{"_id":"5b11b0934f1c1ba96e8b5dc5","slug":"152788597620-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नंधौर नदी व कैलाश नदी से जमा मलबे को हटाने के मामले में जवाब तलब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नंधौर नदी व कैलाश नदी से जमा मलबे को हटाने के मामले में जवाब तलब
Updated Sat, 02 Jun 2018 02:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नैनीताल। हाईकोर्ट ने नंधौर और कैलाश नदी से जमा मलबे को हटाने और नदी को चैनेलाइज करने के संबंध में दायर याचिका पर राज्य सरकार, प्रमुख सचिव खनन सहित अन्य को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। चोरगलिया निवासी भुवन चंद्र पोखरिया ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि कई वर्षों से नंधौर नदी चोरगलिया क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ से भीषण तबाही मची है। इस कारण कई वर्षों से कैलाश नदी का मुहाना बंद होने से भारी मात्रा में कई किलोमीटर तक मलबा जमा होता है। इसके कारण कैलाश नदी का मुहाना बंद है और बाढ़ का पानी अकेले नंधौर में बहता है।
इससे नदी के किनारे के दर्जनों ग्रामों में भारी तबाही होती है। याचिकाकर्ता का कहना था कि करोड़ों रुपया योजनाओें में खर्च कर दिया है लेकिन कैलाश का मुहाना खोलकर नदी को चैनेलाइज नहीं किया गया है।
विज्ञापन
नंधौर और कैलाश नदी से जमा मलबे को हटाने के मामले में जवाब तलब
विज्ञापन
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। चोरगलिया निवासी भुवन चंद्र पोखरिया ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि कई वर्षों से नंधौर नदी चोरगलिया क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ से भीषण तबाही मची है। इस कारण कई वर्षों से कैलाश नदी का मुहाना बंद होने से भारी मात्रा में कई किलोमीटर तक मलबा जमा होता है। इसके कारण कैलाश नदी का मुहाना बंद है और बाढ़ का पानी अकेले नंधौर में बहता है।
विज्ञापन
इससे नदी के किनारे के दर्जनों ग्रामों में भारी तबाही होती है। याचिकाकर्ता का कहना था कि करोड़ों रुपया योजनाओें में खर्च कर दिया है लेकिन कैलाश का मुहाना खोलकर नदी को चैनेलाइज नहीं किया गया है।
विज्ञापन
नंधौर और कैलाश नदी से जमा मलबे को हटाने के मामले में जवाब तलब