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हाइवे की जद में आई भूमि की दुबारा पैमाइश गलत
Updated Sat, 30 Jun 2018 11:53 PM IST
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सितारगंज में एनएच-74 की जद में आई सिसैया गांव की भूमि की दोबारा पैमाइश को ग्रामीणों ने गलत ठहराया है।
शनिवार को सिसैया गांव के लोग तहसील पहुंचे और एसडीएम निर्मला बिष्ट को ज्ञापन सौंपा। कहा कि गांव में एनएच-74 के निर्माण के दौरान अनिल कुमार की दुकान के सामने 22 मीटर और ठीक उनके सामने 18 मीटर भूमि अधिग्रहीत की गई। जिससे अनिल की तरफ के लोग प्रशासन व कार्यदायी कंपनी की पैमाइश के खिलाफ हाईकोर्ट चले गए। डीएम ने 26 जून को एसएलओ के नेतृत्व में गठित टीम से जांच कराई। जिसमें हल्दुआ रोड से नहर को नापते हुए नई सड़क के बीच सेंटर निकाला जा रहा है, जबकि नई सड़क बनने से पूर्व में कई बार पुरानी रोड में सेंटर बिंदु बनाए गए और दोनों तरफ 16 व 24 मीटर नपत कर एनएचएआई, राजस्व व गल्फार कंपनी के अधिकारियों ने अतिक्रमण हटाया। इसी के तहत एनएनआई गल्फार एवं तहसीलदार ने कानूनगो गिरधर सिंह चिन्हीकरण कराकर उसे हस्ताक्षर किए। आरोप है कि जिसे खुर्द बुर्द कर वहां दुबारा अतिक्रमण कर लिया। जोकि गैरकानूनी है। नहर से नई सड़क के बीच सेंटर निकालकर हाईकोर्ट को गुमराह किया जा रहा है और कोर्ट की शरण लेने वालों को भी राहत पहुंचाने के लिए गलत चिन्हीकरण हो रहा है। उन्होंने एसडीएम से मामले की तथ्यात्मक जांच कराने की मांग की। वहां सेवाराम, लाल देई, गीता देवी, करन सिंह, राजबाला, इसरार, रोशन लाल, नानीराम, शांति स्वरूप, अमित गुप्ता, प्रेमप्रकाश, शंकर लाल आदि थे।
शनिवार को सिसैया गांव के लोग तहसील पहुंचे और एसडीएम निर्मला बिष्ट को ज्ञापन सौंपा। कहा कि गांव में एनएच-74 के निर्माण के दौरान अनिल कुमार की दुकान के सामने 22 मीटर और ठीक उनके सामने 18 मीटर भूमि अधिग्रहीत की गई। जिससे अनिल की तरफ के लोग प्रशासन व कार्यदायी कंपनी की पैमाइश के खिलाफ हाईकोर्ट चले गए। डीएम ने 26 जून को एसएलओ के नेतृत्व में गठित टीम से जांच कराई। जिसमें हल्दुआ रोड से नहर को नापते हुए नई सड़क के बीच सेंटर निकाला जा रहा है, जबकि नई सड़क बनने से पूर्व में कई बार पुरानी रोड में सेंटर बिंदु बनाए गए और दोनों तरफ 16 व 24 मीटर नपत कर एनएचएआई, राजस्व व गल्फार कंपनी के अधिकारियों ने अतिक्रमण हटाया। इसी के तहत एनएनआई गल्फार एवं तहसीलदार ने कानूनगो गिरधर सिंह चिन्हीकरण कराकर उसे हस्ताक्षर किए। आरोप है कि जिसे खुर्द बुर्द कर वहां दुबारा अतिक्रमण कर लिया। जोकि गैरकानूनी है। नहर से नई सड़क के बीच सेंटर निकालकर हाईकोर्ट को गुमराह किया जा रहा है और कोर्ट की शरण लेने वालों को भी राहत पहुंचाने के लिए गलत चिन्हीकरण हो रहा है। उन्होंने एसडीएम से मामले की तथ्यात्मक जांच कराने की मांग की। वहां सेवाराम, लाल देई, गीता देवी, करन सिंह, राजबाला, इसरार, रोशन लाल, नानीराम, शांति स्वरूप, अमित गुप्ता, प्रेमप्रकाश, शंकर लाल आदि थे।