{"_id":"5ae627c44f1c1bc03d8b5b40","slug":"15250329001813-ramnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नवजात बालिका का 13 घंटे के भीतर बना आधार कार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नवजात बालिका का 13 घंटे के भीतर बना आधार कार्ड
Updated Mon, 30 Apr 2018 01:57 AM IST
विज्ञापन
आधार
- फोटो : self
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामनगर (नैनीताल)। हर व्यक्ति की आधार से पहचान को एक परिवार ने ऐसी तवज्जो दी कि बीटिया के जन्म लेने के 13 घंटे के अंदर ही आधार कार्ड के लिए रजिस्ट्रेशन कर दिया। बेटी को अवंतिका नाम भी दिया गया। घर वालों का दावा है कि यह प्रदेश मेें सबसे कम उम्र में आधार कार्ड बनाने का रिकॉर्ड है।
गायत्री विहार ग्राम बसई निवासी सतेंद्र की पत्नी पिंकी रिखाड़ी की काशीपुर के निजी अस्पताल में शनिवार रात 10 बजे पुत्री हुई। रविवार सुबह 11 बजे रामनगर आधार टीम के ऑपरेटर आनंद सिंह बोहरा ने अस्पताल में जाकर आधार बनाने का काम पूरा किया। बच्ची ऑपरेशन से जन्मी। रिखाड़ी ने बताया कि वह भी नगर पालिका में आधार कार्ड बनवाते हैं, इसलिए बच्ची के जन्म होते ही इसकी जानकारी आधार टीम को दे दी थी, जिन्होंने अस्पताल पहुंचकर आधार कार्ड बनवाने की औपचारिकता पूरी की। इसमें बच्ची का नाम अवंतिका रिखाड़ी दर्ज किया गया है।
ऐसे बनता है बच्चों का आधार कार्ड
एक साल से कम उम्र के बच्चों का भी आधार कार्ड बन सकता है लेकिन यह अभिभावकों के कार्ड से लिंक होता है। पांच साल की उम्र होने पर बच्चे को बायोमैट्रिक रिकॉर्ड यानी फिंगर प्रिंट उसके कार्ड से लिंक किए जाते हैं। इसमें भी 15 वर्ष की उम्र तक बदलाव हो जाता है। ऐसे में 15 वर्ष की उम्र होने पर इन्हें दोबारा लिंक किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गायत्री विहार ग्राम बसई निवासी सतेंद्र की पत्नी पिंकी रिखाड़ी की काशीपुर के निजी अस्पताल में शनिवार रात 10 बजे पुत्री हुई। रविवार सुबह 11 बजे रामनगर आधार टीम के ऑपरेटर आनंद सिंह बोहरा ने अस्पताल में जाकर आधार बनाने का काम पूरा किया। बच्ची ऑपरेशन से जन्मी। रिखाड़ी ने बताया कि वह भी नगर पालिका में आधार कार्ड बनवाते हैं, इसलिए बच्ची के जन्म होते ही इसकी जानकारी आधार टीम को दे दी थी, जिन्होंने अस्पताल पहुंचकर आधार कार्ड बनवाने की औपचारिकता पूरी की। इसमें बच्ची का नाम अवंतिका रिखाड़ी दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
ऐसे बनता है बच्चों का आधार कार्ड
एक साल से कम उम्र के बच्चों का भी आधार कार्ड बन सकता है लेकिन यह अभिभावकों के कार्ड से लिंक होता है। पांच साल की उम्र होने पर बच्चे को बायोमैट्रिक रिकॉर्ड यानी फिंगर प्रिंट उसके कार्ड से लिंक किए जाते हैं। इसमें भी 15 वर्ष की उम्र तक बदलाव हो जाता है। ऐसे में 15 वर्ष की उम्र होने पर इन्हें दोबारा लिंक किया जाता है।
विज्ञापन