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नैनी झील के अलावा पेयजल के अन्य स्रोत तलाशें : बलूनी

Sat, 02 Jun 2018 02:35 AM IST
Updated Sat, 02 Jun 2018 02:35 AM IST
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नैनी झील के अलावा पेयजल के अन्य स्रोत तलाशें : बलूनी
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल बलूनी। - फोटो : अमर उजाला
नैनीताल। राजभवन में अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी ने पेयजल के लिए सिर्फ नैनी झील पर निर्भर न रहने और अन्य स्रोतों की खोज करने की बात कही।
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उन्होंने कहा कि नैनीझील को बचाने के लिए सभी विकल्पों पर विचार किया जाए। इसके लिए भारत सरकार पूरा सहयोग देगी। पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए कोसी या गौला से पंपिंग योजना की फिजिबिल्टी का सर्वे किया जाए।
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जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन ने बताया कि नैनीझील के नालों की नियमित सफाई कराई जा रही है। नगर के घरों का वर्षा जल भी नालों से झील में पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। सूखाताल को रिचार्ज करने का 9.50 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा है। नगर में रोस्टर के मुताबिक पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इस साल झील का जलस्तर एक जून को 1.55 फुट ऋणात्मक है, जबकि बीते वर्ष 6.65 ऋणात्मक था।
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बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जन्मेजय खंडूरी, प्रभागीय वनाधिकारी टीआर बीजूलाल, अपर जिलाधिकारी हरबीर सिंह, अधीक्षण अभियंता सिंचाई डीएस पतियाल, अधिशासी अभियंता हरीश चंद्र सिंह, लोक निर्माण विभाग के ईई सीएस नेगी, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका रोहिताश शर्मा आदि मौजूद थे।


उपचुनाव को 2019 से जोड़ने वाले मुंह की खाएंगे : बलूनी
नैनीताल। राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी ने कहा कि उपचुनावों को लोकसभा चुनाव 2019 से जोड़ने वाले मुंह की खाएंगे। 2019 में भाजपा को वर्तमान से ज्यादा सीटें मिलेंगी। उपचुनाव कभी प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री बनने के लिए नहीं होता है। उपचुनाव स्थानीय मुद्दों पर लड़ा जाता है। इससे कोई बड़ा निष्कर्ष नहीं निकलता है।


अनिल बलूनी का कहना है कि हाल में हुए विधानसभा चुनावों में हर जगह कांग्रेस हारी है। गुजरात में 22 साल बाद भी कांग्रेस को हार का मुंह देखना पड़ा है।

पहले यूरिया खाद को लेकर लाठीचार्ज होता था, किसान मारे जाते थे। जब से भाजपा सरकार आई है किसानों को यूरिया की किल्लत नहीं हो रही है। विपक्ष की एकजुटता कांग्रेस बता रही है, कोई विपक्ष एक नहीं हो रहा है। कई राजनेता अपने अपने प्रदेशों में चुनाव लड़ते हैं वह उत्तराखंड आकर चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। इसी तरह क्षेत्रीय पार्टियां अपने प्रदेश से बाहर चुनाव नहीं लड़ सकती हैं।


- राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी ने अधिकारियों के साथ की बैठक
- झील के संरक्षण को वैकल्पिक व्यवस्था के लिए सर्वे करने के निर्देश
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