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बच्चों को बचाने के चक्कर में बाईक चालक की मौत
Updated Wed, 18 Apr 2018 02:22 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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बिंदुखत्ता (नैनीताल)। घोड़ानाला में सड़क पार करते बच्चों को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित बाइक फिसल गई। इस दौरान दीवार पर सिर टकराने से बाइक चालक की मृत्यु हो गई।
घोड़ानाला निवासी ओंकार कोरी (35) पुत्र श्यामलाल कोरी क्षेत्र में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान चलाता था। सोमवार को वह बाइक से अपने घर से बाजार की ओर जा रहा था। जैसे ही वह घोड़ानाला मार्ग पर पहुंचा तो अचानक दौड़कर आए कुछ बच्चों ने सड़क पार कर दी। जिन्हें बचाने के लिए ओंकार ने ब्रेक मारे तो अनियंत्रित बाइक फिसल गई। इस कारण उसका सिर दीवार से जा टकराया। इसके चलते ओंकार गंभीर रूप से घायल हो गया। हल्द्वानी के निजी अस्पताल में उसका उपचार किया गया। जहां उपचार के दौरान मंगलवार को ओंकार ने दम तोड़ दिया। ओंकार अविवाहित था। वह अपने परिवार का वह सबसे बड़ा पुत्र था। ओंकार की मां रामा देवी का रो-रो कर बुरा हाल है। श्यामलाल का मझला पुत्र अनिल कोरी का चयन वर्ष 2016-17 में न्यायाधीश के पद पर हुआ है। वह इन दिनों उत्तराखंड न्यायिक अकादमी (उजाला) भवाली में प्रशिक्षण ले रहे हैं। मंगलवार शाम स्थानीय मुक्तिधाम में ओंकार का अंतिम संस्कार किया गया।
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घोड़ानाला निवासी ओंकार कोरी (35) पुत्र श्यामलाल कोरी क्षेत्र में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान चलाता था। सोमवार को वह बाइक से अपने घर से बाजार की ओर जा रहा था। जैसे ही वह घोड़ानाला मार्ग पर पहुंचा तो अचानक दौड़कर आए कुछ बच्चों ने सड़क पार कर दी। जिन्हें बचाने के लिए ओंकार ने ब्रेक मारे तो अनियंत्रित बाइक फिसल गई। इस कारण उसका सिर दीवार से जा टकराया। इसके चलते ओंकार गंभीर रूप से घायल हो गया। हल्द्वानी के निजी अस्पताल में उसका उपचार किया गया। जहां उपचार के दौरान मंगलवार को ओंकार ने दम तोड़ दिया। ओंकार अविवाहित था। वह अपने परिवार का वह सबसे बड़ा पुत्र था। ओंकार की मां रामा देवी का रो-रो कर बुरा हाल है। श्यामलाल का मझला पुत्र अनिल कोरी का चयन वर्ष 2016-17 में न्यायाधीश के पद पर हुआ है। वह इन दिनों उत्तराखंड न्यायिक अकादमी (उजाला) भवाली में प्रशिक्षण ले रहे हैं। मंगलवार शाम स्थानीय मुक्तिधाम में ओंकार का अंतिम संस्कार किया गया।
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