप तरीके से यहां के दस सदस्यों को निष्कासित करने का निर्णय लिख दिया।
आरोप लगाया कि वर्ष 2017-18 में सचिव पद पर हारे एक अधिवक्ता के कहने पर यहां के सदस्यों का निष्कासन किया गया। आरोप है कि हारे सचिव का मानना है कि सितारगंज में रहने वाले अधिवक्ताओं ने वोट नहीं डाले। अध्यक्ष का निष्कासन की कार्रवाई तानाशाही रवैया है। जिसका विरोध किया जाता है।
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बैठक में निष्कासन के खिलाफ विधिपूर्ण कार्रवाई करने का भी निर्णय लिया गया। वहां रमेश चंद्र गुप्ता, एसके त्रिपाठी, हरीश चंद्र भट्ट, दयानंद सिंह, हरीश चंद्र शर्मा, मंगल सिंह राणा, मो. असलम, प्रकाश पांडे, कृष्ण सिंह, मनोज कुमार चौहान आदि थे।
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बृहस्पतिवार को खटीमा अधिवक्ता एसोसिएशन के सितारगंज के सदस्यों ने बैठक की। बताया कि दस जुलाई को खटीमा अधिवक्ता एसोसिएशन की बैठक हुई। जिसमें यहां के सदस्यों के निष्कासन पर कोई भी निर्णय नहीं हुआ और न कोई सहमति बनी। बैठक में शामिल सदस्यों के कार्रवाई रजिस्टर में हस्ताक्षर कराने के बाद वर्तमान अध्यक्ष ने गुपचुप तरीके से यहां के दस सदस्यों को निष्कासित करने का निर्णय लिख दिया।
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आरोप लगाया कि वर्ष 2017-18 में सचिव पद पर हारे एक अधिवक्ता के कहने पर यहां के सदस्यों का निष्कासन किया गया। आरोप है कि हारे सचिव का मानना है कि सितारगंज में रहने वाले अधिवक्ताओं ने वोट नहीं डाले। अध्यक्ष का निष्कासन की कार्रवाई तानाशाही रवैया है। जिसका विरोध किया जाता है।
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बैठक में निष्कासन के खिलाफ विधिपूर्ण कार्रवाई करने का भी निर्णय लिया गया। वहां रमेश चंद्र गुप्ता, एसके त्रिपाठी, हरीश चंद्र भट्ट, दयानंद सिंह, हरीश चंद्र शर्मा, मंगल सिंह राणा, मो. असलम, प्रकाश पांडे, कृष्ण सिंह, मनोज कुमार चौहान आदि थे।